कमल की मौत पर दिल्ली में सियासत: 'नोएडा हादसे के बाद भी भाजपा ने कुछ नहीं सीखा', आम आदमी पार्टी ने कसा तंज
दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरने से बैंककर्मी कमल की मौत हो गई। आम आदमी पार्टी ने इस घटना को 'हत्या' करार देते हुए भाजपा सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं भाजपा सरकार ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है।
विस्तार
दिल्ली जनकपुरी में जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरने से एक निजी बैंक में कार्यरत युवक कमल की मौत मामले में सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली सरकार पर तंज करते हुए कहा, नोएडा में हुए हादसे के बाद भी भाजपा सरकार ने कुछ नहीं सीखा और युवक की जान ले ली। मृतक का परिवार रातभर युवक की तलाश के लिए भटकता रहा, पुलिस से मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन दिल्ली पुलिस ने कोई मदद नहीं की और परिवार को टरकाते रहे।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार पर हमला बोलते हुए अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'ये हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। नोएडा की घटना से भी भाजपा ने कुछ नहीं सीखा। घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदार रवैया अब भाजपा सरकारों की पहचान बन चुका है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है। ईश्वर उस परिवार को शक्ति दें, जिसने सरकार की लापरवाही की वजह से अपना बच्चा खो दिया।'
ये हादसा नहीं, बल्कि हत्या है।
नोएडा की घटना से भी बीजेपी ने कुछ नहीं सीखा। घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदार रवैया अब बीजेपी सरकारों की पहचान बन चुका है, जिसका खामियाज़ा आम जनता भुगत रही है।
ईश्वर उस परिवार को शक्ति दें, जिसने सरकार की लापरवाही की वजह से अपना बच्चा खो दिया। https://t.co/6aQv4KKtYy — Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) February 6, 2026
यह है मामला
कमल गुरुवार की रात करीब 10 बजे बाइक से घर लौट रहा था। वह रोहिणी स्थित एक निजी बैंक की ब्रांच में कार्यरत था। जब वह लौट रहा था तब अचानक जनकपुरी के पास सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढे ने उसकी जिंदगी छीन ली। जल बोर्ड से जुड़े इस गड्ढे में गिरने से युवक की मौत हो गई।
मृतक के भाई का आरोप
परिवार का आरोप है कि अगर सड़क पर सुरक्षा इंतजाम होते तो यह हादसा टल सकता था। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमको इस इलाके में उसकी आखिरी लोकेशन बताई, लेकिन उसे ढूंढने में मदद नहीं की। हम उसे ढूंढते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। यह घोर लापरवाही है। मेरा भाई पागल नहीं था कि वह जानबूझकर गड्ढे में गाड़ी गिरा दे।
रात 1:30 बजे मैंने गड्ढे में जाकर देखा, लेकिन वह उस समय वहां नहीं था। हमने कम से कम छह पुलिस स्टेशनों का पर गए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। सुबह जब मैंने दोबारा अपने भाई के फोन नंबर पर कॉल किया, तो पुलिस ने फोन उठाया और हमें बताया कि उसका शव गड्ढे से बरामद कर लिया गया है। अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो मेरा भाई आज जीवित होता।
उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, जनकपुरी में हुई दुर्घटना को गंभीरता से लिया गया है। दिल्ली जल बोर्ड ने घटना की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। शाम तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होने दी जाएंगी।
समिति को दिए गए यह निर्देश
• दुर्घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण करना
• सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, साइनबोर्ड और यातायात प्रबंधन की समीक्षा करना
• सभी सुरक्षा मानकों के अनुपालन की पुष्टि
• जहां भी चूक पाई जाए, जिम्मेदारी तय करना
• सख्त सुधारात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करना
