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Delhi: मानसून से पहले दिल्ली की तैयारियों की समीक्षा, यमुना तट विकास और 101 जलाशयों के पुनर्जीवन पर एलजी सख्त
आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Fri, 12 Jun 2026 11:04 AM IST
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सार
उपराज्यपाल ने डीडीए की चल रही महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) की समीक्षा करते हुए परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मानसून से पहले दिल्ली की तैयारियों की उपराज्यपाल ने की समीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में डीडीए की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजधानी में चल रही प्रमुख पर्यावरणीय और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में यमुना तट विकास, यमुना बाजार के पुनरुद्धार, जलाशयों के संरक्षण और मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
उपराज्यपाल ने डीडीए की चल रही महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) की समीक्षा करते हुए परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
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बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित और विश्वस्तरीय राजधानी की परिकल्पना के अनुरूप यमुना रिवरफ्रंट विकास परियोजना पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही यमुना बाजार और उससे सटे घाटों के व्यापक पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण की योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
उपराज्यपाल ने जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता देते हुए प्रथम चरण के अंतर्गत 101 जलाशयों के पुनर्जीवन कार्यों की प्रगति का भी मूल्यांकन किया। द्वारका और रोहिणी में चल रही प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में दिल्ली में विकसित किए जा रहे बड़े सामाजिक और आर्थिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवाओं, लक्जरी रिटेल और लॉजिस्टिक्स हब से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। एलजी ने कहा कि इन परियोजनाओं से दिल्ली की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मानसून की तैयारियों को लेकर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा हुई। एलजी ने वर्ष 2026 की डी-सिल्टिंग कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की स्थिति जानी। साथ ही 15 जून से पहले केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय और तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन ही एक सुदृढ़, टिकाऊ और विकसित दिल्ली के निर्माण की आधारशिला है।