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Faridabad News: डिजिटलीकरण और पर्याप्त फंड ने बदलीं पंचायतों की तस्वीरें
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राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस : आंकड़े दे रहे विकास की गवाही, स्वच्छता और फंड उपयोग में आई तेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल को मनाया जाता है। फरीदाबाद में बीते एक साल के आंकड़े बताते हैं कि पंचायतें अब योजनाओं को जमीन पर उतारने में पहले से ज्यादा प्रभावी हो गई हैं। जिले में वर्तमान में 116 ग्राम पंचायत हैं। इन पंचायतों के माध्यम से करीब तीन लाख से अधिक ग्रामीण आबादी तक सीधे योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।
आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 90 फीसदी से अधिक घरों में शौचालय की सुविधा है। जल जीवन मिशन के तहत जिले की लगभग 85 फीसदी ग्रामीण आबादी को नल से जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। वित्तीय पहलुओं पर नजर डालें तो पिछले वित्त वर्ष में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित हुआ। करीब 70-75 फीसदी तक फंड का उपयोग गांवों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक भवन जैसे कार्यों पर किया गया। स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी पंचायतों की सक्रियता बढ़ी है। हरियाणा में हाल के आंकड़ों के अनुसार करीब 35 फीसदी ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त प्रमाणन के लिए पात्र घोषित हुई हैं, जिसमें फरीदाबाद की पंचायतों का भी योगदान शामिल है।
डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में भी बदलाव देखने को मिला है। लगभग 80 फीसदी पंचायतों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और योजनाओं की मॉनिटरिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। महिला सशक्तीकरण पंचायत स्तर पर सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। जिले में लगभग 50 फीसदी से अधिक सीटों पर महिलाएं निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रही हैं। रोजगार के क्षेत्र में मनरेगा जैसी योजनाओं के तहत हजारों ग्रामीणों को काम मिला। पिछले एक साल में औसतन 20-25 हजार जॉब कार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया, जिससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर फरीदाबाद के ये आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि पंचायतें अब केवल कागजी व्यवस्था नहीं, बल्कि जमीनी विकास का मजबूत माध्यम बन चुकी हैं। स्वच्छता, जल, डिजिटल सेवाओं और रोजगार जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति आने वाले समय में गांवों को और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल को मनाया जाता है। फरीदाबाद में बीते एक साल के आंकड़े बताते हैं कि पंचायतें अब योजनाओं को जमीन पर उतारने में पहले से ज्यादा प्रभावी हो गई हैं। जिले में वर्तमान में 116 ग्राम पंचायत हैं। इन पंचायतों के माध्यम से करीब तीन लाख से अधिक ग्रामीण आबादी तक सीधे योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।
आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 90 फीसदी से अधिक घरों में शौचालय की सुविधा है। जल जीवन मिशन के तहत जिले की लगभग 85 फीसदी ग्रामीण आबादी को नल से जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। वित्तीय पहलुओं पर नजर डालें तो पिछले वित्त वर्ष में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित हुआ। करीब 70-75 फीसदी तक फंड का उपयोग गांवों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक भवन जैसे कार्यों पर किया गया। स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी पंचायतों की सक्रियता बढ़ी है। हरियाणा में हाल के आंकड़ों के अनुसार करीब 35 फीसदी ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त प्रमाणन के लिए पात्र घोषित हुई हैं, जिसमें फरीदाबाद की पंचायतों का भी योगदान शामिल है।
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डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में भी बदलाव देखने को मिला है। लगभग 80 फीसदी पंचायतों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और योजनाओं की मॉनिटरिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। महिला सशक्तीकरण पंचायत स्तर पर सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। जिले में लगभग 50 फीसदी से अधिक सीटों पर महिलाएं निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रही हैं। रोजगार के क्षेत्र में मनरेगा जैसी योजनाओं के तहत हजारों ग्रामीणों को काम मिला। पिछले एक साल में औसतन 20-25 हजार जॉब कार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया, जिससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर फरीदाबाद के ये आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि पंचायतें अब केवल कागजी व्यवस्था नहीं, बल्कि जमीनी विकास का मजबूत माध्यम बन चुकी हैं। स्वच्छता, जल, डिजिटल सेवाओं और रोजगार जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति आने वाले समय में गांवों को और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

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