{"_id":"6a653305050508378d0f2883","slug":"cjp-protest-over-2-500-individuals-with-criminal-backgrounds-participated-in-the-protest-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"CJP Protest: प्रदर्शन में शामिल थे 2500 से अधिक आपराधिक वृत्ति के लोग, हत्या के प्रयास समेत 13 धाराओं में FIR","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CJP Protest: प्रदर्शन में शामिल थे 2500 से अधिक आपराधिक वृत्ति के लोग, हत्या के प्रयास समेत 13 धाराओं में FIR
Sun, 26 Jul 2026 03:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 26 Jul 2026 03:35 AM IST
सार
पुलिस का दावा है कि इनमें कई ऐसे लोग शामिल थे जो भीड़ की आड़ में पुलिसकर्मियों को निशाना बना रहे थे और चाकू व अन्य धारदार हथियारों से हमला कर रहे थे।
विज्ञापन
जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान हुई, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जंतर-मंतर और रेल भवन के पास 20 जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस की फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, 21, 22 और 23 जुलाई के दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल 2,500 से अधिक आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की पहचान की गई। पुलिस का दावा है कि इनमें कई ऐसे लोग शामिल थे जो भीड़ की आड़ में पुलिसकर्मियों को निशाना बना रहे थे और चाकू व अन्य धारदार हथियारों से हमला कर रहे थे।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिंसा के बाद जंतर-मंतर पर एफआरएस लगाया गया था। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोगों की पहचान हुई, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। हिंसा से जुड़े मामलों में अब तक कुल 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
विज्ञापन
कर्तव्य पथ थाने में दर्ज एक एफआईआर के अनुसार, 20 जुलाई को रेल भवन और संसद के निकट हुई हिंसा केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं थी, बल्कि इसमें पुलिसकर्मियों की हत्या की साजिश का भी आरोप लगाया गया है। एफआईआर एक इंस्पेक्टर की शिकायत पर दर्ज की गई, जो उस दिन सी-हेक्सागॉन क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात थे।
विज्ञापन
एफआईआर के मुताबिक, वायरलेस सूचना मिलने पर पुलिस टीम रेल भवन के पास पहुंची, जहां हजारों प्रदर्शनकारी मौजूद थे। लाउडस्पीकर से बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने और प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की घोषणा की गई, लेकिन भीड़ नहीं हटी। पुलिस का आरोप है कि कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने के लिए उकसाया। इसके बाद पुलिसकर्मियों पर पथराव, चप्पलें फेंकने और मारपीट की गई। एफआईआर में दावा किया गया है कि भीड़ ने हत्या की नीयत से हमला किया।
हत्या के प्रयास समेत 13 धाराओं में प्राथमिकी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ रैली के दौरान कर्तव्य पथ और रफी मार्ग क्षेत्र में हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की 13 धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने संसद के उच्च सुरक्षा क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की तथा रफी मार्ग पर पुलिस पर पथराव, चप्पल और अन्य वस्तुएं फेंकीं। कई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की गई, जिससे अनेक अधिकारी घायल हुए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, झड़प में 200 से अधिक पुलिसकर्मी और 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
कर्तव्य पथ थाने में एक पुलिस निरीक्षक की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में बीएनएस की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) के अलावा दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएं शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच स्पेशल सेल और अपराध शाखा को सौंपी है। पुलिस का दावा है कि रैली में बड़ी संख्या में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शामिल थे। शनिवार को पूरे क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी गई और वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि घटनाक्रम से जुड़े सभी साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकें। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि अब तक 2500 से अधिक संदिग्ध एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की पहचान की जा चुकी है।