पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   CGWA Report: Slow poison rising in groundwater

CGWA Report: भूजल में बढ़ रहा धीमा जहर, दिल्ली में नाइट्रेट; पंजाब में यूरेनियम प्रदूषण की स्थिति सबसे गंभीर

Fri, 03 Jul 2026 06:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा नितिन राजपूत, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 03 Jul 2026 06:04 AM IST
सार

खराब गुणवत्ता की गवाही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर दाखिल केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) की रिपोर्ट देती है। आयोग की प्री-मानसून नेशनल ग्राउंड वाटर क्वालिटी बुलेटिन-2025 रिपोर्ट में देशभर के भूजल में बढ़ते रासायनिक प्रदूषण की गंभीर तस्वीर सामने आई है। 

विज्ञापन
CGWA Report: Slow poison rising in groundwater
आने वाले समय में यह बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनेगा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के भूमिगत जल की गुणवत्ता खराब हो गई है। इसकी गवाही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर दाखिल केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) की रिपोर्ट देती है। आयोग की प्री-मानसून नेशनल ग्राउंड वाटर क्वालिटी बुलेटिन-2025 रिपोर्ट में देशभर के भूजल में बढ़ते रासायनिक प्रदूषण की गंभीर तस्वीर सामने आई है। 

विज्ञापन


सबसे चिंताजनक यह है कि देश का हर पांचवां भूजल सैंपल नाइट्रेट से प्रदूषित मिला है, जबकि कई राज्यों में फ्लोराइड, यूरेनियम, आयरन और आर्सेनिक जैसे खतरनाक तत्व तय सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक पाए गए हैं। रिपोर्ट यह भी बताती है कि देश का अधिकांश भूजल निर्धारित मानकों के भीतर पीने योग्य है लेकिन कुछ राज्यों में रासायनिक प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है।
विज्ञापन


आने वाले समय में यह बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनेगा। रिपोर्ट सीजीडब्ल्यूए के प्रशासक विनोद कुमार ढौंडियाल ने एनजीटी में पेश की। इसे सीजीडब्ल्यूए के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों यशवीर सिंह, डॉ. सुरेश कुमार, जितेंद्र कुमार सहित अन्य विशेषज्ञों ने तैयार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बार देशभर के 23,610 बैकग्राउंड मॉनिटरिंग स्टेशनों से पानी के नमूने लिए गए। इनकी वैज्ञानिक जांच और डेटा विश्लेषण के आधार पर यह राष्ट्रीय रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य में इस नेटवर्क के कम से कम 25 प्रतिशत स्टेशन को ट्रेंड मॉनिटरिंग स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि लंबे समय तक भूजल की गुणवत्ता में होने वाले बदलावों पर लगातार निगरानी रखी जा सके। 

दिल्ली में नाइट्रेट प्रदूषण 34.62 फीसदी, महाराष्ट्र में सबसे खराब हालात : नाइट्रेट प्रदूषण सबसे ज्यादा महाराष्ट्र (43.33%), राजस्थान (41.73%), कर्नाटक (36.49%), दिल्ली (34.62%) और आंध्र प्रदेश (31.29%) में पाया गया है। इसके अलावा तमिलनाडु, झारखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, बिहार और उत्तर प्रदेश भी इस समस्या से प्रभावित हैं। 

क्या असर पड़ता है?   

  • पानी का स्वाद धातु जैसा हो जाता है।
  • कपड़ों और बर्तनों पर लाल-भूरे दाग पड़ते हैं।
  • पाइपलाइन जाम होने लगती है।
  • आयरन बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं।

किस प्रदूषण से क्या असर पड़ता है?

  • नाइट्रेट से शरीर में ऑक्सीजन की कमी और बच्चों में ब्लू बेबी सिंड्रोम हो सकता है। 
  • फ्लोराइड से दांत कमजोर और हड्डियों में दर्द होता है। 
  • यूरेनियम किडनी खराब कर कैंसर का खतरा बढ़ाता है। 
  • आर्सेनिक त्वचा रोग और कैंसर करता है। 
  • आयरन से पानी खराब होता है और खारापन थकान व हृदय समस्याएं बढ़ाता है।

रिपोर्ट में सुझाए गए समाधान

  • खादों का संतुलित उपयोग
  • किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए
  • जैविक खेती को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि नाइट्रेट प्रदूषण कम हो सके।
  • रेन वाटर हार्वेस्टिंग
  • बारिश के पानी को संरक्षित कर कृत्रिम भूजल रिचार्ज के माध्यम से जमीन में पहुंचाया जाए, जिससे रसायनों की सांद्रता कम हो सके।
  • जल शोधन व्यवस्था

पंजाब में यूरेनियम प्रदूषण की सबसे गंभीर स्थिति  
रिपोर्ट के अनुसार, यूरेनियम प्रदूषण की सबसे गंभीर स्थिति पंजाब (31.53%) में है। इसके बाद हरियाणा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, दिल्ली, बिहार और राजस्थान प्रभावित राज्यों में शामिल हैं। साथ ही, आयरन (लोहा) प्रदूषण सबसे ज्यादा त्रिपुरा (41.86%) और असम (30.30%) में पाया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, मिजोरम, ओडिशा और नागालैंड भी इससे प्रभावित हैं।

आर्सेनिक प्रदूषण मुख्य रूप से असम (8.90%), पश्चिम बंगाल (8.81%), बिहार, पंजाब और उत्तर प्रदेश में देखा गया है। इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी (खारापन) सबसे ज्यादा राजस्थान (32.89%), दिल्ली (24.52%), हरियाणा (22.46%) और गुजरात (16.04%) में पाया गया है, जबकि हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed