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Faridabad News: विश्व ओआरएस दिवस पर विशेषज्ञों ने छात्रों को किया जागरूक
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- उल्टी-दस्त होने पर सबसे पहले ओआरएस देने की दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर बीके नागरिक अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उल्टी और दस्त के दौरान होने वाली पानी की कमी से बचाव के लिए ओआरएस के महत्व की जानकारी दी गई। इस वर्ष विश्व ओआरएस दिवस की थीम हर बच्चे के लिए, हर दस्त में, हर बार सबसे पहले ओआरएस रही।
कार्यक्रम में चिकित्सकों ने बताया कि उल्टी और दस्त के कारण शरीर से पानी और आवश्यक लवण तेजी से बाहर निकल जाते हैं। ऐसी स्थिति में सबसे पहला उपचार ओआरएस है, जो शरीर में पानी और लवण की कमी को पूरा कर निर्जलीकरण से बचाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि दस्त शुरू होते ही ओआरएस देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल ने कहा कि समय पर ओआरएस का उपयोग करने से दस्त के कारण होने वाली गंभीर परेशानियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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कार्यक्रम में परामर्शदाता नीतू ने विद्यार्थियों को हाथों की स्वच्छता, शुद्ध पेयजल का उपयोग और खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने की जानकारी दी। साथ ही ओआरएस घोल बनाने और सही तरीके से पिलाने का प्रदर्शन भी किया गया। विद्यार्थियों ने चिकित्सकों से प्रश्न पूछकर दस्त की रोकथाम और उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर बीके नागरिक अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उल्टी और दस्त के दौरान होने वाली पानी की कमी से बचाव के लिए ओआरएस के महत्व की जानकारी दी गई। इस वर्ष विश्व ओआरएस दिवस की थीम हर बच्चे के लिए, हर दस्त में, हर बार सबसे पहले ओआरएस रही।
कार्यक्रम में चिकित्सकों ने बताया कि उल्टी और दस्त के कारण शरीर से पानी और आवश्यक लवण तेजी से बाहर निकल जाते हैं। ऐसी स्थिति में सबसे पहला उपचार ओआरएस है, जो शरीर में पानी और लवण की कमी को पूरा कर निर्जलीकरण से बचाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि दस्त शुरू होते ही ओआरएस देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
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अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल ने कहा कि समय पर ओआरएस का उपयोग करने से दस्त के कारण होने वाली गंभीर परेशानियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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कार्यक्रम में परामर्शदाता नीतू ने विद्यार्थियों को हाथों की स्वच्छता, शुद्ध पेयजल का उपयोग और खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने की जानकारी दी। साथ ही ओआरएस घोल बनाने और सही तरीके से पिलाने का प्रदर्शन भी किया गया। विद्यार्थियों ने चिकित्सकों से प्रश्न पूछकर दस्त की रोकथाम और उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।