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Delhi: दिल्ली में दो गुना हुआ ई-बसों का बेड़ा, निजी वाहन घटे, इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो विस्तार पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 24 Mar 2026 05:29 AM IST
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सार
दिल्ली में मौजूदा वित्तीय वर्ष में ई-बसों की संख्या पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले दो गुनी हो गई है। कोविड काल के बाद पहली बार निजी वाहनों की संख्या में गिरावट दिखी है।
ई-बस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली में मौजूदा वित्तीय वर्ष में ई-बसों की संख्या पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले दो गुनी हो गई है। कोविड काल के बाद पहली बार निजी वाहनों की संख्या में गिरावट दिखी है। आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, अप्रैल 2025 में 2,150 ई-बसों की तुलना में मार्च 2026 इनकी संख्या 4,338 हो गई है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,600 नई बसें जोड़ी जानी हैं। निजी वाहनों में सालाना 0.63 फीसदी की गिरावट दिख रही है।
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विधान सभा में सोमवार पेश दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, राजधानी में परिवहन क्षेत्र को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुलभ बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। इसके तहत वर्ष 2025-26 में परिवहन क्षेत्र के लिए 12,111 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। इसमें से 20 मार्च 2026 तक 10,341 करोड़ रुपये यानी करीब 85.38 प्रतिशत राशि खर्च की जा चुकी है।
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सर्वेक्षण के अनुसार, परिवहन बेड़े में वर्ष 2026-27 तक 1,600 नई बसें जोड़ी जानी हैं। इनमें 50 मेट्रो फीडर बसें भी शामिल होंगी। 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसों की मांग रखी गई है। इसमें 1,380 बसें डीटीसी, 1,420 बसें परिवहन विभाग के लिए प्रस्तावित हैं। 3,330 अतिरिक्त ईवी बसों का प्रस्ताव भी पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत भेजा गया है।
दिल्ली में घटी निजी वाहनों की संख्या
रिपोर्ट के तहत 2024-25 में कुल पंजीकृत निजी वाहनों की संख्या घटकर 81,18,294 रह गई। पिछले वर्ष की तुलना में 51,905 वाहनों की कमी दर्शाती है। वर्ष 2014-15 में जहां दिल्ली में कुल वाहन 88.27 लाख थे। वहीं 2020-21 तक यह संख्या बढ़कर 1.22 करोड़ के पार पहुंच गई थी। 2021-22 से में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल, 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर लगाई गई पाबंदी से 64.25 लाख से अधिक वाहन डी-रजिस्टर हो चुके हैं। इस नीति का सबसे अधिक असर 2021-22 में दिखा, जब एक साल में करीब 43 लाख वाहनों की कमी दर्ज हुई।
मेट्रो दिल्ली के परिवहन ढांचे की रीढ़
रिपोर्ट बताती है कि मेट्रो सेवा भी दिल्ली के परिवहन ढांचे की रीढ़ बनी हुई है। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो में औसत दैनिक यात्री संख्या लगभग 67 लाख तक पहुंच गई है। मार्च 2026 तक डीटीसी और परिवहन विभाग के पास बसों का बेड़ा 6,100 है। सरकार का जोर इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार और सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर है।
दिल्ली में 4.7 लाख ई-वाहन हुए पंजीकृत
दिल्ली में मोटर वाहनों की संख्या 87.61 लाख तक पहुंच चुकी है। इनमें कार और जीप लगभग 25 प्रतिशत हैं, जबकि दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी करीब 68 प्रतिशत है। इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। 20 मार्च 2026 तक दिल्ली में करीब 4.7 लाख ई-वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। दिल्ली में परिवहन विभाग ने दूसरे चरण सारी सेवाएं फेसलेस हो गई हैं। इससे 54 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा हुआ है।
दिल्ली ईवी नीति के तहत दी 203 करोड़ की सब्सिडी
दिल्ली ईवी नीति के तहत अब तक 91,031 लाभार्थियों को कुल 203.35 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। आम लोगों की सुविधा के लिए ‘वन दिल्ली’ मोबाइल ऐप के जरिए सार्वजनिक ईवी चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत वर्ष 2025-26 (फरवरी 2026 तक) में 56.21 करोड़ महिला यात्रियों ने डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की, जिस पर सरकार ने 562.17 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी।