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Faridabad News: साइबर ठगी मामले में आरोपी गिरफ्तार
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-व्हाट्सएप के जरिए देता था कमाई का झांसा
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। नूंह साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फर्जी मोबाइल फोन और सिम कार्ड के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ताज मोहम्मद पुत्र ईसब निवासी गांव झिमरावट कोरा बास, थाना पिनगवां के रूप में हुई है।
खानपुर घाटी अड्डे पर गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक मुंबई एक्सप्रेसवे के पुल के नीचे बैठकर फर्जी मोबाइल के जरिए साइबर ठगी को अंजाम दे रहा है। टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी की। आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें अलग-अलग सिम कार्ड लगे हुए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को घर बैठे पैसे कमाने और ठगी के पैसे वापस दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था।
मोबाइल फोन की जांच में चैटिंग, वॉइस रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट के रूप में कई अहम सबूत मिले हैं। इसके अलावा फोन में फर्जी कोड और पुलिस की वर्दी में बनाई गई वीडियो भी मिली हैं, जिनका इस्तेमाल लोगों को भरोसे में लेने के लिए किया जाता था। साइबर पोर्टल पर जांच के दौरान बरामद सिम कार्ड के खिलाफ महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से कई शिकायतें दर्ज पाई गईं, जिनमें हजारों रुपये की ठगी सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और दूरसंचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। नूंह साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फर्जी मोबाइल फोन और सिम कार्ड के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ताज मोहम्मद पुत्र ईसब निवासी गांव झिमरावट कोरा बास, थाना पिनगवां के रूप में हुई है।
खानपुर घाटी अड्डे पर गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक मुंबई एक्सप्रेसवे के पुल के नीचे बैठकर फर्जी मोबाइल के जरिए साइबर ठगी को अंजाम दे रहा है। टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी की। आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें अलग-अलग सिम कार्ड लगे हुए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को घर बैठे पैसे कमाने और ठगी के पैसे वापस दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था।
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मोबाइल फोन की जांच में चैटिंग, वॉइस रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट के रूप में कई अहम सबूत मिले हैं। इसके अलावा फोन में फर्जी कोड और पुलिस की वर्दी में बनाई गई वीडियो भी मिली हैं, जिनका इस्तेमाल लोगों को भरोसे में लेने के लिए किया जाता था। साइबर पोर्टल पर जांच के दौरान बरामद सिम कार्ड के खिलाफ महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से कई शिकायतें दर्ज पाई गईं, जिनमें हजारों रुपये की ठगी सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और दूरसंचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।