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Cyber Crime: ई-रिक्शा में लगी डिजिटल सेंध, चलते-चलते हो रहे हैं बंद, दिल्ली में सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल

Fri, 03 Jul 2026 10:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा फिरदौस आलम, नई दिल्ली
फिरदौस आलम, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 03 Jul 2026 10:22 AM IST
सार

कुछ मनचले और शरारती तत्व राह चलते ई-रिक्शा को एक मोबाइल एप के जरिये अचानक बंद कर रहे हैं। बीच सड़क पर अचानक वाहन बंद होने से चालक जहां परेशान हो रहे हैं, वहीं हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।

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Cyber Crime: Digital breach hits e-rickshaws; vehicles shutting down while in motion
सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राजधानी दिल्ली की सड़कों पर इन दिनों ई-रिक्शा चालकों के साथ अजीबोगरीब और खतरनाक खेल खेला जा रहा है। कुछ मनचले और शरारती तत्व राह चलते ई-रिक्शा को एक मोबाइल एप के जरिये अचानक बंद कर रहे हैं। बीच सड़क पर अचानक वाहन बंद होने से चालक जहां परेशान हो रहे हैं, वहीं हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।

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सोशल मीडिया पर बीते एक-दो दिनों से ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसमें कार सवार या बाइक पर बैठे लोग ई-रिक्शा रोक देते हैँ फिर इसे प्रैंक यानी मजाक का नाम दे रहे हैं। दिल्ली के जहांगीरपुरी, संगम विहार, बदरपुर बॉर्डर, नई दिल्ली और पहाड़गंज जैसे व्यस्त इलाकों में अचानक से ई-रिक्शा बंद होने की घटना देखी जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ई-रिक्शा एसेंबल करने वाले इस एप का करते हैं इस्तेमाल। आम लोगों को इसका पता चलने पर बढ़ा खतरा
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जहांगीरपुरी के रहने वाले सोहन कुमार ने बताया कि उनके भाई कुणाल कुमार ई-रिक्शा चलाते हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर सवारी लेकर जाते समय अचानक उनका रिक्शा बीच सड़क पर बंद हो गया। कुछ समझ में नहीं आया कि बैटरी पूरी चार्ज फिर ऐसा कैसे हुआ। सराय काले खां में रहने वाले ऑटो चालक महमूद का भी रिक्शा ऐसे ही बंद हो गया।
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मुताबिक, बैट-बीएमएस नाम का चीनी एप है। तकनीकी रूप से यह बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम एप है। साइबर एक्सपर्ट सत्यम रस्तोगी ने इसे ई रिक्शा एसेंबल करने वाली कंपनियां तकनीकी जांच के लिए इस्तेमाल करती हैं।

इसमें ऑन, ऑफ और रिस्टार्ट के ऑप्शन होते हैं। इसका पता आम लोगों केे चल गया जिससे यह दिक्कत हो रही है। दरअसल ब्लूटूथ वाली लिथियम-आयन बैटरी की निगरानी के लिए इसे डिजाइन किया गया है। यह एप बैटरी का चार्ज, वोल्टेज, तापमान और सेहत जैसी जानकारियां भी दिखाता है। यह ब्लूटूथ लो एनर्जी (बीएलई) तकनीक पर काम करता है और इसकी रेंज 15 मीटर तक होती है।

क्या सभी ई-रिक्शा पर है खतरा
यह ऐप हर ई-रिक्शा को बंद नहीं कर सकता। यह केवल उन्हीं ई-रिक्शा पर काम करता है जिनमें ब्लूटूथ कनेक्टिविटी वाली चीनी लिथियम बैटरी लगी है और जिसका ब्लूटूथ खुला हुआ है। जिन ई-रिक्शा में पारंपरिक लेड-एसिड (तेजाब वाली) बैटरी का इस्तेमाल होता है, उन्हें इस ऐप से न तो बंद किया जा सकता है और न ही चालू। जानकारों का कहना है कि चालकों को बैटरी का ब्लूटूथ पासवर्ड बदल लेना चाहिए या मिस्त्री से कहकर इसे पूरी तरह डिसेबल (बंद) करवा देना चाहिए, ताकि वे इस मानसिक उत्पीड़न और हादसे से बच सकते हैं।


यह केवल मजाक नहीं, गंभीर खतरा

  • यदि चलता हुआ वाहन अचानक बंद हो जाए तो पीछे से आ रही गाड़ी टक्कर मार सकती है
  • यात्री गिर सकते हैं, चालक नियंत्रण खो सकता है। व्यस्त सड़क पर बड़ा हादसा हो सकता है।

पुलिस के पास नहीं मिली है अभी कोई शिकायत
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके पास इस तरह की अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। उनका कहना है कि हो सकता है संबंधित ऐप का प्रमोशन करने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक फैलाई जा रही हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस तरह का कोई भी मामला उनके संज्ञान में आता है, तो दिल्ली पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।

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