Delhi: साकेत हादसे में छह की मौत, दो इंजीनियर निलंबित, मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश और गैर इरादतन हत्या का केस
शनिवार शाम हुए हादसे के दूसरे दिन भी बचाव अभियान जारी रहा। अधिकारियों के अनुसार मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है, इसलिए अभियान जारी रहेगा।
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दक्षिणी दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास गिरी छह मंजिला इमारत के मलबे से रविवार को दो महिलाओं समेत छह लोगों के शव निकाले गए। आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार शाम हुए हादसे के दूसरे दिन भी बचाव अभियान जारी रहा। अधिकारियों के अनुसार मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है, इसलिए अभियान जारी रहेगा।
शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि एमसीडी ने अनधिकृत निर्माण की सुनवाई के दौरान 13 अप्रैल को ही दिल्ली हाईकोर्ट को बताया था कि इस इमारत में किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। इस बीच, पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया और हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने भी कार्रवाई करते हुए लापरवाही के आरोप में बिल्डिंग विभाग के सहायक इंजीनियर सुदेश सिंह चौहान और जूनियर इंजीनियर अमन जैन को निलंबित कर दिया।
जान गंवाने वालों में राजस्थान के अलवर निवासी मेडिकल छात्रा एकता (24), नेपाल निवासी कैंटीन संचालिका पार्वती (35), उत्तर प्रदेश के गोंडा निवासी डॉ. रवि प्रकाश सिंह (24), बिहार के नवादा निवासी नलिन राय (23), आलोक व कपिल (28) शामिल हैं। घायल क्षितिज प्रताप, नीलम यादव, अनुज दीक्षित, तरुण, साइका खान, आस्था, आदित्य शर्मा व विशाल को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। तीन को छुट्टी दे दी गई। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ जैसी एजेंसियां अभियान में जुटी हैं। मलबा हटाने के लिए हाइड्रा व जेसीबी जैसी मशीनें भी लगाई हैं।
कार्रवाई के निर्देश : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को जर्जर और खतरनाक इमारतों का निरीक्षण करने और जहां भी जरूरी हो, वहां कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अवैध इमारतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कदम उठाने के लिए कहा है।
फरार मालिक, बिल्डर व ठेकेदार की तलाश
पुलिस इमारत के मालिक कर्मवीर जेलदार के साथ बिल्डर मनीष खत्री व ठेकेदार सिराज की तलाश कर रही है। तीनों आरोपी फरार हैं। पुलिस मान रही है, गिरफ्तारी से हादसे की असली वजह सामने आएगी और अवैध निर्माण के पूरे नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस टीमें दिल्ली व आसपास के राज्यों में संभावित ठिकानों पर छापे मार रही है।
जर्जर इमारत नए निर्माण का बोझ नहीं झेल पाई
शुरुआती जांच के अनुसार, सैदुल्लाजाब में 400 गज में बनी इमारत पहले से जर्जर थी। चार मंजिला इमारत पर तीन और मंजिल बनाई जा रही थी। दो मंजिलों का निर्माण पूरा हो चुका था, जबकि सातवीं मंजिल पर काम जारी था।
- आशंका है, कमजोर संरचना अतिरिक्त भार नहीं सह सकी, जिससे हादसा हुआ। अवैध निर्माण में एमसीडी अफसरों की मिलीभगत की भी जांच की जा रही है।
इमारत गिरने के हादसे
- 10 अगस्त 2025 : निजामुद्दीन में हुमायूं मकबरे के पास दरगाह में छत गिरी, तीन महिला समेत छह लोगों की मौत
- 11 जुलाई 2025 : मेट्रो की खोदाई की वजह से एक इमारत गिरने से एक मौत
- 19 अप्रैल 2025 : दयालपुर के शक्ति नगर इमारत गिरने से में 11 मरे, 11 घायल
- 28 जनवरी 2025 : बुराड़ी में सैनिक एन्क्लेव अवैध निर्माण करके बनाई जा रही पांच मंजिला इमारत गिरी, पांच लोगों की मौत
- 3 अगस्त 2024 : जहांगीरपुरी में तीन मंजिला इमारत गिरी, तीन लोग मरे
- 24 अगस्त 2023 : ओखला में निर्माणाधीन बेसमेंट गिरी, दो लोगों की मौत
- 24 जुलाई 2022 : मुस्तफाबाद में इमारत गिरी, एक मौत, छह घायल
- 9 सितंबर 2022 : आजाद मार्केट में निर्माणधीन इमारत गिरी, तीन की मौत
- 8 अक्तूबर 2022 : फराश खाना में इमारत गिरी, चार की मौत
- 2 सितंबर 2019 : सीलमपुर में चार मंजिला इमारत गिरी, दो की मौत
- 15 जनवरी 2017 : तुर्कमान गेट पर इमारत गिरी। बुजुर्ग दंपती की मौत।
- 1 जून 2014 : सदर बाजार में तीन मंजिला इमारत गिरी, दो की मौत
- 9 अक्तूबर, 2013 : सदर बाजार इलाके में इमारत गिरने से पिता-पुत्र की मौत
- 12 दिसंबर, 2012 : पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में इमारत ढहने से पांच मरे
- 17 मई, 2011: गुरु नानक एन्क्लेव में इमारत ढहने से दो मरे, एक घायल
- 15 नवंबर, 2010 : लक्ष्मी नगर इलाके में इमारत ढहने से 67 मरे, 150 घायल
एलजी ने हादसे पर जताया दुख
सैदुल्लाजाब इलाके में इमारत गिरने की घटना पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी से चलाने के निर्देश दिए और कहा कि अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा-दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
सैदुल्लाजाब में इमारत ढहने के भीषण हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रविवार को घटनास्थल पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने एनडीआरएफ, दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और डीडीएमए के अधिकारियों से रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली तथा मलबे में किसी के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव कार्य पूरी सतर्कता से जारी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश भी दिए हैं।
घटनास्थल से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में भर्ती घायलों की स्थिति की जानकारी ली और उनके निशुल्क व समुचित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
हादसे के संबंध में मेहरौली थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। दक्षिण जिले के जिलाधिकारी की अगुवाई में जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निर्माण में अनियमितता, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने सैदुल्लाजाब और आसपास के क्षेत्रों में जर्जर व अवैध इमारतों का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य में जुटी एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।