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Faridabad News: 41 एकड़ में बनेगा वेस्ट-टू-चारकोल प्लांट, भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज
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प्रशासनिक स्तर पर जरूरी औपचारिकताएं लगभग पूरी, शहर से रोजाना करीब 900 टन कचरा निकलता है
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। शहर में वर्षों से चली आ रही कूड़े की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। जिले के मोटूका गांव में नगर निगम फरीदाबाद और एनटीपीसी की सहयोगी इकाई एनवीवीएन के संयुक्त प्रयास से वेस्ट-टू-चारकोल प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट शहर के म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट को आधुनिक तकनीक से प्रोसेस कर चारकोल में बदलेगा जिसका उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकेगा। परियोजना के लिए 41.17 एकड़ भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो चुकी है और प्रशासनिक स्तर पर जरूरी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं।
फरीदाबाद तेजी से बढ़ता औद्योगिक और आवासीय शहर है। आबादी बढ़ने के साथ-साथ कचरे की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है। यहां रोजाना करीब 900 टन कचरा निकलता है, अब तक नगर निगम को कचरे के निस्तारण के लिए बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर निर्भर रहना पड़ता है जिससे पर्यावरण और आसपास के इलाकों पर नकारात्मक असर पड़ता रहा है। मोटूका गांव में प्रस्तावित वेस्ट-टू-चारकोल प्लांट इस पूरी व्यवस्था को बदलने की क्षमता रखता है।
यह परियोजना कचरा निस्तारण के साथ कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की सोच पर आधारित है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तकनीक से प्रोसेस किया गया चारकोल पारंपरिक कोयले का विकल्प बन सकता है और बिजली संयंत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
आधुनिक तकनीक से होगा कचरे का उपयोग
मोटूका में लगने वाला यह प्लांट एमएसडब्ल्यू टू टॉरिफाइड तकनीक पर आधारित होगा। इसमें घरेलू और व्यावसायिक कचरे को वैज्ञानिक तरीके से सुखाकर और प्रोसेस कर उच्च गुणवत्ता का चारकोल तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया में कचरे की मात्रा काफी हद तक कम हो जाती है और उससे निकलने वाला उत्पाद पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।
नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक के जरिए कचरे का शत-प्रतिशत उपयोग संभव होगा। इससे न केवल लैंडफिल पर दबाव कम होगा बल्कि कचरे से होने वाला प्रदूषण भी नियंत्रित किया जा सकेगा।
41 एकड़ जमीन पर बनेगा वेस्ट-टू-एनर्जी हब
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए मोटूका गांव की 41.17 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। यह जमीन फिलहाल हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन के स्वामित्व में है। जिला प्रशासन, नगर निगम और एचपीजीसीएल के बीच समन्वय से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार जमीन का अस्थायी कब्जा नगर निगम को सौंपा जा चुका है। अब स्वामित्व और मूल्य निर्धारण से जुड़ी अंतिम औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो।
जमीन की कीमत पर मिल सकती है राहत
प्रोजेक्ट की लागत को नियंत्रित रखने के लिए नगर निगम की ओर से यह अनुरोध किया गया है कि जमीन कलेक्टर रेट पर या जनहित को देखते हुए निशुल्क उपलब्ध कराई जाए। चूंकि यह परियोजना सीधे तौर पर सार्वजनिक हित स्वच्छता और पर्यावरण सुधार से जुड़ी है इसलिए प्रशासन को उम्मीद है कि इस मांग पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि जमीन कम दर पर या बिना मूल्य के मिलती है तो परियोजना पर आने वाला वित्तीय बोझ कम होगा और काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
पंचायत और ग्रामीण हितों का भी रखा गया ख्याल
मोटूका गांव की ग्राम पंचायत के हितों को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। समझौते के तहत पंचायत को जमीन के बदले वार्षिक एन्युटी दी जाएगी जिसमें हर साल प्रति एकड़ तय वृद्धि का प्रावधान है। यह भुगतान 33 वर्षों तक किया जाएगा, जिससे गांव में विकास कार्यों के लिए स्थायी आय का स्रोत बनेगा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्लांट पर्यावरण मानकों के अनुरूप संचालित होता है और गांव के विकास में सहयोग करता है तो यह परियोजना क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित होगी।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार भूमि हस्तांतरण और वित्तीय स्वीकृतियों के बाद इस परियोजना को नगर निगम सदन में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
20 जुलाई 2024 में सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में गुरुग्राम एवं फरीदाबाद में हरित कोयला संयंत्रों की स्थापना के लिए एनटीपीसी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में साइन किया गया था। इसी समझौते के तहत फरीदाबाद और गुरुग्राम में हरित कोयला उत्पादन के लिए संयंत्रों की स्थापना की जाएगी।- कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल
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मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। शहर में वर्षों से चली आ रही कूड़े की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। जिले के मोटूका गांव में नगर निगम फरीदाबाद और एनटीपीसी की सहयोगी इकाई एनवीवीएन के संयुक्त प्रयास से वेस्ट-टू-चारकोल प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट शहर के म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट को आधुनिक तकनीक से प्रोसेस कर चारकोल में बदलेगा जिसका उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकेगा। परियोजना के लिए 41.17 एकड़ भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो चुकी है और प्रशासनिक स्तर पर जरूरी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं।
फरीदाबाद तेजी से बढ़ता औद्योगिक और आवासीय शहर है। आबादी बढ़ने के साथ-साथ कचरे की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है। यहां रोजाना करीब 900 टन कचरा निकलता है, अब तक नगर निगम को कचरे के निस्तारण के लिए बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर निर्भर रहना पड़ता है जिससे पर्यावरण और आसपास के इलाकों पर नकारात्मक असर पड़ता रहा है। मोटूका गांव में प्रस्तावित वेस्ट-टू-चारकोल प्लांट इस पूरी व्यवस्था को बदलने की क्षमता रखता है।
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यह परियोजना कचरा निस्तारण के साथ कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की सोच पर आधारित है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तकनीक से प्रोसेस किया गया चारकोल पारंपरिक कोयले का विकल्प बन सकता है और बिजली संयंत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
आधुनिक तकनीक से होगा कचरे का उपयोग
मोटूका में लगने वाला यह प्लांट एमएसडब्ल्यू टू टॉरिफाइड तकनीक पर आधारित होगा। इसमें घरेलू और व्यावसायिक कचरे को वैज्ञानिक तरीके से सुखाकर और प्रोसेस कर उच्च गुणवत्ता का चारकोल तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया में कचरे की मात्रा काफी हद तक कम हो जाती है और उससे निकलने वाला उत्पाद पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।
नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक के जरिए कचरे का शत-प्रतिशत उपयोग संभव होगा। इससे न केवल लैंडफिल पर दबाव कम होगा बल्कि कचरे से होने वाला प्रदूषण भी नियंत्रित किया जा सकेगा।
41 एकड़ जमीन पर बनेगा वेस्ट-टू-एनर्जी हब
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए मोटूका गांव की 41.17 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। यह जमीन फिलहाल हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन के स्वामित्व में है। जिला प्रशासन, नगर निगम और एचपीजीसीएल के बीच समन्वय से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार जमीन का अस्थायी कब्जा नगर निगम को सौंपा जा चुका है। अब स्वामित्व और मूल्य निर्धारण से जुड़ी अंतिम औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो।
जमीन की कीमत पर मिल सकती है राहत
प्रोजेक्ट की लागत को नियंत्रित रखने के लिए नगर निगम की ओर से यह अनुरोध किया गया है कि जमीन कलेक्टर रेट पर या जनहित को देखते हुए निशुल्क उपलब्ध कराई जाए। चूंकि यह परियोजना सीधे तौर पर सार्वजनिक हित स्वच्छता और पर्यावरण सुधार से जुड़ी है इसलिए प्रशासन को उम्मीद है कि इस मांग पर सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि जमीन कम दर पर या बिना मूल्य के मिलती है तो परियोजना पर आने वाला वित्तीय बोझ कम होगा और काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
पंचायत और ग्रामीण हितों का भी रखा गया ख्याल
मोटूका गांव की ग्राम पंचायत के हितों को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। समझौते के तहत पंचायत को जमीन के बदले वार्षिक एन्युटी दी जाएगी जिसमें हर साल प्रति एकड़ तय वृद्धि का प्रावधान है। यह भुगतान 33 वर्षों तक किया जाएगा, जिससे गांव में विकास कार्यों के लिए स्थायी आय का स्रोत बनेगा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्लांट पर्यावरण मानकों के अनुरूप संचालित होता है और गांव के विकास में सहयोग करता है तो यह परियोजना क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित होगी।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार भूमि हस्तांतरण और वित्तीय स्वीकृतियों के बाद इस परियोजना को नगर निगम सदन में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
20 जुलाई 2024 में सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में गुरुग्राम एवं फरीदाबाद में हरित कोयला संयंत्रों की स्थापना के लिए एनटीपीसी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में साइन किया गया था। इसी समझौते के तहत फरीदाबाद और गुरुग्राम में हरित कोयला उत्पादन के लिए संयंत्रों की स्थापना की जाएगी।- कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल