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Delhi Hotel Fire: चिली पोटैटो बनाते समय कुक की कथित लापरवाही से लगी थी आग, गुबार उठते ही भाग निकला था नेगी
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 12 Jun 2026 06:00 AM IST
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सार
पुलिस सूत्रों का दावा है कि कुक ने पूछताछ में बताया कि गुरुग्राम के रहने वाले विवेक अग्रवाल के परिवार के ऑर्डर पर चिली पोटैटो बनाते समय लापरवाही से आग लगी और वह भाग गया जिसकी वजह से छोटी सी आग ने भीषण अग्निकांड का रूप ले लिया।
कोई भी अधिकारी इस बारे में अपने नाम से बयान देने से बच रहा है।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग में 23 मौत के लिए पुलिस ने कुक केशव नेगी को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि कुक ने पूछताछ में बताया कि गुरुग्राम के रहने वाले विवेक अग्रवाल के परिवार के ऑर्डर पर चिली पोटैटो बनाते समय लापरवाही से आग लगी और वह भाग गया जिसकी वजह से छोटी सी आग ने भीषण अग्निकांड का रूप ले लिया। अभी तक किसी तरह की रिपोर्ट नहीं आने से इस थ्योरी पर सवाल भी उठ रहे हैं। कोई भी अधिकारी इस बारे में अपने नाम से बयान देने से बच रहा है।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि गुरुग्राम निवासी पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल के पिता राधेश्याम मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। विवेक अपनी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल, दो बेटी, मामा अशोक अग्रवाल और मौसी कमला अग्रवाल व मौसा के साथ उनका हालचाल जानने के लिए इसी होटल में ठहरे थे। होटल में ठहरे विवेक और उसके परिवार को अस्पताल जाना था।
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इन्होंने कुक केशव को आठ लोगोंं के लिए चिली पोटैटो बनाने के लिए बोला था। अमुक अधिकारी के मुताबिक केशव नेगी ने पूछताछ में बताया कि जैसे ही उसने फ्राईपैन से पोटैटो को मिक्स करने के लिए उछाला तो फ्राईपान ने आग पकड़ ली और भड़क गई। ऐसे में केशव नेगी के हाथ से आग लगा फ्राईपैन छूट गया। इससे रसोई में आसपास रखे तेल, अन्य सामान समेत ज्वलनशील पदार्थों ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते आग विकराल हो गई। बता दें कि हादसे में अग्रवाल परिवार के पांच सदस्यों और तीन रिश्तेदारों समेत कुल 23 लोगों की मौत हो गई थी। ।
आग फैलते ही भाग खड़ा हुआ नेगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आग फैलते ही केशव नेगी रसोई से भाग गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने दावा किया है कि उसने मैनेजर दिलीप को फोन किया था। हालांकि पुलिस उसके इस दावे की जांच कर रही है। सवाल ये उठता है कि आखिर केशव नेगी ने आग बुझाने के क्यों प्रयास नहीं किए। क्या वह आग को बुझा नहीं पाया या फिर होटल में आग बुझाने वाले उपकरण काम नहीं कर रहे थे।
गेट हो गए थे लॉक
पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि आग काफी फैल गई थी। तभी होटल की लाइट काट दी गई। इससे होटल के प्रवेश द्वार समेत अन्य गेट ने काम करना बंद कर दिया। गेट लाइट से ऑटोमेटिक बंद व खुलते थे। पुलिस ने केशव नेगी को छह जून को गिरफ्तार किया था।
कुछ अनसुलझे सवाल
- क्या आग लगने का सटीक कारण फोरेंसिक रिपोर्ट से प्रमाणित हो चुका है, या पुलिस अपना नरेटिव इस हादसे में थोपना चाहती है?
- यह बात कैसे प्रूफ करेंगे कि चिली पोटैटो का आर्डर गुरुग्राम के परिवार ने ही दिया। क्योंकि पुलिस को पता है सभी की जान चली गई है तो इस थ्योरी का काउंटर कोई करेगा नहीं?
- यदि कुक की लापरवाही ही कारण थी, तो भवन मालिक, रेस्टोरेंट संचालक और सुरक्षा मानकों की जिम्मेदारी कहां तय होगी?
- कथित रूप से कुक के भाग जाने की पुष्टि किस आधार पर हुई, सीसीटीवी फुटेज हैं या प्रत्यक्षदर्शी और मोबाइल लोकेशन मिली क्या?
- क्या कुक खुद भी आग से बचने के लिए भागा था, या उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। हादसे के समय गैस लाइन, सिलेंडर की स्थिति क्या थी?
- अगर आग केवल चिली पोटैटो बनाते समय लगी थी, तो वह इतनी तेजी से पूरे भवन में कैसे फैल गई। क्या रेस्टोरेंट में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम थे?