Delhi Budget Session 2026: ‘खीर सेरेमनी’ संग दिल्ली के बजट सत्र का आगाज, विधायकों के निलंबन पर AAP का बहिष्कार
दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन सदन से बायकॉट किया है, विपक्ष के चार विधायकों को पिछले शीतकालीन सत्र से निष्कासन बरकरार रखने पर आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों ने विरोध किया है।
विस्तार
दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। रेखा सरकार दूसरी बार बजट पेश करने जा रही है। बजट सत्र की शुरुआत खीर सेरेमनी के साथ की गई। दिल्ली बजट सेशन 2026 से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रियों परवेश वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा और अन्य लोगों के साथ 'खीर सेरेमनी' की, जहां स्कूली छात्राओं को 'खीर' खिलाई गई।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'बजट 2026-27 यह हमारी सरकार का दूसरा बजट है। यह दिल्ली के विकास की गति बढ़ाने वाला बजट है। यह दिल्ली के लोगों के जीवनस्तर को ऊपर उठाने वाला बजट है। यह दिल्ली के विकास को अधिक गति देगा।'#WATCH | Delhi CM Rekha Gupta holds 'Kheer ceremony' ahead of the Delhi Budget Session 2026, along with Ministers Parvesh Sahib Singh, Manjinder Singh Sirsa, Ashish Sood, Kapil Mishra and others, where she cooks and feeds 'kheer' to school students pic.twitter.com/rL4yBDVfYD
विज्ञापन— ANI (@ANI) March 23, 2026विज्ञापन
पीएम नरेंद्र मोदी के सर्वाधिक दिन तक सरकार चलाने (8931 दिन) के रिकॉर्ड बनाने के विषय पर दिल्ली विधानसभा में अभिनंदन प्रस्ताव पास हुआ। संकल्प से सिद्धि पर विभिन्न सदस्यों ने बोलते हुए मंत्रियों और विधायकों ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा पीएम ने बहुत सारी परिभाषाएं बदल दी, ईमानदारी किसे कहते हैं, सबको सिखाया, निष्ठा, देश का मान-सम्मान, देश विदेश नीति से देश का भविष्य सुरक्षित रखा है। सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र का अभिनंदन प्रस्ताव पास करने की प्रस्तावना की।विधानसभाआ अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने अपने काम से देश और दुनियाभर में भारत का मान बढ़ाया है, उन्होंने आशीष सूद की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन प्रस्ताव के लिए सदस्यों की सहमति मांगी, जिसका ध्वनिमत से सभी सदस्यों ने समर्थन किया।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन सदन से बायकॉट किया है, विपक्ष के चार विधायकों को पिछले शीतकालीन सत्र से निष्कासन बरकरार रखने पर आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों ने विरोध किया है। सदन में अनुपस्थित हैं। पिछले विधानसभा सत्र में भी पहले दिन के बाद विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी सदन से गायब रही थी। 5 जनवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण में बाधा डालने और हंगामा करने के आरोप में आम आदमी पार्टी के चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह को सदन से मार्शल आउट और निलंबित कर दिया गया था।
विपक्ष की आवाज दबाने के अलावा कोई काम नहीं: आतिशी
वहीं, बजट सत्र के दौरान विधानसभा के बाहर आम आदमी का प्रदर्शन जारी है। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता और आप विधायक आतिशी ने कहा, 'विधानसभा के सत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका होती है। विपक्ष की भूमिका होती है सरकार को जनहित के मुद्दों के बारे में बताना लेकिन भाजपा ने पिछले 1 साल में विपक्ष की आवाज दबाने के अलावा कोई काम नहीं किया। यह कैसा लोकतंत्र है। वे विधानसभा का सत्र क्यों बुला रहे हैं, जब विपक्ष को बोलने का मौका ही नहीं दिया जाता है।"
बजट से पहले सरकार के बड़े संकेत
दिल्ली का बजट आने से पहले सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं के साफ संकेत दे दिए हैं। इस बार महिलाओं के स्वास्थ्य, प्रदूषण नियंत्रण और आधुनिक परिवहन पर खास जोर रहने वाला है, जिससे आम लोगों को सीधे असर देखने को मिल सकता है। दिल्ली में बजट से पहले सरकार की तैयारियों और संकेतों ने लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। इस बार का बजट महिलाओं के स्वास्थ्य, बेहतर इलाज, प्रदूषण नियंत्रण और ई-परिवहन जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है। सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, बजट का एक बड़ा हिस्सा महिलाओं से जुड़ी योजनाओं और सुविधाओं पर खर्च किया जा सकता है। इसमें अस्पतालों की सुविधाओं को मजबूत करना, नई सेवाएं शुरू करना और स्वास्थ्य ढांचे में सुधार शामिल है।
पिछले से बड़ा हो सकता है ये बजट
पिछले साल 2025-26 के लिए एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था, जो उससे पहले के 76 हजार करोड़ रुपये से 31.5 फीसदी ज्यादा था। इस बार का बजट इससे भी बड़ा हो सकता है। कुल मिलाकर, बजट से पहले सरकार ने ऐसे संकेत दिए हैं जो आम जनता की उम्मीदों को बढ़ा रहे हैं, अब नजर इस बात पर रहेगी कि घोषणाएं जमीन पर कितनी उतरती हैं।