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दिल्ली में अवैध कब्जों पर जीरो टॉलरेंस: टेक्नोलॉजी से होगी जमीन-भवनों की निगरानी, LG ने DDA को दिए निर्देश

Fri, 03 Jul 2026 04:09 PM IST
अनुज कुमार आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 03 Jul 2026 04:09 PM IST
सार

Delhi LG Meeting: दिल्ली के एलजी ने डीडीए को अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया है।उन्होंने डीडीए से वास्तविक समय की निगरानी बढ़ाने और कार्रवाई तेज करने को कहा। बैठक में भविष्य की विकास रणनीति पर भी मंथन हुआ। 

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Deliberations on New Delhi Master Plan and Decisions taken at Advisory Council meeting chaired by LG
एलजी तरनजीत सिंह संधू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना अनुमति के निर्माण पर अब सख्त कार्रवाई होगी। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजधानी में कहीं भी अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। इसके लिए ड्रोन, जियो-टैगिंग और रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर अवैध कब्जों और निर्माण की तत्काल पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यमुना के बाढ़ क्षेत्र (ओ-जोन) सहित संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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डीडीए की शुक्रवार को हुई सलाहकार परिषद की बैठक में उपराज्यपाल ने निर्देश दिए कि सरकारी जमीनों और भवनों की निगरानी पूरी तरह तकनीक आधारित बनाई जाए। इसके लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा, ताकि कहीं भी अवैध कब्जा या निर्माण शुरू होते ही उसकी जानकारी मिल सके और तत्काल कार्रवाई की जा सके। डीडीए ने बताया कि खाली सरकारी जमीनों के 3,700 से अधिक भूखंडों, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 21,773 एकड़ है, की जियो-टैगिंग कर नियमित निगरानी की जा रही है।

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यमुना के बाढ़ क्षेत्र पर विशेष नजर
बैठक में बताया गया कि डीडीए, एमसीडी और सर्वे ऑफ इंडिया के संयुक्त अभियान के तहत पूरी दिल्ली का ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है। 1,370 वर्ग किलोमीटर में प्रस्तावित सर्वे में अब तक 1,122 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र कवर किया जा चुका है। यमुना के पूरे ओ-जोन का ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है, जिससे बाढ़ क्षेत्र में हुए अतिक्रमण और अवैध निर्माण की सटीक पहचान कर कार्रवाई तेज की जा सकेगी।

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14 फ्लाइंग स्क्वॉड कर रहे निगरानी
डीडीए ने बैठक में जानकारी दी कि भूमि संरक्षण के लिए 14 फ्लाइंग स्क्वॉड और फील्ड सर्वे टीमें रोजाना निरीक्षण कर रही हैं। अप्रैल 2025 से अब तक करीब 241.51 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इसके अलावा विकास क्षेत्रों में 235.96 एकड़ भूमि से अवैध निर्माण हटाए गए हैं।

अवैध निर्माण कराने वालों पर भी होगी कार्रवाई
उपराज्यपाल ने अवैध निर्माण के मामलों में केवल भवन मालिकों ही नहीं, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आर्किटेक्ट्स पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। ऐसे मामलों में संबंधित आर्किटेक्ट्स को डी-एम्पैनल करने और ब्लैकलिस्ट करने के साथ जर्जर एवं असुरक्षित भवनों की सूचना तत्काल एमसीडी को भेजने को कहा गया है। वहीं लैंड पूलिंग क्षेत्रों में अवैध निर्माण रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड और क्विक रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।

मास्टर प्लान के अनुरूप विकास पर जोर
बैठक में राजधानी के सतत और नियोजित शहरी विकास की रणनीति पर भी चर्चा हुई। उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए पारदर्शिता, तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के बेहतर समन्वय पर आधारित व्यवस्था विकसित करना जरूरी है। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के साथ राजधानी को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और रहने योग्य बनाया जा सकेगा।

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