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Delhi NCR News: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा छात्रों के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत
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राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने अपनी-अपनी दी प्रतिक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने के बाद शहर में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। शुक्रवार और शनिवार को जिले में संयुक्त किसान मोर्चा, भीम आर्मी भारत एकता मिशन और जिला कांग्रेस कमेटी सहित कई संगठनों ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया था तथा जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा था। इस्तीफे के बाद इन संगठनों ने इसे छात्र आंदोलन और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया, जबकि भाजपा ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के हित में पहले भी काम कर रही थी और आगे भी करती रहेगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ किसान नेता महेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत है। यह युवाओं के संघर्ष की सफलता और सरकार के अडियल रवैये की हार है। इस आंदोलन ने साबित कर दिया है कि भारत में संसद के साथ-साथ लोकतांत्रिक आंदोलनों के माध्यम से भी जनता अपनी बात मनवाने में सक्षम है। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रदेश उपाध्यक्ष नकुल ने कहा कि एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में संगठन ने छात्रों के हित में लगातार आवाज उठाई। 25 जुलाई को पूरे देश में जिला उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे गए। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की एकजुटता और लोकतांत्रिक आंदोलन की बड़ी जीत है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नेतरपाल अधाना ने कहा कि यह छात्र एकता की जीत है। इस आंदोलन में सहयोग करने वाले प्रत्येक छात्र की मेहनत रंग लाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगातार छात्रों के हित में आवाज उठाई और आगे भी छात्र हितों के लिए संघर्ष करती रहेगी। इस संबंध में भाजपा का पक्ष जानने के लिए जिला अध्यक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने के बाद शहर में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। शुक्रवार और शनिवार को जिले में संयुक्त किसान मोर्चा, भीम आर्मी भारत एकता मिशन और जिला कांग्रेस कमेटी सहित कई संगठनों ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया था तथा जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा था। इस्तीफे के बाद इन संगठनों ने इसे छात्र आंदोलन और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया, जबकि भाजपा ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के हित में पहले भी काम कर रही थी और आगे भी करती रहेगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ किसान नेता महेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत है। यह युवाओं के संघर्ष की सफलता और सरकार के अडियल रवैये की हार है। इस आंदोलन ने साबित कर दिया है कि भारत में संसद के साथ-साथ लोकतांत्रिक आंदोलनों के माध्यम से भी जनता अपनी बात मनवाने में सक्षम है। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रदेश उपाध्यक्ष नकुल ने कहा कि एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में संगठन ने छात्रों के हित में लगातार आवाज उठाई। 25 जुलाई को पूरे देश में जिला उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे गए। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की एकजुटता और लोकतांत्रिक आंदोलन की बड़ी जीत है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नेतरपाल अधाना ने कहा कि यह छात्र एकता की जीत है। इस आंदोलन में सहयोग करने वाले प्रत्येक छात्र की मेहनत रंग लाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगातार छात्रों के हित में आवाज उठाई और आगे भी छात्र हितों के लिए संघर्ष करती रहेगी। इस संबंध में भाजपा का पक्ष जानने के लिए जिला अध्यक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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