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Delhi NCR News: आतंकी षड्यंत्र के आरोपी सात विदेशी नागरिकों की हिरासत 10 दिन के लिए बढ़ाई
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- अदालत ने कहा आरोपियों के भारत आने का मकसद और म्यामार यात्रा अब तक सवालों में
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक संवेदनशील आतंकवाद षड्यंत्र मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने पिछले हफ्ते सात विदेशी नागरिकों की हिरासत 10 दिन और बढ़ा दी। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैं, जिनमें आरोपी व्यक्तियों के भारत आने का मकसद, म्यांमार यात्रा, ड्रोन का उपयोग और संभावित प्रशिक्षण गतिविधियां शामिल हैं।
एनआईए विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने 27 मार्च को दिए गए आदेश में कहा, इस मामले के तथ्यों को समग्र रूप से देखा जाना चाहिए। आरोपी व्यक्ति भारत क्यों आए? वे म्यांमार क्यों गए? ड्रोन का उपयोग करने का उनका उद्देश्य क्या था? क्या आरोपी व्यक्तियों ने किसी व्यक्ति को ड्रोन से प्रशिक्षण दिया? अदालत ने पूछा कि क्या कोई भारतीय या भारत में किसी विद्रोही जातीय समूह का सदस्य आरोपी व्यक्तियों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है? भारत और उसके बाहर यात्रा के दौरान आरोपी व्यक्तियों ने किस बुनियादी ढांचे का उपयोग किया? उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल और इसी तरह के अन्य सवालों की जांच जरूरी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक संवेदनशील आतंकवाद षड्यंत्र मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने पिछले हफ्ते सात विदेशी नागरिकों की हिरासत 10 दिन और बढ़ा दी। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैं, जिनमें आरोपी व्यक्तियों के भारत आने का मकसद, म्यांमार यात्रा, ड्रोन का उपयोग और संभावित प्रशिक्षण गतिविधियां शामिल हैं।
एनआईए विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने 27 मार्च को दिए गए आदेश में कहा, इस मामले के तथ्यों को समग्र रूप से देखा जाना चाहिए। आरोपी व्यक्ति भारत क्यों आए? वे म्यांमार क्यों गए? ड्रोन का उपयोग करने का उनका उद्देश्य क्या था? क्या आरोपी व्यक्तियों ने किसी व्यक्ति को ड्रोन से प्रशिक्षण दिया? अदालत ने पूछा कि क्या कोई भारतीय या भारत में किसी विद्रोही जातीय समूह का सदस्य आरोपी व्यक्तियों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है? भारत और उसके बाहर यात्रा के दौरान आरोपी व्यक्तियों ने किस बुनियादी ढांचे का उपयोग किया? उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल और इसी तरह के अन्य सवालों की जांच जरूरी है।
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