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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The capital will get a state-of-the-art disaster command center.

Delhi NCR News: राजधानी को मिलेगा अत्याधुनिक डिजास्टर कमांड सेंटर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 05:19 PM IST
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33-शामनाथ मार्ग पर बनेगा डीडीएमए का नया मुख्यालय, सभी आपदा और आपात सेवाओं का होगा एकीकृत संचालन
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सिविल लाइंस स्थित 33, शामनाथ मार्ग पर दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीडीएमए) का अत्याधुनिक मुख्यालय और इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर विकसित किया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कंसल्टेंसी सेवाओं के लिए निविदा जारी की है।
चयनित एजेंसी 60 दिनों के भीतर परियोजना का मास्टर प्लान, आर्किटेक्चरल एवं स्ट्रक्चरल डिजाइन, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, प्लंबिंग, लैंडस्केपिंग तथा अन्य तकनीकी ड्राइंग तैयार करेगी। परियोजना के प्रथम चरण में कंसल्टेंसी सेवाओं पर करीब 17.37 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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प्रस्तावित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर प्राकृतिक आपदाओं, आग, भूकंप, बाढ़, भवन ढहने और अन्य आपात स्थितियों के दौरान राजधानी के केंद्रीय समन्वय केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड, बिजली वितरण कंपनियों, भारत मौसम विज्ञान विभाग और राजधानी के सीसीटीवी नेटवर्क का डेटा एकीकृत किया जाएगा।
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डीडीएमए का मुख्यालय भी इसी परिसर में स्थापित किया जाएगा, जिससे आपदा प्रबंधन से जुड़ी प्रशासनिक और परिचालन गतिविधियों का संचालन एक ही स्थान से किया जा सकेगा। विस्तृत मास्टर प्लान और तकनीकी दस्तावेज तैयार होने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हो सकेगा रियल टाइम समन्वय
इस व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच रियल टाइम सूचना साझा करने, त्वरित अलर्ट जारी करने और राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय तेज हो सकेगा। किसी भी आपात स्थिति, जैसे आग, जलभराव, सड़क दुर्घटना, इमारत गिरने या प्रदूषण के गंभीर स्तर पर पहुंचने की सूचना सीधे कमांड सेंटर तक पहुंचेगी, जहां से संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।

चर्चा में रहा है 33-शामनाथ मार्ग
33-शामनाथ मार्ग स्थित परिसर पहले पूर्व मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के रूप में जाना जाता था। राजनीतिक हलकों में वर्षों तक इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं और इसे शापित बंगला तक कहा जाता रहा। हालांकि इस धारणा के पीछे कोई आधार नहीं था।
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