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CBSE: सर्टिफिकेट में संशोधन कराना पड़ेगा महंगा, एक की जगह अब करना पड़ेगा पांच हजार शुल्क का भुगतान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 24 Feb 2026 07:07 AM IST
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सार
सीबीएसई ने वर्ष 2026 से संशोधन शुल्क में बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के तहत अब छात्रों को सुधार के लिए पांच हजार रुपये शुल्क देना होगा। इसके लिए सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी ने एग्जामिनेशन कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दी है।
CBSE Board
- फोटो : Official Website
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विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दसवीं व बारहवीं के छात्रों को अब अपने सर्टिफिकेट में नाम, माता-पिता का नाम व जन्मतिथि में संशोधन कराना मंहगा पड़ेगा। सीबीएसई ने वर्ष 2026 से संशोधन शुल्क में बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के तहत अब छात्रों को सुधार के लिए पांच हजार रुपये शुल्क देना होगा। इसके लिए सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी ने एग्जामिनेशन कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दी है। अब तक छात्रों को सुधार शुल्क के रूप में 1 हजार रुपये का भुगतान करना होता था।
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सीबीएसई के अनुसार हल साल स्कूलों को दसवीं व बारहवीं की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट तैयार करते समय अत्यंत सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। जिससे कि कोई गलती सामने नहीं आए और छात्रों को अंक तालिका-सर्टिफिकेट सही ब्यौरे के साथ जारी की जा सके। सीबीएसई इसके लिए दस से पन्द्रह रिमाइंडर तक जारी करता है। इसके बाद भी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों को डेमोग्राफिक ब्यौरे(छात्र का नाम, माता-पिता का नाम) व जन्मतिथि में बदलाव के लिए आग्रह प्राप्त हुए हैं।
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यह भी देखा गया कि डेमोग्राफिक ब्यौरे में सुधार के लिए आग्रह पूरा नहीं होता, उसमें दस्तावेज पूरे नहीं होते या स्पष्ट नहीं होते, छात्र कोर्ट का दरवाजा खटखटा कर कानूनी नोटिस के माध्यम से भी आग्रह करते हैं। सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालयों को बीते दो साल में पंचकुला रीजन से 2535, पटना से 3340, प्रयागराज से 6411, अजमेर से 3986, चैन्नई से 710 सुधार आग्रह प्राप्त हुए हैं। बोर्ड के अनुसार सुधार फीस हजार रुपये होने के बाद बड़ी संख्या में अपने ब्यौरे में सुधार के लिए आवेदन करते रहते हैं।
ऐसे में बोर्ड ने सुधार फीस में बढ़ोतरी की है। बोर्ड की प्रबंध समिति ने एग्जामिनेशन कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दे दी। अब 2026 से पास होने वाले छात्रों के लिए सुधार शुल्क 5,000 रुपये होगा और हर अतिरिक्त वर्ष की देरी पर 1,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 2025 तक पास छात्रों पर पुरानी एक हजार रुपये की फीस ही लागू रहेगी।