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Faridabad News: बुजुर्ग मरीज को बिना उपचार किया रेफर
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परिजनों का आरोप-दो घंटे तक सिर्फ ऑक्सीजन पर रखा, एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल दौड़ाया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती एक बुजुर्ग मरीज के उपचार को लेकर परिजनों ने गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मरीज को पर्याप्त इलाज दिए बिना ही दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है।
बल्लभगढ़ की रहने वाली सोनिया ने बताया कि उनके पिता की तबीयत बिगड़ने पर पहले उन्हें बल्लभगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें बीके अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सोनिया ने बताया कि बीके अस्पताल पहुंचने के बाद करीब दो घंटे तक उनके पिता को केवल ऑक्सीजन पर रखा गया, लेकिन कोई ठोस उपचार शुरू नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित जांच और इलाज के ही डॉक्टरों ने उनके पिता को महरौली स्थित अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजा जा रहा है, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। उनका यह भी कहना है कि यदि महरौली पहुंचने पर वहां से भी सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, तो समय की बर्बादी के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है। परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपात स्थिति में मरीज को तत्काल और समुचित उपचार मिलना चाहिए, लेकिन यहां उन्हें केवल इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है।
इस मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष जानने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती एक बुजुर्ग मरीज के उपचार को लेकर परिजनों ने गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मरीज को पर्याप्त इलाज दिए बिना ही दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है।
बल्लभगढ़ की रहने वाली सोनिया ने बताया कि उनके पिता की तबीयत बिगड़ने पर पहले उन्हें बल्लभगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें बीके अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सोनिया ने बताया कि बीके अस्पताल पहुंचने के बाद करीब दो घंटे तक उनके पिता को केवल ऑक्सीजन पर रखा गया, लेकिन कोई ठोस उपचार शुरू नहीं किया गया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित जांच और इलाज के ही डॉक्टरों ने उनके पिता को महरौली स्थित अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि उन्हें लगातार एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजा जा रहा है, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। उनका यह भी कहना है कि यदि महरौली पहुंचने पर वहां से भी सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, तो समय की बर्बादी के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है। परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपात स्थिति में मरीज को तत्काल और समुचित उपचार मिलना चाहिए, लेकिन यहां उन्हें केवल इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है।
इस मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष जानने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
