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Delhi NCR News: दिल्ली में हर साल 35 हजार श्रमिकों को मिलेगी हुनरमंद बनाने की ट्रेनिंग
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श्रमिक दिवस पर कई बड़े तोहफे
ट्रेनिंग रजिस्ट्रेशन-नवीनीकरण शुल्क माफ, सामूहिक विवाह कराएगी सरकार, लेबर चौक और आधुनिक श्रमिक सेवा केंद्र जल्द
मुख्यमंत्री ने 1000 श्रमिकों को बांटी सेफ्टी किट, 100 बच्चों को मिली शिक्षा किट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर शुक्रवार को धीरपुर स्थित संत निरंकारी मंडल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजदूरों को कई बड़े तोहफे दिये। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली में हर साल करीब 35,000 श्रमिकों को कौशल प्रशिक्षण देंगे, जिससे वे अपने काम में और दक्ष बन सकें और उनकी आय भी बढ़े। मुख्यमंत्री ने कौशल प्रशिक्षण, सुरक्षा, शिक्षा और इनकी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार श्रमिकों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाना प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) योजना के तहत इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि हर बैच में कम से कम 20 श्रमिक होंगे और शुरुआती दौर में 5 बैच शुरू किए गए हैं, जिनमें हर बैच में 100 श्रमिक शामिल हैं। प्रशिक्षण जिला स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के जरिए दिया जाएगा। इसमें असिस्टेंट मेसन, बार बेंडर, इलेक्ट्रीशियन, कंस्ट्रक्शन पेंटर और शटरिंग कारपेंटर जैसे कामों की ट्रेनिंग शामिल है।
श्रमिकों को सम्मान देना भी सरकार की जिम्मेदारी : कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का विकास श्रमिकों की मेहनत से ही संभव हुआ है। श्रमिक केवल काम नहीं करते, बल्कि देश की तरक्की की नींव रखते हैं। सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ काम लेना नहीं, बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और उनके परिवारों के भविष्य को बेहतर बनाना भी है। मुख्यमंत्री ने 1000 निर्माण श्रमिकों को सेफ्टी किट भी वितरित कीं।
श्रमिक ट्रेनिंग के लिए फीस नहीं देनी : मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि अब पंजीकृत भवन एवं निर्माण श्रमिकों का 20 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क और 5 रुपये का नवीनीकरण शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया है। इसके अलावा सामूहिक विवाह योजना शुरू की जाएगी, जिसमें पात्र जोड़ों को आर्थिक मदद दी जाएगी और शादी से जुड़ा पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
जल्द बनेंगे सुविधापूर्ण लेबर चौक : श्रमिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार आधुनिक लेबर चौक और आधुनिक श्रमिक सेवा केंद्र भी बनाएगी। इन केंद्रों पर पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, प्राथमिक उपचार, रोजगार की जानकारी, कौशल विकास और शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं मिलेंगी। दिल्ली सरकार सिंगल विंडो पोर्टल, लेबर चौकों पर पंजीकरण, बेहतर न्यूनतम वेतन, 5 रुपये में भोजन देने वाली अटल कैंटीन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और मोबाइल हेल्थ सेवाओं जैसी सुविधाएं दे रही है।
श्रमिकों की सुनने वाली सीएम मिली: कपिल मिश्रा
दिल्ली के श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिक दिवस और बुद्ध पूर्णिमा सेवा और सम्मान का प्रतीक है। दिल्ली ने लंबे समय बाद ऐसी मुख्यमंत्री देखी है, जो सीधे श्रमिकों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रही हैं। सरकार का मकसद सिर्फ घोषणाएं करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करना है ताकि असल बदलाव दिखे।
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मुख्यमंत्री ने 1000 श्रमिकों को बांटी सेफ्टी किट, 100 बच्चों को मिली शिक्षा किट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर शुक्रवार को धीरपुर स्थित संत निरंकारी मंडल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजदूरों को कई बड़े तोहफे दिये। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली में हर साल करीब 35,000 श्रमिकों को कौशल प्रशिक्षण देंगे, जिससे वे अपने काम में और दक्ष बन सकें और उनकी आय भी बढ़े। मुख्यमंत्री ने कौशल प्रशिक्षण, सुरक्षा, शिक्षा और इनकी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार श्रमिकों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाना प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) योजना के तहत इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि हर बैच में कम से कम 20 श्रमिक होंगे और शुरुआती दौर में 5 बैच शुरू किए गए हैं, जिनमें हर बैच में 100 श्रमिक शामिल हैं। प्रशिक्षण जिला स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के जरिए दिया जाएगा। इसमें असिस्टेंट मेसन, बार बेंडर, इलेक्ट्रीशियन, कंस्ट्रक्शन पेंटर और शटरिंग कारपेंटर जैसे कामों की ट्रेनिंग शामिल है।
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श्रमिकों को सम्मान देना भी सरकार की जिम्मेदारी : कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का विकास श्रमिकों की मेहनत से ही संभव हुआ है। श्रमिक केवल काम नहीं करते, बल्कि देश की तरक्की की नींव रखते हैं। सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ काम लेना नहीं, बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और उनके परिवारों के भविष्य को बेहतर बनाना भी है। मुख्यमंत्री ने 1000 निर्माण श्रमिकों को सेफ्टी किट भी वितरित कीं।
श्रमिक ट्रेनिंग के लिए फीस नहीं देनी : मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि अब पंजीकृत भवन एवं निर्माण श्रमिकों का 20 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क और 5 रुपये का नवीनीकरण शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया है। इसके अलावा सामूहिक विवाह योजना शुरू की जाएगी, जिसमें पात्र जोड़ों को आर्थिक मदद दी जाएगी और शादी से जुड़ा पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
जल्द बनेंगे सुविधापूर्ण लेबर चौक : श्रमिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार आधुनिक लेबर चौक और आधुनिक श्रमिक सेवा केंद्र भी बनाएगी। इन केंद्रों पर पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, प्राथमिक उपचार, रोजगार की जानकारी, कौशल विकास और शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं मिलेंगी। दिल्ली सरकार सिंगल विंडो पोर्टल, लेबर चौकों पर पंजीकरण, बेहतर न्यूनतम वेतन, 5 रुपये में भोजन देने वाली अटल कैंटीन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और मोबाइल हेल्थ सेवाओं जैसी सुविधाएं दे रही है।
श्रमिकों की सुनने वाली सीएम मिली: कपिल मिश्रा
दिल्ली के श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिक दिवस और बुद्ध पूर्णिमा सेवा और सम्मान का प्रतीक है। दिल्ली ने लंबे समय बाद ऐसी मुख्यमंत्री देखी है, जो सीधे श्रमिकों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रही हैं। सरकार का मकसद सिर्फ घोषणाएं करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करना है ताकि असल बदलाव दिखे।
