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Delhi NCR News: दिल्ली बनेगी लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब, नई पॉलिसी को अंतिम रूप देने में जुटी सरकार
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शहर के बाहर बनेंगे बड़े लॉजिस्टिक्स सेंटर, ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने पर सरकार का फोकस
वेयरहाउसिंग, ई-कॉमर्स और कोल्ड स्टोरेज सेक्टर में निवेश व रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब बनेगी। यहां माल ढुलाई और सप्लाई सिस्टम को आधुनिक बनाने की तैयारी तेजी से चल रही है। दिल्ली सरकार नई पॉलिसी को अंतिम रूप देने में जुटी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग नीति से दिल्ली में ट्रैफिक और प्रदूषण कम होगा, जबकि उद्योग, निवेश और रोजगार को नई रफ्तार मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि ये नीति दिल्ली को आधुनिक, तेज और पर्यावरण अनुकूल लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगी। सरकार का फोकस शहर के भीतर भारी मालवाहक ट्रैफिक कम करने और सप्लाई सिस्टम को ज्यादा व्यवस्थित बनाने पर है। इसके तहत दिल्ली की सीमा से बाहर परिधीय इलाकों में बड़े लॉजिस्टिक्स और वितरण केंद्र विकसित किए जाएंगे। यहां बड़े स्तर पर आने वाले सामान को एकत्र कर जरूरत के हिसाब से शहर के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाएगा।
बाजार स्तर पर छोटे सेंटर भी बनाएं जाएंगे : नीति के तहत बाजार स्तर पर छोटे वेयरहाउस और माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर भी बनाए जाएंगे, जिससे ई-कॉमर्स और खुदरा व्यापार की डिलीवरी व्यवस्था तेज होगी। सरकार अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) को आधुनिक बनाने, ट्रक टर्मिनल और पार्किंग हब विकसित करने की भी योजना बना रही है। मंडियों के पास कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे ताकि फल-सब्जियों और खाद्य सामग्री की सप्लाई बेहतर हो सके।
नई नीति में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता : मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और सौर ऊर्जा आधारित वेयरहाउसिंग सिस्टम विकसित होंगे। इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। सरकार माल ढुलाई को डिजिटल और स्मार्ट बनाने के लिए भी काम कर रही है। यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूलिप) के जरिए माल की आवाजाही की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। एआई आधारित रूट प्लानिंग और डिजिटल फ्रेट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किए जाएंगे, जिससे डिलीवरी तेज और लागत कम होगी।
इस नीति से ई-कॉमर्स को सबसे बड़ा लाभ : मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति से ई-कॉमर्स, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्माण सामग्री और कोल्ड चेन सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। वर्तमान में दिल्ली में वेयरहाउसिंग की सबसे ज्यादा मांग ई-कॉमर्स सेक्टर से आ रही है। रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार को बड़ी उम्मीद है। वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और आईटी आधारित सेवाओं में नए अवसर पैदा होंगे। कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर प्रति व्यक्ति 5 हजार रुपये तक की सहायता देने का प्रस्ताव है।
निजी निवेश को भी अपनाएगी सरकार : निजी निवेश बढ़ाने के लिए सरकार लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर 50 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी और ब्याज राहत देने की तैयारी में है। साथ ही पीपीपी मॉडल के जरिए बड़े निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम और चौबीस घंटे की संचालन की सुविधा से कारोबार करना आसान होगा। मास्टर प्लान दिल्ली-2041 के तहत थोक बाजारों को चरणबद्ध तरीके से शहर के बाहर शिफ्ट करने की भी योजना है। सरकार का दावा है कि ये नीति दिल्ली को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स और सप्लाई हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
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वेयरहाउसिंग, ई-कॉमर्स और कोल्ड स्टोरेज सेक्टर में निवेश व रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब बनेगी। यहां माल ढुलाई और सप्लाई सिस्टम को आधुनिक बनाने की तैयारी तेजी से चल रही है। दिल्ली सरकार नई पॉलिसी को अंतिम रूप देने में जुटी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग नीति से दिल्ली में ट्रैफिक और प्रदूषण कम होगा, जबकि उद्योग, निवेश और रोजगार को नई रफ्तार मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि ये नीति दिल्ली को आधुनिक, तेज और पर्यावरण अनुकूल लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगी। सरकार का फोकस शहर के भीतर भारी मालवाहक ट्रैफिक कम करने और सप्लाई सिस्टम को ज्यादा व्यवस्थित बनाने पर है। इसके तहत दिल्ली की सीमा से बाहर परिधीय इलाकों में बड़े लॉजिस्टिक्स और वितरण केंद्र विकसित किए जाएंगे। यहां बड़े स्तर पर आने वाले सामान को एकत्र कर जरूरत के हिसाब से शहर के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाएगा।
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बाजार स्तर पर छोटे सेंटर भी बनाएं जाएंगे : नीति के तहत बाजार स्तर पर छोटे वेयरहाउस और माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर भी बनाए जाएंगे, जिससे ई-कॉमर्स और खुदरा व्यापार की डिलीवरी व्यवस्था तेज होगी। सरकार अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) को आधुनिक बनाने, ट्रक टर्मिनल और पार्किंग हब विकसित करने की भी योजना बना रही है। मंडियों के पास कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे ताकि फल-सब्जियों और खाद्य सामग्री की सप्लाई बेहतर हो सके।
नई नीति में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता : मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और सौर ऊर्जा आधारित वेयरहाउसिंग सिस्टम विकसित होंगे। इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। सरकार माल ढुलाई को डिजिटल और स्मार्ट बनाने के लिए भी काम कर रही है। यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूलिप) के जरिए माल की आवाजाही की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। एआई आधारित रूट प्लानिंग और डिजिटल फ्रेट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किए जाएंगे, जिससे डिलीवरी तेज और लागत कम होगी।
इस नीति से ई-कॉमर्स को सबसे बड़ा लाभ : मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति से ई-कॉमर्स, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्माण सामग्री और कोल्ड चेन सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। वर्तमान में दिल्ली में वेयरहाउसिंग की सबसे ज्यादा मांग ई-कॉमर्स सेक्टर से आ रही है। रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार को बड़ी उम्मीद है। वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और आईटी आधारित सेवाओं में नए अवसर पैदा होंगे। कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर प्रति व्यक्ति 5 हजार रुपये तक की सहायता देने का प्रस्ताव है।
निजी निवेश को भी अपनाएगी सरकार : निजी निवेश बढ़ाने के लिए सरकार लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर 50 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी और ब्याज राहत देने की तैयारी में है। साथ ही पीपीपी मॉडल के जरिए बड़े निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम और चौबीस घंटे की संचालन की सुविधा से कारोबार करना आसान होगा। मास्टर प्लान दिल्ली-2041 के तहत थोक बाजारों को चरणबद्ध तरीके से शहर के बाहर शिफ्ट करने की भी योजना है। सरकार का दावा है कि ये नीति दिल्ली को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स और सप्लाई हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।