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शिक्षकों को चुनावी काम सौंपते समय ध्यान रखें उनका तनाव और बोझ: हाईकोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनावी रोल के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के काम में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के मामले में अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि स्कूल के घंटों के बाद या छुट्टियों में यह काम सौंपते समय शिक्षकों के तनाव और बोझ का पूरा ध्यान रखा जाए। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया।
याचिका अम्बेडकर नगर निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी पर लगाने के खिलाफ याचिकाकर्ता राजेश कुमार गोगना और अशोक अग्रवाल ने दायर की थी। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को शिक्षकों को चुनावी कामों के लिए लगाने का अधिकार है, लेकिन शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 27 के प्रावधानों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के 2008 के फैसले का हवाला देते हुए पीठ ने कहा कि यह काम केवल छुट्टियों, गैर-शिक्षण दिनों व घंटों में सौंपा जाए।
कोर्ट ने कहा कि 6-8 घंटे पढ़ाने के बाद चुनावी काम से शिक्षकों पर तनाव बढ़ सकता है। चुनाव आयोग व अधिकारी इसका ध्यान रखें। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग के हलफनामे का जवाब देने की अनुमति दी। अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनावी रोल के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के काम में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के मामले में अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि स्कूल के घंटों के बाद या छुट्टियों में यह काम सौंपते समय शिक्षकों के तनाव और बोझ का पूरा ध्यान रखा जाए। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया।
याचिका अम्बेडकर नगर निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी पर लगाने के खिलाफ याचिकाकर्ता राजेश कुमार गोगना और अशोक अग्रवाल ने दायर की थी। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को शिक्षकों को चुनावी कामों के लिए लगाने का अधिकार है, लेकिन शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 27 के प्रावधानों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के 2008 के फैसले का हवाला देते हुए पीठ ने कहा कि यह काम केवल छुट्टियों, गैर-शिक्षण दिनों व घंटों में सौंपा जाए।
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कोर्ट ने कहा कि 6-8 घंटे पढ़ाने के बाद चुनावी काम से शिक्षकों पर तनाव बढ़ सकता है। चुनाव आयोग व अधिकारी इसका ध्यान रखें। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग के हलफनामे का जवाब देने की अनुमति दी। अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।
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