{"_id":"69cc211007617c84230d9638","slug":"clouds-of-crisis-loom-over-the-girls-bus-service-faridabad-news-c-25-1-mwt1001-110961-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: छात्राओं की बस सेवा पर मंडरा रहे संकट के बादल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: छात्राओं की बस सेवा पर मंडरा रहे संकट के बादल
विज्ञापन
विज्ञापन
क्रासर -
-शिक्षा विभाग पर लंबित है रोडवेज का 40 करोड़ का बकाया, विभाग को भेजा पत्र
-174 गांवों की छात्राएं रोजाना बस सेवा पर निर्भर
रिजवान खान
नूंह। जिले में छात्राओं को स्कूल तक पहुंचाने के लिए संचालित बस सेवा अब आर्थिक दबाव में आ गई है। परिवहन विभाग के अनुसार शिक्षा विभाग पर अप्रैल 2022 से फरवरी 2026 तक का 40 करोड़ रुपये से अधिक किराया बकाया है, जिससे इस महत्वपूर्ण व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई यह बस सेवा लंबे समय से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। वर्तमान में 20 बसें 39 निर्धारित रूटों पर चल रही हैं, जो जिले के करीब 174 गांवों को जोड़ते हुए 21 स्कूलों तक छात्राओं को पहुंचाती हैं। इस सुविधा के चलते दूरदराज इलाकों की हजारों छात्राएं नियमित रूप से स्कूल जा पा रही हैं।हालांकि, पिछले करीब चार वर्षों से शिक्षा विभाग द्वारा परिवहन विभाग को बसों का किराया नहीं दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कई बार इस संबंध में पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है। बकाया राशि लगातार बढ़ती हुई अब 40 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।
- संकट की स्थिति :
भुगतान न मिलने के कारण परिवहन विभाग के सामने घाटे को संभालना मुश्किल होता जा रहा है। ईंधन, मरम्मत और कर्मचारियों के वेतन का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे व्यवस्था पर असर पड़ने का खतरा है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो बसों की संख्या कम करने या सेवा सीमित करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।
-- -- -- -- -- -- --
- बस सेवा प्रभावित होने पर पड़ेगा छात्राओं पर असर :
इस सेवा के प्रभावित होने का सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ेगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं के लिए यह बस सेवा ही स्कूल तक पहुंचने का मुख्य साधन है। इसके बाधित होने से कई छात्राओं के सामने पढ़ाई छोड़ने की नौबत भी आ सकती है। यह मामला केवल विभागीय भुगतान का नहीं, बल्कि हजारों छात्राओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि दोनों विभाग आपसी समन्वय बनाकर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालें, ताकि शिक्षा की यह महत्वपूर्ण कड़ी कमजोर न पड़े।
-- -- -- -- -- -- -
छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा रोडवेज को स्कूलों में लगाया हुआ है। पिछले करीब 4 साल से निरंतर स्कूलों के लिए बस सेवा दी जा रही है। लेकिन शिक्षा विभाग की तरफ से बसों का किराया नहीं जमा कराया गया है। हमने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार पत्राचार कर अवगत कराया लेकिन अभी तक किराया नहीं भरा गया है।
- कुलदीप जांगड़ा, जनरल मैनेजर, हरियाणा रोडवेज, नूंह
Trending Videos
-शिक्षा विभाग पर लंबित है रोडवेज का 40 करोड़ का बकाया, विभाग को भेजा पत्र
-174 गांवों की छात्राएं रोजाना बस सेवा पर निर्भर
रिजवान खान
नूंह। जिले में छात्राओं को स्कूल तक पहुंचाने के लिए संचालित बस सेवा अब आर्थिक दबाव में आ गई है। परिवहन विभाग के अनुसार शिक्षा विभाग पर अप्रैल 2022 से फरवरी 2026 तक का 40 करोड़ रुपये से अधिक किराया बकाया है, जिससे इस महत्वपूर्ण व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई यह बस सेवा लंबे समय से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। वर्तमान में 20 बसें 39 निर्धारित रूटों पर चल रही हैं, जो जिले के करीब 174 गांवों को जोड़ते हुए 21 स्कूलों तक छात्राओं को पहुंचाती हैं। इस सुविधा के चलते दूरदराज इलाकों की हजारों छात्राएं नियमित रूप से स्कूल जा पा रही हैं।हालांकि, पिछले करीब चार वर्षों से शिक्षा विभाग द्वारा परिवहन विभाग को बसों का किराया नहीं दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कई बार इस संबंध में पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है। बकाया राशि लगातार बढ़ती हुई अब 40 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- संकट की स्थिति :
भुगतान न मिलने के कारण परिवहन विभाग के सामने घाटे को संभालना मुश्किल होता जा रहा है। ईंधन, मरम्मत और कर्मचारियों के वेतन का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे व्यवस्था पर असर पड़ने का खतरा है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो बसों की संख्या कम करने या सेवा सीमित करने जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।
- बस सेवा प्रभावित होने पर पड़ेगा छात्राओं पर असर :
इस सेवा के प्रभावित होने का सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ेगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं के लिए यह बस सेवा ही स्कूल तक पहुंचने का मुख्य साधन है। इसके बाधित होने से कई छात्राओं के सामने पढ़ाई छोड़ने की नौबत भी आ सकती है। यह मामला केवल विभागीय भुगतान का नहीं, बल्कि हजारों छात्राओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि दोनों विभाग आपसी समन्वय बनाकर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालें, ताकि शिक्षा की यह महत्वपूर्ण कड़ी कमजोर न पड़े।
छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हरियाणा रोडवेज को स्कूलों में लगाया हुआ है। पिछले करीब 4 साल से निरंतर स्कूलों के लिए बस सेवा दी जा रही है। लेकिन शिक्षा विभाग की तरफ से बसों का किराया नहीं जमा कराया गया है। हमने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार पत्राचार कर अवगत कराया लेकिन अभी तक किराया नहीं भरा गया है।
- कुलदीप जांगड़ा, जनरल मैनेजर, हरियाणा रोडवेज, नूंह