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Delhi: CGWA ने सौंपी भूजल संकट से जूझ रहे इलाकों की अधूरी रिपोर्ट, NGT ने लगाई फटकार; पूरी जानकारी का निर्देश

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 06 Feb 2026 04:16 AM IST
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सार

अधिकरण ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) की ओर से दाखिल रिपोर्ट को अस्पष्ट और अधूरी करार देते हुए कड़ी नाराजगी जताई और देशभर में भूजल संकट की वास्तविक स्थिति पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
 

CGWA submitted an incomplete report on areas facing groundwater crisis, NGT reprimanded
एनजीटी - फोटो : संवाद
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विस्तार

भारत में भूजल का स्तर जिस रफ्तार से नीचे जा रहा है और जिस पैमाने पर उसमें रासायनिक प्रदूषण बढ़ रहा है, उसने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को गंभीर चिंता में डाल दिया है। अधिकरण ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) की ओर से दाखिल रिपोर्ट को अस्पष्ट और अधूरी करार देते हुए कड़ी नाराजगी जताई और देशभर में भूजल संकट की वास्तविक स्थिति पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

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एनजीटी ने साफ कहा, प्रस्तुत रिपोर्ट यह बताने में नाकाम रही है कि देश के किन राज्यों और जिलों में कितने क्षेत्र अत्यधिक दोहन की श्रेणी में आते हैं। न तो आंकड़ों की इकाइयां स्पष्ट हैं और न ही राज्यवार-जिलावार विवरण है, जबकि भारत कृषि, निर्माण और ऊर्जा उत्पादन जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर भूजल पर निर्भर हैं। एनजीटी ने यह भी रेखांकित किया कि सीजीडब्ल्यूए की रिपोर्ट में यह तक स्पष्ट नहीं किया गया कि भूजल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों की सटीक भौगोलिक पहचान क्या है। 
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बढ़ता रासायनिक खतरा
एनजीटी ने 2024 की वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट का हवाला देते हुए भूजल में बढ़ते प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई। रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे अत्यधिक दोहन वाले क्षेत्रों में भूजल की लवणता बढ़ रही है, साथ ही फ्लोराइड, विभिन्न रसायनों और भारी धातुओं की मात्रा भी लगातार ऊपर जा रही है। 

अप्रैल 2026 तक मांगी जवाबदेही रिपोर्ट...एनजीटी ने सीजीडब्ल्यूए को निर्देश दिया है कि वह 28 अप्रैल 2025 के आदेश के तहत पूछे गए सभी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करे। इसमें राज्य और केंद्रशासित स्तर पर नियामक संस्थाओं के गठन की समयसीमा, लगाए गए पर्यावरणीय मुआवजे और दंड का पूरा विवरण शामिल होना चाहिए। 

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