31 किलो अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद: 'नशे के सौदागरों' के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, दिल्ली पुलिस ने तीन को पकड़ा
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपी हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रतिबंधित मादक पदार्थ के अवैध उत्पादन, परिवहन और वितरण में लिप्त एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हैं। तलाशी के दौरान पुलिस ने 31 किलोग्राम अल्प्राज़ोलम टैबलेट बरामद कीं। अनुमान है कि गोलियों की संख्या करीब तीन लाख है।
विस्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों शमीम, राजीव शर्मा और मोहित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 31 किलोग्राम अल्प्राजोलम टैबलेट (गोलियां) जब्त की हैं।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपी हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रतिबंधित मादक पदार्थ के अवैध उत्पादन, परिवहन और वितरण में लिप्त एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हैं। यह अभियान एनसीआर में सक्रिय मादक पदार्थ के तस्करों पर नजर रखने के उद्देश्य से खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया।
टीम ने सूचनाओं के आधार पर नंद नगरी बस डिपो के पास दो आरोपियों बदायूं, उत्तर प्रदेश निवासी शमीम (29) और बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश निवासी राजीव शर्मा (53) को उस समय गिरफ्तार किया। जब वह उत्तर प्रदेश रजिस्ट्रेशन नंबर की कार से जा रहे थे। बाद में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरे आरोपी की पहचान भटोला दरियापुर, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश निवासी मोहित गुप्ता के रूप में हुई है।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस ने 31 किलोग्राम अल्प्राज़ोलम टैबलेट बरामद कीं।अनुमान है कि गोलियों की संख्या करीब तीन लाख है। अधिकारियों ने बताया कि अल्प्राजोलम की व्यावसायिक मात्रा की सीमा 100 ग्राम है। गोलियों के अलावा, टीम ने अल्प्राजोलम छपा हुआ 11 किलोग्राम एल्युमीनियम फॉइल, गोलियों की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली 25 किलोग्राम पीवीसी शीट रोल, बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि अंकित 20 मुहर और परिवहन में इस्तेमाल की गई कार जब्त की।
प्राथमिकी दर्ज की
पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत 29 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान कार मोहित गुप्ता के नाम पर पंजीकृत पाई गई, जिसे बाद में अन्य आरोपियों की सूचना पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह गुप्ता के निर्देश पर हिमाचल प्रदेश में शमीम और उसके सहयोगी रणदीप से अल्प्राजोलम की गोलियां एकत्र करता था और उन्हें बुलंदशहर की स्थानीय फार्मेसियों को आपूर्ति करता था। पुलिस के मुताबिक शमीम ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वह और उसका साथी हिमाचल प्रदेश के परवानू में एक अवैध विनिर्माण इकाई चला रहे थे, जहां गोलियों का उत्पादन किया जाता था और हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में वितरकों को आपूर्ति की जाती थी।
