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कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत का मामला: पूर्व इंस्पेक्टर की जमानत पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई से मांगा जवाब
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स्थिति रिपोर्ट और जेल रिकॉर्ड तलब, 13 अगस्त को होगी अगली सुनवाई, 2021 में गोरखपुर के होटल में हुई थी कारोबारी की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत के मामले में आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह की नियमित जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए मामले की ताजा स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने और आरोपी का जेल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश अधिवक्ता ने नोटिस स्वीकार किया और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामला 27 सितंबर 2021 को गोरखपुर के एक होटल में हुई घटना से जुड़ा है। आरोप है कि होटल में ठहरे कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता के साथ पुलिसकर्मियों ने पूछताछ के दौरान मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। साथ ही निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए मुकदमे को उत्तर प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया था।
अभियोजन के अनुसार, घटना की रात पुलिस टीम जांच के लिए होटल पहुंची थी, जहां मनीष गुप्ता अपने दो साथियों के साथ ठहरे हुए थे। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और विरोध करने पर उनका सिर दीवार से टकरा दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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अपने पूर्व के आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि सिर पर लगी चोट मृत्यु का कारण बनने के लिए पर्याप्त नहीं थी। अदालत ने यह भी माना था कि सिर शरीर का अत्यंत संवेदनशील अंग है और उस पर गंभीर चोट जानलेवा हो सकती है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया था कि ट्रायल के दौरान आरोपियों को डॉक्टरों और अन्य गवाहों से जिरह का पूरा अवसर मिलेगा।
छह पुलिसकर्मी हैं आरोपी
मामले में कुल छह पुलिसकर्मी आरोपी हैं। ट्रायल कोर्ट ने जनवरी 2023 में जगत नारायण सिंह समेत सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या, मारपीट, आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने और अन्य संबंधित धाराओं में आरोप तय किए थे। इन आरोपों को चुनौती देने वाली याचिका दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत के मामले में आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह की नियमित जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए मामले की ताजा स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने और आरोपी का जेल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश अधिवक्ता ने नोटिस स्वीकार किया और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामला 27 सितंबर 2021 को गोरखपुर के एक होटल में हुई घटना से जुड़ा है। आरोप है कि होटल में ठहरे कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता के साथ पुलिसकर्मियों ने पूछताछ के दौरान मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। साथ ही निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए मुकदमे को उत्तर प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया था।
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अभियोजन के अनुसार, घटना की रात पुलिस टीम जांच के लिए होटल पहुंची थी, जहां मनीष गुप्ता अपने दो साथियों के साथ ठहरे हुए थे। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और विरोध करने पर उनका सिर दीवार से टकरा दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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अपने पूर्व के आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि सिर पर लगी चोट मृत्यु का कारण बनने के लिए पर्याप्त नहीं थी। अदालत ने यह भी माना था कि सिर शरीर का अत्यंत संवेदनशील अंग है और उस पर गंभीर चोट जानलेवा हो सकती है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया था कि ट्रायल के दौरान आरोपियों को डॉक्टरों और अन्य गवाहों से जिरह का पूरा अवसर मिलेगा।
छह पुलिसकर्मी हैं आरोपी
मामले में कुल छह पुलिसकर्मी आरोपी हैं। ट्रायल कोर्ट ने जनवरी 2023 में जगत नारायण सिंह समेत सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या, मारपीट, आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने और अन्य संबंधित धाराओं में आरोप तय किए थे। इन आरोपों को चुनौती देने वाली याचिका दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है।