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Faridabad News: मक्के की रोटी-सरसों का साग...मेले में मिलेगा हर तरह का स्वाद
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खाने के शौकीन लोगों के लिए इस बार खास होगा सूरजकुंड मेला, सभी प्रदेशों के व्यंजनों का उठा सकेंगे लुत्फ
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला शनिवार से शुरू होने जा रहा है। मेले को लेकर प्रशासन, दुकानदार और कलाकार तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस बार सूरजकुंड मेला खास तौर पर खाने के शौकीन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने वाला है, जहां देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद एक ही स्थान पर चखने को मिलेगा।
राजस्थान की मशहूर दाल-बाटी-चूरमा से लेकर पंजाब की मक्के की रोटी और सरसों का साग लोगों को खूब लुभाएगा। वहीं उत्तर प्रदेश की जलेबी के साथ-साथ प्रसिद्ध जलेबा का स्वाद भी मेले में आने वाले पर्यटकों को मिलेगा। वहीं, बिहार का लिट्टी-चोखा लोगों को काफी पसंद आने वाला है। इसके अलावा दक्षिण भारतीय, पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू मेले के माहौल को और भी खास बना देगी।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सुविधाओं के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर साल की तरह इस बार भी सूरजकुंड मेला देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भारतीय संस्कृति, हस्तशिल्प और खान-पान की विविधता से रूबरू कराएगा। खाने के शौकीनों के लिए यह मेला किसी उत्सव से कम नहीं होगा। मेला परिसर में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजकों का दावा है कि इस बार सूरजकुंड मेला पहले से कहीं अधिक भव्य और यादगार होगा। पर्यटकों को उम्मीद है कि सूरजकुंड मेला न केवल खरीदारी का बेहतर मंच बनेगा, बल्कि उन्हें भारत सहित अन्य देशों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नजदीक से महसूस करने का अवसर भी देगा।
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फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला शनिवार से शुरू होने जा रहा है। मेले को लेकर प्रशासन, दुकानदार और कलाकार तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस बार सूरजकुंड मेला खास तौर पर खाने के शौकीन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने वाला है, जहां देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद एक ही स्थान पर चखने को मिलेगा।
राजस्थान की मशहूर दाल-बाटी-चूरमा से लेकर पंजाब की मक्के की रोटी और सरसों का साग लोगों को खूब लुभाएगा। वहीं उत्तर प्रदेश की जलेबी के साथ-साथ प्रसिद्ध जलेबा का स्वाद भी मेले में आने वाले पर्यटकों को मिलेगा। वहीं, बिहार का लिट्टी-चोखा लोगों को काफी पसंद आने वाला है। इसके अलावा दक्षिण भारतीय, पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू मेले के माहौल को और भी खास बना देगी।
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प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सुविधाओं के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर साल की तरह इस बार भी सूरजकुंड मेला देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भारतीय संस्कृति, हस्तशिल्प और खान-पान की विविधता से रूबरू कराएगा। खाने के शौकीनों के लिए यह मेला किसी उत्सव से कम नहीं होगा। मेला परिसर में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजकों का दावा है कि इस बार सूरजकुंड मेला पहले से कहीं अधिक भव्य और यादगार होगा। पर्यटकों को उम्मीद है कि सूरजकुंड मेला न केवल खरीदारी का बेहतर मंच बनेगा, बल्कि उन्हें भारत सहित अन्य देशों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नजदीक से महसूस करने का अवसर भी देगा।