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Faridabad News: अलग-अलग मामलों में झांसा देकर 11 लोगों से लाखों की ठगी
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सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में निवेश पर मुनाफा, बैंक केवाईसी, एपीके फाइल, फोन हैक, ऑनलाइन खरीदारी, स्टॉक मार्केट और ऑनलाइन बिक्री के अलग-अलग झांसे देकर 11 लोगों से लाखों रुपये की साइबर ठगी की गई। इन शिकायतों पर 22 जुलाई से 1 अगस्त 2026 के बीच साइबर अपराध थाना एनआईटी और साइबर अपराध थाना बल्लभगढ़ में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत जांच शुरू कर दी गई है।
सेक्टर-7डी निवासी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी मुकट बिहारी मंगला ने शिकायत में बताया कि 16 अप्रैल को सोशल मीडिया पर निवेश का विज्ञापन देखने के बाद एक महिला ने शेयर कारोबार में मुनाफे का झांसा दिया। 29 अप्रैल को उन्होंने तीन लाख रुपये जमा कराए। कुल 3,21,999 रुपये की ठगी होने पर 23 मई को साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई। इस मामले में एक अगस्त को साइबर अपराध थाना बल्लभगढ़ में प्राथमिकी दर्ज की गई।
इसी तरह 16 जुलाई को गुरदीप सिंह से बैंक केवाईसी के नाम पर एपीके फाइल डाउनलोड कराकर 2,31,815 रुपये की ठगी की गई। शिकायत 18 जुलाई को दर्ज हुई और 22 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई। 24 जुलाई को पंकज कुमार से क्रेडिट कार्ड अपग्रेड कराने के नाम पर 2,14,261 रुपये ठगे गए और 25 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज हुई। पुनीत विरमानी के साथ 6 जुलाई को स्क्रीन साझा कराकर 3,88,755.21 रुपये की ठगी हुई, जिसकी प्राथमिकी 25 जुलाई को दर्ज की गई। डॉ. राकेश कुमार से 22-23 जुलाई के दौरान 3.94 लाख रुपये की ठगी हुई और 26 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई।
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26 जुलाई को ओएलएक्स पर किताब बेचने के दौरान मृदुस्मिता बोरदोलोई से 1,80,549.95 रुपये, 27 जून और 1 जुलाई को कंप्यूटर उपकरण खरीदने के नाम पर अश्विनी कुमार से 1.40 लाख रुपये, 13 से 23 जुलाई के बीच डीमैट खाते में निवेश के नाम पर शाम कुमार भाटिया से 1,26,999 रुपये, 24 जून से 3 जुलाई के बीच गारमेंट सप्लाई के नाम पर प्रिंस मिश्रा से 53,760 रुपये, 12 और 13 जुलाई को उपहार भेजने के बहाने नीमा रौतेला से 47,200 रुपये, 27-28 मार्च 2026 को अजय कुमार यादव और उनकी पत्नी के खातों से करीब 1.50 लाख रुपये व 31 जुलाई को त्रिवेंद्र सिंघल के खातों से 1.95 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि इन सभी मामलों में शिकायतों के आधार पर 25 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अलग-अलग तिथियों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में निवेश पर मुनाफा, बैंक केवाईसी, एपीके फाइल, फोन हैक, ऑनलाइन खरीदारी, स्टॉक मार्केट और ऑनलाइन बिक्री के अलग-अलग झांसे देकर 11 लोगों से लाखों रुपये की साइबर ठगी की गई। इन शिकायतों पर 22 जुलाई से 1 अगस्त 2026 के बीच साइबर अपराध थाना एनआईटी और साइबर अपराध थाना बल्लभगढ़ में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत जांच शुरू कर दी गई है।
सेक्टर-7डी निवासी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी मुकट बिहारी मंगला ने शिकायत में बताया कि 16 अप्रैल को सोशल मीडिया पर निवेश का विज्ञापन देखने के बाद एक महिला ने शेयर कारोबार में मुनाफे का झांसा दिया। 29 अप्रैल को उन्होंने तीन लाख रुपये जमा कराए। कुल 3,21,999 रुपये की ठगी होने पर 23 मई को साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई। इस मामले में एक अगस्त को साइबर अपराध थाना बल्लभगढ़ में प्राथमिकी दर्ज की गई।
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इसी तरह 16 जुलाई को गुरदीप सिंह से बैंक केवाईसी के नाम पर एपीके फाइल डाउनलोड कराकर 2,31,815 रुपये की ठगी की गई। शिकायत 18 जुलाई को दर्ज हुई और 22 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई। 24 जुलाई को पंकज कुमार से क्रेडिट कार्ड अपग्रेड कराने के नाम पर 2,14,261 रुपये ठगे गए और 25 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज हुई। पुनीत विरमानी के साथ 6 जुलाई को स्क्रीन साझा कराकर 3,88,755.21 रुपये की ठगी हुई, जिसकी प्राथमिकी 25 जुलाई को दर्ज की गई। डॉ. राकेश कुमार से 22-23 जुलाई के दौरान 3.94 लाख रुपये की ठगी हुई और 26 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई।
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26 जुलाई को ओएलएक्स पर किताब बेचने के दौरान मृदुस्मिता बोरदोलोई से 1,80,549.95 रुपये, 27 जून और 1 जुलाई को कंप्यूटर उपकरण खरीदने के नाम पर अश्विनी कुमार से 1.40 लाख रुपये, 13 से 23 जुलाई के बीच डीमैट खाते में निवेश के नाम पर शाम कुमार भाटिया से 1,26,999 रुपये, 24 जून से 3 जुलाई के बीच गारमेंट सप्लाई के नाम पर प्रिंस मिश्रा से 53,760 रुपये, 12 और 13 जुलाई को उपहार भेजने के बहाने नीमा रौतेला से 47,200 रुपये, 27-28 मार्च 2026 को अजय कुमार यादव और उनकी पत्नी के खातों से करीब 1.50 लाख रुपये व 31 जुलाई को त्रिवेंद्र सिंघल के खातों से 1.95 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि इन सभी मामलों में शिकायतों के आधार पर 25 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अलग-अलग तिथियों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।