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Faridabad News: 200 करोड़ से अधिक के घोटाले में फिर एक्टिव मोड में आई एसीबी
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सेवानिवृत्त हो चुके मुख्य अभियंता और तत्कालीन अकाउंट शाखा ऑफिसर इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई के लिए परमिशन मिली
एसीबी ने दोनों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा
सोनू यादव
फरीदाबाद। नगर निगम के 200 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की परमिशन मिलते ही एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम फिर से एक्टिव मोड में आ गई है। एसीबी की ओर से सेवानिवृत्त हो चुके मुख्य अभियंता दौलतराम भास्कर और तत्कालीन अकाउंट शाखा ऑफिसर इंचार्ज सतीश कुमार को नोटिस जारी किया है। इन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एसीबी के इंस्पेक्टर संतराम ने बताया कि साल 2025 की प्राथमिकी नंबर 23 में नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल फरीदाबाद नगर निगम में लगभग 200 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला बीते कई साल से चर्चा में है। आरोप है कि साल 2018 और उसके आस-पास की अवधि के दौरान नगर निगम के तत्कालीन कर्मचारियों व अधिकारियों ने मिलकर ये फर्जीवाड़ा किया। विकास कार्यों के नाम पर कुछ एस्टीमेट तैयार कर इन्हें अलग-अलग ठेकेदारों को टेंडर देकर वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए। बाद में लाखों रुपये के टेंडर को करोड़ों रुपये में बदलकर रिवाइज वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए। इस घोटाले में तत्कालीन कई नगर निगम आयुक्त से लेकर ऑडिट शाखा, इंजीनियरिंग शाखा समेत अन्य कर्मचारियों के नाम सामने आए। एसीबी ने साल 2022 में 2, 2023 में 1 व 2025 में 2 प्राथमिकी दर्ज की गई।
सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसीबी की ओर से प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर अनुमति मांगी गई। प्रदेश सरकार की ओर से अनुमति नहीं दी गई तो कुछ निचले स्तर के कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। तब अदालत ने प्रदेश सरकार को भी कार्रवाई की परमिशन न देने को लेकर कमेंट किया।
एसीबी की ओर से पिछले दिनों फिर से प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर पीसी एक्ट की धारा 17ए के तहत कार्रवाई के लिए परमिशन मांगी गई। दो आरोपियों सेवानिवृत्त हो चुके मुख्य अभियंता दौलतराम भास्कर और तत्कालीन अकाउंट शाखा ऑफिसर इंचार्ज सतीश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की परमिशन एसीबी को मिल चुकी है। ये मिलते ही एसीबी की ओर से दोनों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने को कहा गया है।
एसीबी की ओर से ये नोटिस साल 2025 की प्राथमिकी नंबर 23 में दिया गया है। इस प्राथमिकी में आरोप है कि तिगांव रोड के विकास कार्यों के बिलों में फर्जीवाड़ा किया गया। लगभग 75 लाख रुपये के वर्क ऑर्डरों की रकम को रिवाइज कर 12 करोड़ से अधिक के बिल बनाकर पेमेंट जारी कर दी गई।
सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता दौलतराम भास्कर ने अदालत का दरवाजा खटखटाया
वहीं नोटिस मिलते ही सेवानिवृत्त हो चुके तत्कालीन मुख्य अभियंता दौलतराम भास्कर ने जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनकी ओर से अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई है। मामले में बृहस्पतिवार को जिला अदालत में सुनवाई के दौरान बहस भी हुई। अब इस मामले में अदालत ने 27 अप्रैल की डेट तय की है।
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एसीबी ने दोनों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा
सोनू यादव
फरीदाबाद। नगर निगम के 200 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की परमिशन मिलते ही एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम फिर से एक्टिव मोड में आ गई है। एसीबी की ओर से सेवानिवृत्त हो चुके मुख्य अभियंता दौलतराम भास्कर और तत्कालीन अकाउंट शाखा ऑफिसर इंचार्ज सतीश कुमार को नोटिस जारी किया है। इन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एसीबी के इंस्पेक्टर संतराम ने बताया कि साल 2025 की प्राथमिकी नंबर 23 में नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल फरीदाबाद नगर निगम में लगभग 200 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला बीते कई साल से चर्चा में है। आरोप है कि साल 2018 और उसके आस-पास की अवधि के दौरान नगर निगम के तत्कालीन कर्मचारियों व अधिकारियों ने मिलकर ये फर्जीवाड़ा किया। विकास कार्यों के नाम पर कुछ एस्टीमेट तैयार कर इन्हें अलग-अलग ठेकेदारों को टेंडर देकर वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए। बाद में लाखों रुपये के टेंडर को करोड़ों रुपये में बदलकर रिवाइज वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए। इस घोटाले में तत्कालीन कई नगर निगम आयुक्त से लेकर ऑडिट शाखा, इंजीनियरिंग शाखा समेत अन्य कर्मचारियों के नाम सामने आए। एसीबी ने साल 2022 में 2, 2023 में 1 व 2025 में 2 प्राथमिकी दर्ज की गई।
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सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसीबी की ओर से प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर अनुमति मांगी गई। प्रदेश सरकार की ओर से अनुमति नहीं दी गई तो कुछ निचले स्तर के कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। तब अदालत ने प्रदेश सरकार को भी कार्रवाई की परमिशन न देने को लेकर कमेंट किया।
एसीबी की ओर से पिछले दिनों फिर से प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर पीसी एक्ट की धारा 17ए के तहत कार्रवाई के लिए परमिशन मांगी गई। दो आरोपियों सेवानिवृत्त हो चुके मुख्य अभियंता दौलतराम भास्कर और तत्कालीन अकाउंट शाखा ऑफिसर इंचार्ज सतीश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की परमिशन एसीबी को मिल चुकी है। ये मिलते ही एसीबी की ओर से दोनों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने को कहा गया है।
एसीबी की ओर से ये नोटिस साल 2025 की प्राथमिकी नंबर 23 में दिया गया है। इस प्राथमिकी में आरोप है कि तिगांव रोड के विकास कार्यों के बिलों में फर्जीवाड़ा किया गया। लगभग 75 लाख रुपये के वर्क ऑर्डरों की रकम को रिवाइज कर 12 करोड़ से अधिक के बिल बनाकर पेमेंट जारी कर दी गई।
सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता दौलतराम भास्कर ने अदालत का दरवाजा खटखटाया
वहीं नोटिस मिलते ही सेवानिवृत्त हो चुके तत्कालीन मुख्य अभियंता दौलतराम भास्कर ने जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनकी ओर से अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई है। मामले में बृहस्पतिवार को जिला अदालत में सुनवाई के दौरान बहस भी हुई। अब इस मामले में अदालत ने 27 अप्रैल की डेट तय की है।

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