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Faridabad News: बुढेना की पेयजल व्यवस्था में होगा सुधार
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2.19 करोड़ से बूस्टिंग स्टेशन और 11 ट्यूबवेल होंगे दुरुस्त, नई डीआई पाइपलाइन से मजबूत होगा नेटवर्क
एक साल में पूरा होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बुढेना और उससे जुड़े इलाकों में हर साल गर्मियों के दौरान पेयजल संकट लोगों की सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। कई कॉलोनियों में कम दबाव से पानी पहुंचता है तो कहीं पाइपलाइन में रिसाव के कारण जलापूर्ति प्रभावित रहती है। लगातार बढ़ती आबादी के बीच पुरानी जलापूर्ति व्यवस्था अब जरूरत के अनुरूप नहीं रह गई है। इसे देखते हुए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने बुढेना इंडिपेंडेंट बूस्टिंग स्टेशन (आईबीएस) और आगरा नहर के किनारे स्थित 11 ट्यूबवेलों के विशेष मरम्मत कार्य को मंजूरी दे दी है। करीब 2.19 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है और इसे एक वर्ष में पूरा किया जाएगा।
परियोजना का उद्देश्य केवल पुराने ढांचे की मरम्मत करना नहीं बल्कि पूरे जल वितरण तंत्र को अधिक भरोसेमंद बनाना है। एफएमडीए अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहले जर्जर हो चुकी पाइपलाइन को बदलकर नई डक्टाइल आयरन (डीआई) पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे रिसाव कम होगा और पानी का दबाव बेहतर रहेगा। साथ ही 11 ट्यूबवेलों की क्षमता बढ़ाने के लिए उनकी री-बोरिंग की जाएगी तथा नए सबमर्सिबल पंप लगाए जाएंगे। इससे बुढेना और आसपास की घनी आबादी को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पानी की बर्बादी पर लगेगी रोक
एफएमडीए के रिकॉर्ड के अनुसार बुढेना क्षेत्र की कई मुख्य पाइपलाइन काफी पुरानी हो चुकी हैं। समय के साथ इनमें जगह-जगह रिसाव होने लगा, जिससे बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होता है। रिसाव के कारण कई इलाकों में पानी का दबाव भी कम हो जाता है। परियोजना के तहत 200 और 300 मिमी व्यास की पुरानी पाइपलाइन हटाकर नई डीआई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। डीआई पाइप जंगरोधी होने के साथ अधिक मजबूत होती है और इसकी आयु भी सामान्य पाइपलाइन से अधिक होती है। इसके अलावा बूस्टिंग स्टेशन की इमारत, जल भंडारण व्यवस्था और अन्य सिविल ढांचे की मरम्मत भी की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे जलापूर्ति व्यवस्था लंबे समय तक बिना रुकावट चल सकेगी और बार-बार मरम्मत की जरूरत भी कम पड़ेगी।
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लोगों की सुविधा के लिए विभाग की तरफ से लगातार काम किया जा रहा है। यह काम भी समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए
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एक साल में पूरा होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बुढेना और उससे जुड़े इलाकों में हर साल गर्मियों के दौरान पेयजल संकट लोगों की सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। कई कॉलोनियों में कम दबाव से पानी पहुंचता है तो कहीं पाइपलाइन में रिसाव के कारण जलापूर्ति प्रभावित रहती है। लगातार बढ़ती आबादी के बीच पुरानी जलापूर्ति व्यवस्था अब जरूरत के अनुरूप नहीं रह गई है। इसे देखते हुए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने बुढेना इंडिपेंडेंट बूस्टिंग स्टेशन (आईबीएस) और आगरा नहर के किनारे स्थित 11 ट्यूबवेलों के विशेष मरम्मत कार्य को मंजूरी दे दी है। करीब 2.19 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है और इसे एक वर्ष में पूरा किया जाएगा।
परियोजना का उद्देश्य केवल पुराने ढांचे की मरम्मत करना नहीं बल्कि पूरे जल वितरण तंत्र को अधिक भरोसेमंद बनाना है। एफएमडीए अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहले जर्जर हो चुकी पाइपलाइन को बदलकर नई डक्टाइल आयरन (डीआई) पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे रिसाव कम होगा और पानी का दबाव बेहतर रहेगा। साथ ही 11 ट्यूबवेलों की क्षमता बढ़ाने के लिए उनकी री-बोरिंग की जाएगी तथा नए सबमर्सिबल पंप लगाए जाएंगे। इससे बुढेना और आसपास की घनी आबादी को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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पानी की बर्बादी पर लगेगी रोक
एफएमडीए के रिकॉर्ड के अनुसार बुढेना क्षेत्र की कई मुख्य पाइपलाइन काफी पुरानी हो चुकी हैं। समय के साथ इनमें जगह-जगह रिसाव होने लगा, जिससे बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होता है। रिसाव के कारण कई इलाकों में पानी का दबाव भी कम हो जाता है। परियोजना के तहत 200 और 300 मिमी व्यास की पुरानी पाइपलाइन हटाकर नई डीआई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। डीआई पाइप जंगरोधी होने के साथ अधिक मजबूत होती है और इसकी आयु भी सामान्य पाइपलाइन से अधिक होती है। इसके अलावा बूस्टिंग स्टेशन की इमारत, जल भंडारण व्यवस्था और अन्य सिविल ढांचे की मरम्मत भी की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे जलापूर्ति व्यवस्था लंबे समय तक बिना रुकावट चल सकेगी और बार-बार मरम्मत की जरूरत भी कम पड़ेगी।
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लोगों की सुविधा के लिए विभाग की तरफ से लगातार काम किया जा रहा है। यह काम भी समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। - विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर एफएमडीए