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पानी के 50% से अधिक नमूने फेल
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फरीदाबाद। नगर निगम की ओर से आपके घरों में की जा रही पेयजल की आपूर्ति आपकी सेहत को खराब कर सकती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले छह महीने के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पानी के ट्यूबवेल से 60 नमूने लिए गए थे। उनमें से 33 नमूने फेल हो गए हैं। 27 की जांच रिपोर्ट संतोषजनक मिली है।
नगर निगम के ट्यूबवेल से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के अनुसार डबुआ कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी सहित कई अन्य कॉलोनियों के ट्यूबवेल से पानी के नमूने लिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के अनुसार इनमें से अधिकतर जगहों पर क्लोरीन की मात्रा कम पाई गई है। जो स्वास्थ्य के खतरनाक हो सकता है। बादशाह खान अस्पताल के डॉ. योगेश गुप्ता का कहना है कि क्लोरीन की मात्रा कम होने से जल जनित बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है। जो स्वास्थ्य के लिहाज से उपयुक्त नहीं है। इसमें उन स्थानों के भी पानी के सैंपल शामिल हैं, जहां नगर निगम की आपूर्ति नहीं है और सबमर्सिबल के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पानी में क्लोरीन अधिक या कम दोनों स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। क्लोरीन पानी के बैक्टीरिया को समाप्त करती है। इसकी वजह से विभिन्न रोग जैसे निमोनिया, डायरिया, उल्टी, दस्त और पेट में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पेयजल के नमूने लिए गए थे। इनकी रिपोर्ट नगर निगम को दी जाती है। अब यह नगर निगम पर निर्भर करता है कि उसे पानी की गुणवत्ता के लिए क्या कदम उठाने हैं।
- डॉ. रामभगत, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी
महीना - सैंपल- पास - फेल
जनवरी- 3 - 1 - 2
फरवरी - 5 - 3 - 2
मार्च - 12 - 5 - 7
अप्रैल - 15 - 8 - 7
मई - 18 - 7 - 11
जून - 7 - 3 - 4
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नगर निगम के ट्यूबवेल से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के अनुसार डबुआ कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी सहित कई अन्य कॉलोनियों के ट्यूबवेल से पानी के नमूने लिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के अनुसार इनमें से अधिकतर जगहों पर क्लोरीन की मात्रा कम पाई गई है। जो स्वास्थ्य के खतरनाक हो सकता है। बादशाह खान अस्पताल के डॉ. योगेश गुप्ता का कहना है कि क्लोरीन की मात्रा कम होने से जल जनित बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है। जो स्वास्थ्य के लिहाज से उपयुक्त नहीं है। इसमें उन स्थानों के भी पानी के सैंपल शामिल हैं, जहां नगर निगम की आपूर्ति नहीं है और सबमर्सिबल के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पानी में क्लोरीन अधिक या कम दोनों स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। क्लोरीन पानी के बैक्टीरिया को समाप्त करती है। इसकी वजह से विभिन्न रोग जैसे निमोनिया, डायरिया, उल्टी, दस्त और पेट में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
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जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पेयजल के नमूने लिए गए थे। इनकी रिपोर्ट नगर निगम को दी जाती है। अब यह नगर निगम पर निर्भर करता है कि उसे पानी की गुणवत्ता के लिए क्या कदम उठाने हैं।
- डॉ. रामभगत, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी
महीना - सैंपल- पास - फेल
जनवरी- 3 - 1 - 2
फरवरी - 5 - 3 - 2
मार्च - 12 - 5 - 7
अप्रैल - 15 - 8 - 7
मई - 18 - 7 - 11
जून - 7 - 3 - 4

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