दिल्ली मेट्रो का मेगा विस्तार: सात नए कॉरिडोर, 97 KM लंबा नेटवर्क; 65 स्टेशनों से बदलेगी राजधानी की रफ्तार
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के 32वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फेज-5 (बी) के तहत बनने वाले 7 नए कॉरिडोर की घोषणा की। कुल 97.158 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 65 नए स्टेशन बनाए जाएंगे और इसकी लागत करीब 48,204.56 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विस्तार
दिल्ली मेट्रो एक बार फिर शहर को और रफ्तार देने की तैयारी कर रही है। उन इलाकों तक रेल पहुंचाने की तैयारी है, जहां अब तक सफर लंबा, धीमा और थकाने वाला रहा है। मेट्रो फेज-5 (बी) के तहत 7 नए कॉरिडोर और 65 स्टेशन बनाए जाएंगे, जो करीब 97 किलोमीटर लंबे होंगे। इसका सीधा असर लाखों यात्रियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। कम समय में सफर, कम ट्रैफिक और ज्यादा भरोसेमंद कनेक्टिविटी होगी।
रेखा गुप्ता ने की घोषणा
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के 32वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फेज-5 (बी) के तहत बनने वाले 7 नए कॉरिडोर की घोषणा की। कुल 97.158 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 65 नए स्टेशन बनाए जाएंगे और इसकी लागत करीब 48,204.56 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह विस्तार सिर्फ दूरी कम करने का काम नहीं करेगा बल्कि उन इलाकों को जोड़ने जा रहा है, जो तेजी से विकसित हो रहे हैं। लेकिन अब तक मेट्रो नेटवर्क से बाहर थे। सरकार का लक्ष्य शहर के हर हिस्से को तेज, सुरक्षित और आसान पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जोड़ना है। इस बदलाव से जहां यात्रा का समय कम होगा, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा। इसके साथ ही यह प्रोजेक्ट पर्यावरण के लिहाज से भी अहम है, क्योंकि ज्यादा लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे। मेट्रो अब सिर्फ शहर के बीचोंबीच नहीं, बल्कि उसके किनारों तक पहुंच रही है। इससे पूरी दिल्ली की रफ्तार बदल जाएगी।
नए कॉरिडोर में यह रहेगा खास
कॉरिडोर -1 : ये ढांसा बस स्टैंड (नजफगढ़) से नांगलोई तक जाएगा। 11.859 किलोमीटर लंबा ये पूरी तरह एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। जिसमें 9 स्टेशन होंगे। नरेश पार्क एक्सटेंशन, रणहौला, बक्करवाला और बापरोला जैसे इलाके इससे सीधे जुड़ेंगे।
कॉरिडोर -2 : 15.969 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। 10 स्टेशनों वाले इस रूट से आरके पुरम, मोती बाग और जेएनयू जैसे प्रमुख इलाके जुड़ेंगे। सेंट्रल दिल्ली से साउथ वेस्ट दिल्ली तक यह एक मजबूत कनेक्टिंग लिंक बनेगा।
कॉरिडोर -3 : तीसरा कॉरिडोर समयपुर बादली से नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक होगा। 12.89 किलोमीटर लंबी ये लाइन पूरी तरह एलिवेटेड होगी। इसमें 8 स्टेशन होंगे और यह सिरसपुर, अलीपुर और नरेला जैसे बाहरी इलाकों को मेट्रो से जोड़ेगी।
कॉरिडोर -4 : 9.967 किलोमीटर लंबे इस रूट में अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों सेक्शन होंगे। इसमें 6 स्टेशन बनाए जाएंगे। मायापुरी इंडस्ट्रियल एरिया, जनकपुरी और सागरपुर जैसे इलाकों को इससे सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
कॉरिडोर -5 : 16.991 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 12 स्टेशन होंगे। ये साउथ दिल्ली के कई घनी आबादी वाले इलाकों को कवर करेगा। लोधी कॉलोनी, ओखला, जसोला और मदनपुर खादर जैसे क्षेत्र सीधे जुड़ेंगे। यहां से कई इंटरचेंज भी मिलेंगे।
कॉरिडोर -6 : छठा कॉरिडोर शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 तक होगा। 13.197 किलोमीटर लंबी इस लाइन में 8 स्टेशन होंगे। ये पूर्वी दिल्ली के लिए बेहद अहम है। गीता कॉलोनी, गांधी नगर मार्केट और कोंडली जैसे इलाकों को इससे सीधा फायदा मिलेगा। यहां रोजाना लाखों लोगों की आवाजाही होती है, जिन्हें इस कॉरिडोर से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कॉरिडोर -7 : सातवां कॉरिडोर केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 तक बनाया जाएगा। 16.285 किलोमीटर लंबी यह लाइन पूरी तरह एलिवेटेड होगी और इसमें 12 स्टेशन होंगे। रोहिणी, पीतमपुरा और डीटीयू जैसे क्षेत्रों को इससे मजबूत कनेक्टिविटी मिलेगी।
7 में से 4 कॉरिडोर पहले बनेंगे
सरकार ने 7 में से 4 कॉरिडोर को प्राथमिकता में रखा है और इन्हें 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। बाकी तीन कॉरिडोर बाद में बनाए जाएंगे। डीएमआरसी को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी कॉरिडोर के लिए अलग-अलग डीपीआर तैयार करे।
