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Faridabad News: हरिद्वार से पालकी में विराजमान होकर आ रहे भोलेनाथ
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फरीदाबाद खेड़ी पुल के पास कांवड़ शिविर में शिव भोले के गानों पर नाचते कांवड़िया। फोटो जोगेंद्
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पलवल निवासी रामदत्त की कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र, विशेष पालकी कराई है तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की कतारें इन दिनों सड़कों पर नजर आ रही हैं। कांवड़ यात्रा में आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। पलवल निवासी रामदत्त की कांवड़ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। रामदत्त दो अगस्त को हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकले थे और अब फरीदाबाद पहुंच चुके हैं। इस बार उन्होंने भगवान शिव के लिए विशेष पालकी तैयार कराई है। पालकी में भोलेनाथ को विराजमान किया गया है और साथ में गंगाजल रखा गया है। चार लोग पालकी को कंधों पर उठाकर चल रहे हैं, जबकि दो लोग आगे चलकर रास्ता दिखा रहे हैं।
रामदत्त ने बताया कि उनके साथ कुल छह लोग हैं और वह पिछले कई वर्षों से सावन में हरिद्वार से गंगाजल लेकर आते हैं। इस बार उनकी कांवड़ खास है। उन्होंने बताया कि उनकी एक मन्नत पूरी हुई है। इसी खुशी में भगवान शिव के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए उन्होंने पालकी वाली कांवड़ तैयार कराई। अब फरीदाबाद पहुंचने के बाद वह अगले दिन पलवल के अपने गांव थनथरी जाएंगे।
मन्नत पूरी होने पर अकेले ला रहे 80 लीटर गंगाजल
80 लीटर गंगाजल कंधे पर लेकर चल रहे हीरालाल की श्रद्धा भी लोगों को प्रभावित कर रही है। हीरालाल 14 जुलाई को हरिद्वार गए थे और करीब 22 दिनों की यात्रा पूरी करने के बाद फरीदाबाद पहुंचे हैं। वह अकेले ही कंधे पर 80 लीटर गंगाजल लेकर पैदल चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि शाम तक बल्लभगढ़ पहुंच जाएंगे और शिवरात्रि के दिन घर के पास स्थित शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी भी एक मन्नत पूरी हुई है और इसी श्रद्धा के भाव से उन्होंने अकेले जल लाने का संकल्प लिया।
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मोनिका अपने मायके में शिवलिंग पर चढ़ाएंगी जल
दिल्ली निवासी मोनिका पहली बार कांवड़ यात्रा पर निकली हैं। वह दो अगस्त को अपने पति के साथ हरिद्वार गई थीं और वहां से करीब 10 लीटर गंगाजल लेकर लौट रही हैं। यह जल वह मथुरा स्थित अपने मायके में शिवलिंग पर चढ़ाएंगी। मोनिका ने बताया कि दिल्ली उनका ससुराल और मथुरा मायका है। पहली बार वह अपने मायके में भोलेनाथ को जल अर्पित करेंगी। अगले साल ससुराल के लिए गंगाजल लाने की इच्छा है। कांवड़ियों की यह यात्रा संदेश दे रही है कि जब मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास हो तो कठिन रास्ते भी भक्ति के आगे आसान लगने लगते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की कतारें इन दिनों सड़कों पर नजर आ रही हैं। कांवड़ यात्रा में आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। पलवल निवासी रामदत्त की कांवड़ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। रामदत्त दो अगस्त को हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकले थे और अब फरीदाबाद पहुंच चुके हैं। इस बार उन्होंने भगवान शिव के लिए विशेष पालकी तैयार कराई है। पालकी में भोलेनाथ को विराजमान किया गया है और साथ में गंगाजल रखा गया है। चार लोग पालकी को कंधों पर उठाकर चल रहे हैं, जबकि दो लोग आगे चलकर रास्ता दिखा रहे हैं।
रामदत्त ने बताया कि उनके साथ कुल छह लोग हैं और वह पिछले कई वर्षों से सावन में हरिद्वार से गंगाजल लेकर आते हैं। इस बार उनकी कांवड़ खास है। उन्होंने बताया कि उनकी एक मन्नत पूरी हुई है। इसी खुशी में भगवान शिव के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए उन्होंने पालकी वाली कांवड़ तैयार कराई। अब फरीदाबाद पहुंचने के बाद वह अगले दिन पलवल के अपने गांव थनथरी जाएंगे।
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मन्नत पूरी होने पर अकेले ला रहे 80 लीटर गंगाजल
80 लीटर गंगाजल कंधे पर लेकर चल रहे हीरालाल की श्रद्धा भी लोगों को प्रभावित कर रही है। हीरालाल 14 जुलाई को हरिद्वार गए थे और करीब 22 दिनों की यात्रा पूरी करने के बाद फरीदाबाद पहुंचे हैं। वह अकेले ही कंधे पर 80 लीटर गंगाजल लेकर पैदल चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि शाम तक बल्लभगढ़ पहुंच जाएंगे और शिवरात्रि के दिन घर के पास स्थित शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी भी एक मन्नत पूरी हुई है और इसी श्रद्धा के भाव से उन्होंने अकेले जल लाने का संकल्प लिया।
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मोनिका अपने मायके में शिवलिंग पर चढ़ाएंगी जल
दिल्ली निवासी मोनिका पहली बार कांवड़ यात्रा पर निकली हैं। वह दो अगस्त को अपने पति के साथ हरिद्वार गई थीं और वहां से करीब 10 लीटर गंगाजल लेकर लौट रही हैं। यह जल वह मथुरा स्थित अपने मायके में शिवलिंग पर चढ़ाएंगी। मोनिका ने बताया कि दिल्ली उनका ससुराल और मथुरा मायका है। पहली बार वह अपने मायके में भोलेनाथ को जल अर्पित करेंगी। अगले साल ससुराल के लिए गंगाजल लाने की इच्छा है। कांवड़ियों की यह यात्रा संदेश दे रही है कि जब मन में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास हो तो कठिन रास्ते भी भक्ति के आगे आसान लगने लगते हैं।

फरीदाबाद खेड़ी पुल के पास कांवड़ शिविर में शिव भोले के गानों पर नाचते कांवड़िया। फोटो जोगेंद्

फरीदाबाद खेड़ी पुल के पास कांवड़ शिविर में शिव भोले के गानों पर नाचते कांवड़िया। फोटो जोगेंद्

फरीदाबाद खेड़ी पुल के पास कांवड़ शिविर में शिव भोले के गानों पर नाचते कांवड़िया। फोटो जोगेंद्

फरीदाबाद खेड़ी पुल के पास कांवड़ शिविर में शिव भोले के गानों पर नाचते कांवड़िया। फोटो जोगेंद्