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Delhi NCR News: केबल स्टेड ब्रिज से बदलेगी नॉर्थ कैंपस ट्रैफिक की तस्वीर
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पुराने फ्लाईओवर की जगह अब सिग्नेचर केबल स्टेड ब्रिज का प्रस्ताव, चौराहे पर जाम घटाने के साथ भविष्य के ट्रैफिक दबाव का रखा गया है ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के सबसे व्यस्त शैक्षणिक क्षेत्रों में शामिल नॉर्थ कैंपस की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित परियोजना का डिजाइन बदल दिया गया है। संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में अब पारंपरिक फ्लाईओवर के स्थान पर आधुनिक केबल स्टेड ब्रिज बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, नया डिजाइन मौजूदा यातायात दबाव के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
नॉर्थ कैंपस दिल्ली विश्वविद्यालय, प्रमुख अस्पतालों, मेट्रो स्टेशन और बाहरी दिल्ली को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़कों का केंद्र है। सुबह-शाम के व्यस्त समय में यहां वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। विभिन्न दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक के कारण चौराहे पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है जिसका असर आसपास की सड़कों पर भी दिखाई देता है।
अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक डीपीआर में सामान्य फ्लाईओवर प्रस्तावित था, लेकिन तकनीकी समीक्षा के दौरान उपलब्ध भूमि, जटिल ट्रैफिक व्यवस्था और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसी चुनौतियों को देखते हुए केबल-स्टेड ब्रिज को अधिक उपयुक्त पाया गया। इस डिजाइन से कम जगह में लंबा स्पैन तैयार किया जा सकेगा और बीच में कम पिलर लगाने होंगे। इससे निर्माण के दौरान भी यातायात संचालन अपेक्षाकृत आसान रहेगा।
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परियोजना का उद्देश्य केवल मौजूदा जाम कम करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव का भी समाधान करना है। पुल बनने के बाद चौराहे पर सिग्नल पर रुकने वाले वाहनों की संख्या घटने और विभिन्न दिशाओं से यातायात का प्रवाह अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।
इस परियोजना से दिल्ली विश्वविद्यालय के हजारों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अस्पताल आने वाले मरीजों, कार्यालय जाने वाले लोगों तथा उत्तर दिल्ली और मध्य दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है। परीक्षा, प्रवेश प्रक्रिया और कार्यालय समय के दौरान इस क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
सूत्रों के अनुसार, संशोधित डीपीआर में संरचनात्मक डिजाइन, निर्माण तकनीक और ट्रैफिक प्रबंधन के प्रावधानों को नए सिरे से तैयार किया गया है। अब प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद निविदा जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर परियोजना पूरी होने पर यह उत्तर दिल्ली के सबसे बड़े ट्रैफिक बाधा बिंदुओं में से एक को स्थायी राहत देने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना साबित हो सकती है।
इसलिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है केबल स्टेड ब्रिज
- कम जगह में लंबा स्पैन तैयार किया जा सकता है।
- बीच में कम पिलर होने से नीचे का ट्रैफिक कम प्रभावित होगा।
-निर्माण के दौरान यातायात संचालन अपेक्षाकृत आसान रहेगा।
-भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को संभालने में अधिक सक्षम।
- चौराहे पर जाम और सिग्नल पर प्रतीक्षा समय घटने की संभावना।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के सबसे व्यस्त शैक्षणिक क्षेत्रों में शामिल नॉर्थ कैंपस की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित परियोजना का डिजाइन बदल दिया गया है। संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में अब पारंपरिक फ्लाईओवर के स्थान पर आधुनिक केबल स्टेड ब्रिज बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, नया डिजाइन मौजूदा यातायात दबाव के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
नॉर्थ कैंपस दिल्ली विश्वविद्यालय, प्रमुख अस्पतालों, मेट्रो स्टेशन और बाहरी दिल्ली को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़कों का केंद्र है। सुबह-शाम के व्यस्त समय में यहां वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। विभिन्न दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक के कारण चौराहे पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है जिसका असर आसपास की सड़कों पर भी दिखाई देता है।
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अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक डीपीआर में सामान्य फ्लाईओवर प्रस्तावित था, लेकिन तकनीकी समीक्षा के दौरान उपलब्ध भूमि, जटिल ट्रैफिक व्यवस्था और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसी चुनौतियों को देखते हुए केबल-स्टेड ब्रिज को अधिक उपयुक्त पाया गया। इस डिजाइन से कम जगह में लंबा स्पैन तैयार किया जा सकेगा और बीच में कम पिलर लगाने होंगे। इससे निर्माण के दौरान भी यातायात संचालन अपेक्षाकृत आसान रहेगा।
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परियोजना का उद्देश्य केवल मौजूदा जाम कम करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव का भी समाधान करना है। पुल बनने के बाद चौराहे पर सिग्नल पर रुकने वाले वाहनों की संख्या घटने और विभिन्न दिशाओं से यातायात का प्रवाह अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।
इस परियोजना से दिल्ली विश्वविद्यालय के हजारों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अस्पताल आने वाले मरीजों, कार्यालय जाने वाले लोगों तथा उत्तर दिल्ली और मध्य दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है। परीक्षा, प्रवेश प्रक्रिया और कार्यालय समय के दौरान इस क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कई गुना बढ़ जाता है।
सूत्रों के अनुसार, संशोधित डीपीआर में संरचनात्मक डिजाइन, निर्माण तकनीक और ट्रैफिक प्रबंधन के प्रावधानों को नए सिरे से तैयार किया गया है। अब प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद निविदा जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर परियोजना पूरी होने पर यह उत्तर दिल्ली के सबसे बड़े ट्रैफिक बाधा बिंदुओं में से एक को स्थायी राहत देने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना साबित हो सकती है।
इसलिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है केबल स्टेड ब्रिज
- कम जगह में लंबा स्पैन तैयार किया जा सकता है।
- बीच में कम पिलर होने से नीचे का ट्रैफिक कम प्रभावित होगा।
-निर्माण के दौरान यातायात संचालन अपेक्षाकृत आसान रहेगा।
-भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को संभालने में अधिक सक्षम।
- चौराहे पर जाम और सिग्नल पर प्रतीक्षा समय घटने की संभावना।