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Faridabad News: बिजली के खंभों के बीच बन रहा सीमेंटेड नाला, निर्माण पर उठ रहे सवाल
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वार्ड-26 के पल्ला-इस्माइलपुर मार्ग पर करीब 2.40 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा नाला
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। वार्ड-26 के पल्ला-इस्माइलपुर मार्ग पर करीब 2.40 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सीमेंटेड नाले को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर बिजली के खंभों को हटाए बिना ही नाले का निर्माण किया जा रहा है जिससे भविष्य में जल निकासी और सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वहीं नगर निगम का कहना है कि परियोजना अभी शुरुआती चरण में है और बिजली के खंभों को जल्द स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
करीब एक किलोमीटर लंबे इस सीमेंटेड नाले का निर्माण क्षेत्र में बरसाती और घरेलू पानी की निकासी की समस्या दूर करने के लिए कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माणाधीन हिस्से में नाले के बीच बिजली के खंभे लगे हैं, जिससे पानी के प्रवाह के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचेगी और आगे चलकर परेशानी हो सकती है।
सफाई कार्य के दौरान खतरे की आशंका
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाला तैयार होने के बाद उसकी सफाई करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि पानी भरे रहने के दौरान खंभे नाले के बीच मौजूद रहे तो सफाई कर्मचारियों को काम करने में दिक्कत आएगी और सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ सकता है। लोगों का कहना है कि इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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राहगीरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
पल्ला-इस्माइलपुर मार्ग क्षेत्र की कई कॉलोनियों और गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे गहरे गड्ढे खोदे जा रहे हैं, जबकि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। इससे विशेषकर रात के समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
निगम का पक्ष- अभी शुरुआती चरण में है परियोजना
नगर निगम के अनुसार नाले की कुल लंबाई लगभग एक किलोमीटर है और अभी केवल करीब 100 मीटर हिस्से का निर्माण हुआ है। निर्माण कार्य शुरुआती चरण में होने के कारण बिजली के खंभों को हटाने की प्रक्रिया समानांतर रूप से आगे बढ़ाई जा रही है। निगम का कहना है कि बुधवार को बिजली निगम के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण भी किया है और आने वाले कुछ दिनों में खंभों को स्थानांतरित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद शेष निर्माण कार्य नियमानुसार पूरा किया जाएगा।
इस मामले की जानकारी नहीं है। इसे देखते हैं कि क्या काम हो रहा है और इस कौन करवा रहा है।
-ओमवरी, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। वार्ड-26 के पल्ला-इस्माइलपुर मार्ग पर करीब 2.40 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सीमेंटेड नाले को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर बिजली के खंभों को हटाए बिना ही नाले का निर्माण किया जा रहा है जिससे भविष्य में जल निकासी और सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वहीं नगर निगम का कहना है कि परियोजना अभी शुरुआती चरण में है और बिजली के खंभों को जल्द स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
करीब एक किलोमीटर लंबे इस सीमेंटेड नाले का निर्माण क्षेत्र में बरसाती और घरेलू पानी की निकासी की समस्या दूर करने के लिए कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माणाधीन हिस्से में नाले के बीच बिजली के खंभे लगे हैं, जिससे पानी के प्रवाह के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचेगी और आगे चलकर परेशानी हो सकती है।
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सफाई कार्य के दौरान खतरे की आशंका
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाला तैयार होने के बाद उसकी सफाई करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि पानी भरे रहने के दौरान खंभे नाले के बीच मौजूद रहे तो सफाई कर्मचारियों को काम करने में दिक्कत आएगी और सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ सकता है। लोगों का कहना है कि इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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राहगीरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
पल्ला-इस्माइलपुर मार्ग क्षेत्र की कई कॉलोनियों और गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे गहरे गड्ढे खोदे जा रहे हैं, जबकि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। इससे विशेषकर रात के समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
निगम का पक्ष- अभी शुरुआती चरण में है परियोजना
नगर निगम के अनुसार नाले की कुल लंबाई लगभग एक किलोमीटर है और अभी केवल करीब 100 मीटर हिस्से का निर्माण हुआ है। निर्माण कार्य शुरुआती चरण में होने के कारण बिजली के खंभों को हटाने की प्रक्रिया समानांतर रूप से आगे बढ़ाई जा रही है। निगम का कहना है कि बुधवार को बिजली निगम के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण भी किया है और आने वाले कुछ दिनों में खंभों को स्थानांतरित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद शेष निर्माण कार्य नियमानुसार पूरा किया जाएगा।
इस मामले की जानकारी नहीं है। इसे देखते हैं कि क्या काम हो रहा है और इस कौन करवा रहा है।
-ओमवरी, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम