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Faridabad News: पौधों के शौक को बनाया कारोबार, पाली की 4 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर
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नर्सरी में तैयार पौधे खरीदने के लिए पहुंचते हैं काफी लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के गांव पाली की चार महिलाओं ने अपने पौधों के प्रति शौक को एक छोटे लेकिन सफल नर्सरी व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। कभी घर के आंगन में गमलों में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने तक सीमित यह शौक आज उनके लिए आय का मजबूत साधन बन चुका है।
इस समूह में उषा, रेखा, शांति और पूनम शामिल हैं। इन महिलाओं ने घर पर विभिन्न प्रकार के सजावटी, फलदार और फूलदार पौधे तैयार करने का कार्य शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ पौधों का उत्पादन किया, लेकिन उनकी मेहनत, लगन और गुणवत्ता के कारण लोगों की मांग बढ़ती गई। धीरे-धीरे उनका नर्सरी व्यवसाय स्थानीय स्तर पर पहचान बनाने लगा।
उनकी नर्सरी में बड़ी संख्या में पौधे तैयार किए जाते हैं और आसपास के क्षेत्रों से लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। इस व्यवसाय से होने वाली आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया है। महिलाओं का कहना है कि पौधों के प्रति प्रेम ने उन्हें रोजगार का नया रास्ता दिखाया। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने और अपनी रुचियों को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के गांव पाली की चार महिलाओं ने अपने पौधों के प्रति शौक को एक छोटे लेकिन सफल नर्सरी व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। कभी घर के आंगन में गमलों में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने तक सीमित यह शौक आज उनके लिए आय का मजबूत साधन बन चुका है।
इस समूह में उषा, रेखा, शांति और पूनम शामिल हैं। इन महिलाओं ने घर पर विभिन्न प्रकार के सजावटी, फलदार और फूलदार पौधे तैयार करने का कार्य शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ पौधों का उत्पादन किया, लेकिन उनकी मेहनत, लगन और गुणवत्ता के कारण लोगों की मांग बढ़ती गई। धीरे-धीरे उनका नर्सरी व्यवसाय स्थानीय स्तर पर पहचान बनाने लगा।
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उनकी नर्सरी में बड़ी संख्या में पौधे तैयार किए जाते हैं और आसपास के क्षेत्रों से लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। इस व्यवसाय से होने वाली आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया है। महिलाओं का कहना है कि पौधों के प्रति प्रेम ने उन्हें रोजगार का नया रास्ता दिखाया। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने और अपनी रुचियों को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित किया है।
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