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Delhi NCR News: बजट योजनाओं में देरी पर सीएम सख्त, विभागाध्यक्षों को तय समय में काम पूरा करने के निर्देश
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नालों की सफाई, स्कूलों की तैयारी और पौधारोपण अभियान में तेजी लाने को कहा
सचिवालय में दूसरे हफ्ते भी दिखा वर्क फ्रॉम होम का असर, ज्यादातर अधिकारी घर से जुड़े
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार की बजट योजनाओं की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्ती दिखाई। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई समीक्षा बैठक में विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सभी योजनाएं तय समय-सीमा में पूरी हों। बैठक में मानसून से पहले नालों की सफाई, सरकारी स्कूलों की तैयारियां, पौधारोपण अभियान, जल संरक्षण और सोलर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। वहीं, वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था के दूसरे हफ्ते में भी सचिवालय में सामान्य दिनों के मुकाबले कम हलचल दिखाई दी।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और विभागाध्यक्षों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक कर बजट में घोषित योजनाओं और विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था के बीच आयोजित इस बैठक में सरकार की प्राथमिक योजनाओं, मानसून तैयारियों, स्कूलों की सुविधाओं और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बजट में की गई घोषणाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिएं। सभी विभाग समय-सीमा तय कर योजनाओं को तेजी से पूरा करें। जिन विभागों में बजट का सही उपयोग नहीं होगा, वहां भविष्य में फंड में कटौती पर विचार किया जा सकता है।
बारिश से पहले की तैयारियों की जांच
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि राजधानी के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई और गाद निकालने का काम समय रहते पूरा कर लिया जाए, ताकि जलभराव की स्थिति न बने। उन्होंने साफ कहा कि बरसात के दौरान सड़कों पर पानी भरने की समस्या को लेकर किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। पर्यावरण और प्रदूषण को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां खाली जमीन पड़ी है या धूल उड़ने की समस्या अधिक है, वहां बड़े स्तर पर पौधारोपण और घास लगाने का अभियान चलाया जाए। विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर दिल्ली को साफ और हरित बनाने पर भी जोर दिया गया।
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स्कूलों में सुविधा देने में न हो लापरवाही
शिक्षा विभाग से जुड़े कामों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में समय रहते सफेदी, शौचालयों की मरम्मत और पीने के साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को बेहतर माहौल देना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने बजट में 19,326 करोड़ रुपये शिक्षा पर खर्च करने के लिए रखे हैं। इसमें से 200 करोड़ रुपये नए स्कूलों के निर्माण के लिए और 275 करोड़ रुपये स्कूलों को दुरुस्त करने और विस्तार के लिए हैं। बैठक में सोलर पावर, जल संरक्षण और सोशल मीडिया के बेहतर इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विभागों से कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ औपचारिक सूचनाओं तक सीमित न रहे, बल्कि जनता तक योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाने के लिए प्रभावी तरीके से किया जाए।
सचिवालय में दिखा वर्क फ्रॉम होम का असर
इस बीच दिल्ली सचिवालय में दूसरे हफ्ते भी वर्क फ्रॉम होम का असर साफ दिखाई दिया। जरूरी सेवाओं से जुड़े विभागों को छोड़कर अधिकतर अधिकारी घर से काम करते नजर आए। सचिवालय में सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम हलचल रही। सरकार ने बुधवार और शनिवार को वर्क फ्रॉम होम लागू किया है, जिसके चलते कई बैठकों और विभागीय कामकाज को ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है। बुधवार की समीक्षा बैठक भी इसी व्यवस्था के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई।
सचिवालय में दूसरे हफ्ते भी दिखा वर्क फ्रॉम होम का असर, ज्यादातर अधिकारी घर से जुड़े
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार की बजट योजनाओं की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्ती दिखाई। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई समीक्षा बैठक में विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सभी योजनाएं तय समय-सीमा में पूरी हों। बैठक में मानसून से पहले नालों की सफाई, सरकारी स्कूलों की तैयारियां, पौधारोपण अभियान, जल संरक्षण और सोलर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। वहीं, वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था के दूसरे हफ्ते में भी सचिवालय में सामान्य दिनों के मुकाबले कम हलचल दिखाई दी।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और विभागाध्यक्षों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक कर बजट में घोषित योजनाओं और विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था के बीच आयोजित इस बैठक में सरकार की प्राथमिक योजनाओं, मानसून तैयारियों, स्कूलों की सुविधाओं और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बजट में की गई घोषणाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिएं। सभी विभाग समय-सीमा तय कर योजनाओं को तेजी से पूरा करें। जिन विभागों में बजट का सही उपयोग नहीं होगा, वहां भविष्य में फंड में कटौती पर विचार किया जा सकता है।
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बारिश से पहले की तैयारियों की जांच
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि राजधानी के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई और गाद निकालने का काम समय रहते पूरा कर लिया जाए, ताकि जलभराव की स्थिति न बने। उन्होंने साफ कहा कि बरसात के दौरान सड़कों पर पानी भरने की समस्या को लेकर किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। पर्यावरण और प्रदूषण को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां खाली जमीन पड़ी है या धूल उड़ने की समस्या अधिक है, वहां बड़े स्तर पर पौधारोपण और घास लगाने का अभियान चलाया जाए। विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर दिल्ली को साफ और हरित बनाने पर भी जोर दिया गया।
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शिक्षा विभाग से जुड़े कामों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में समय रहते सफेदी, शौचालयों की मरम्मत और पीने के साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को बेहतर माहौल देना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने बजट में 19,326 करोड़ रुपये शिक्षा पर खर्च करने के लिए रखे हैं। इसमें से 200 करोड़ रुपये नए स्कूलों के निर्माण के लिए और 275 करोड़ रुपये स्कूलों को दुरुस्त करने और विस्तार के लिए हैं। बैठक में सोलर पावर, जल संरक्षण और सोशल मीडिया के बेहतर इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विभागों से कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ औपचारिक सूचनाओं तक सीमित न रहे, बल्कि जनता तक योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाने के लिए प्रभावी तरीके से किया जाए।
सचिवालय में दिखा वर्क फ्रॉम होम का असर
इस बीच दिल्ली सचिवालय में दूसरे हफ्ते भी वर्क फ्रॉम होम का असर साफ दिखाई दिया। जरूरी सेवाओं से जुड़े विभागों को छोड़कर अधिकतर अधिकारी घर से काम करते नजर आए। सचिवालय में सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम हलचल रही। सरकार ने बुधवार और शनिवार को वर्क फ्रॉम होम लागू किया है, जिसके चलते कई बैठकों और विभागीय कामकाज को ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है। बुधवार की समीक्षा बैठक भी इसी व्यवस्था के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई।