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Delhi NCR News: शिक्षामंत्री ने दी एआई के विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने युवाओं से सोशल मीडिया की सतही लोकप्रियता से आगे बढ़कर अपने जीवन को सार्थक और विशिष्ट बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा किसी और की आदर्श छवि बनने के बजाय अपनी कहानी खुद लिखें। शिक्षा मंत्री ने यह बातें डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के नए छात्रों के स्वागत के लिए भारत मंडपम में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम दीक्षारंभ में कही। कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में एक हजार से अधिक छात्रों और उनके अभिभावकों ने हिस्सा लिया।
शिक्षा मंत्री ने छात्रों से कहा कि वे एआई का इस्तेमाल करें, लेकिन सोच एल्गोरिदम को न सौंपें। एआई को मानव बुद्धिमत्ता का सहायक बनना चाहिए, उसका विकल्प नहीं। उन्होंने कहा कि एआई एक उत्तर दे सकता है, लेकिन विश्वविद्यालय की भूमिका विद्यार्थियों को सही सवाल पूछना सिखाने की है। उन्होंने युवाओं को एआई का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने की सलाह देते हुए कहा कि वे यह समझें कि तकनीक कैसे काम करती है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रोफाइल वीडियो का शुभारंभ तथा अवधारणा कोश के दूसरे संस्करण का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने कहा कि दीक्षारंभ एक ऐसी शैक्षणिक यात्रा है जो आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित है। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है।
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने युवाओं से सोशल मीडिया की सतही लोकप्रियता से आगे बढ़कर अपने जीवन को सार्थक और विशिष्ट बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा किसी और की आदर्श छवि बनने के बजाय अपनी कहानी खुद लिखें। शिक्षा मंत्री ने यह बातें डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के नए छात्रों के स्वागत के लिए भारत मंडपम में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम दीक्षारंभ में कही। कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में एक हजार से अधिक छात्रों और उनके अभिभावकों ने हिस्सा लिया।
शिक्षा मंत्री ने छात्रों से कहा कि वे एआई का इस्तेमाल करें, लेकिन सोच एल्गोरिदम को न सौंपें। एआई को मानव बुद्धिमत्ता का सहायक बनना चाहिए, उसका विकल्प नहीं। उन्होंने कहा कि एआई एक उत्तर दे सकता है, लेकिन विश्वविद्यालय की भूमिका विद्यार्थियों को सही सवाल पूछना सिखाने की है। उन्होंने युवाओं को एआई का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने की सलाह देते हुए कहा कि वे यह समझें कि तकनीक कैसे काम करती है।
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इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रोफाइल वीडियो का शुभारंभ तथा अवधारणा कोश के दूसरे संस्करण का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने कहा कि दीक्षारंभ एक ऐसी शैक्षणिक यात्रा है जो आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित है। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है।
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