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Faridabad News: दाखिलों में गिरावट पर निदेशालय ने मांगी रिपोर्ट
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50 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में एक भी छात्र ने नहीं लिया है दाखिला
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में दाखिलों की संख्या में गिरावट को लेकर शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। निदेशालय ने जिला शिक्षा कार्यालय से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। निदेशालय का मानना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो सरकारी स्कूलों की स्थिति और कमजोर हो सकती है।
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 50 ऐसे राजकीय प्राथमिक स्कूल हैं, जहां इस सत्र में एक भी छात्र का दाखिला नहीं हुआ है। यह आंकड़ा विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है। शिक्षा निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रत्येक स्कूल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जांच की जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द निदेशालय को भेजी जाए। जांच के दौरान स्कूलों में भवन, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विभाग का उद्देश्य यह जानना है कि आखिर किन कारणों से अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में नहीं करा रहे हैं। इसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि स्कूलों की स्थिति में सुधार किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जिन स्कूलों में कमियां पाई जाएंगी, वहां सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही दाखिले बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में दाखिलों की संख्या में गिरावट को लेकर शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। निदेशालय ने जिला शिक्षा कार्यालय से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। निदेशालय का मानना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो सरकारी स्कूलों की स्थिति और कमजोर हो सकती है।
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 50 ऐसे राजकीय प्राथमिक स्कूल हैं, जहां इस सत्र में एक भी छात्र का दाखिला नहीं हुआ है। यह आंकड़ा विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है। शिक्षा निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रत्येक स्कूल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जांच की जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द निदेशालय को भेजी जाए। जांच के दौरान स्कूलों में भवन, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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विभाग का उद्देश्य यह जानना है कि आखिर किन कारणों से अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में नहीं करा रहे हैं। इसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि स्कूलों की स्थिति में सुधार किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जिन स्कूलों में कमियां पाई जाएंगी, वहां सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही दाखिले बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा सकता है।

29जेएनडी22: दौड़ में भागते हुए खिलाड़ी। संवाद- फोटो : अमर उजाला/संवाद
