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Faridabad News: खुले ट्रांसफार्मर और लटकती तारें बन रहीं जानलेवा
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लोगों और पशुओं की जा रही जान
भारती दुबे
फरीदाबाद। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खुले में रखे बिजली ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभों से लटकती तारें नागरिकों और पशुओं के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं। मानसून में बारिश के बाद स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। कई जगह ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जबकि खंभों से ढीली और जर्जर तारें नीचे तक लटकी हुई हैं। ऐसे में करंट लगने से हर साल लोगों और पशुओं की जान जाने की घटनाएं सामने आती हैं।
शहर में एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में कुल 21,336 बिजली ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनमें एनआईटी क्षेत्र में 1,748, ओल्ड फरीदाबाद में 3,813, बल्लभगढ़ में 8,895 और ग्रेटर फरीदाबाद में 6,880 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 50 प्रतिशत ट्रांसफार्मरों के आसपास बिजली की तारें अव्यवस्थित या लटकी हुई हैं। कई स्थानों पर खंभों से ढीले तार और लटकते फ्यूज भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
एनआईटी-5 और सेक्टर-15ए में खुले ट्रांसफार्मर, बैरिकेडिंग तक नहीं
शहर में एनआईटी-5 और सेक्टर-15ए में खुले में ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। इनके चारों तरफ किसी तरह की बैरिकेडिंग या सुरक्षा घेरा नहीं है। ऐसे में आसपास से गुजरने वाले लोगों और बच्चों के साथ हादसा होने का खतरा बना हुआ है। बारिश के दौरान ट्रांसफार्मर के आसपास पानी भरने पर करंट फैलने का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार खुले ट्रांसफार्मरों की समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और बिजली निगम के अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है। लोगों ने ट्रांसफार्मरों के चारों तरफ सुरक्षा घेरा और बैरिकेडिंग कराने की मांग की है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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शनिवार को करंट लगने से दो युवकों की मौत
बारिश के दौरान करंट लगने की दो घटनाओं में शनिवार को दो युवकों की जान चली गई। पल्ला क्षेत्र में शुक्रवार रात मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ने के बाद बिजली के खंभे का सहारा लेने पर 25 वर्षीय डिलीवरी ब्वॉय रामखिलावन करंट की चपेट में आ गया। वहीं, ओल्ड फरीदाबाद की एक वेल्डिंग वर्कशॉप में काम करने के दौरान 22 वर्षीय अयान को करंट लग गया। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सेक्टर-84 में ट्रांसफार्मर के नीचे गिरी हाईटेंशन तार से भैंस की मौत
सेक्टर-84 में भी शनिवार को बिजली की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार ट्रांसफार्मर के नीचे हाईटेंशन तार गिरी हुई थी। भारत कॉलोनी निवासी भैंस मालिक राजेश भाटी ने बताया कि उनकी भैंस खुलकर सेक्टर-84 की तरफ चली गई थी। शनिवार सुबह से वह भैंस को तलाश रहे थे। शाम करीब पांच बजे भैंस मृत मिली। उनका आरोप है कि तार रविवार शाम तक खुले में पड़ी रही। बिजली निगम की ओर से केवल भैंस को वहां से हटाकर तार पर टेप लगाई गई।
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हादसों के बाद भी व्यापक सर्वे नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हादसे सामने आने के बावजूद बिजली निगम की ओर से शहर में खुले ट्रांसफार्मरों और खंभों से लटकती तारों का व्यापक सर्वे नहीं कराया गया है। न ही सभी ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर कमियों को दूर किया गया है। बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में खुले तार और ट्रांसफार्मर और भी खतरनाक हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि बिजली निगम को हादसे का इंतजार करने के बजाय मानसून को देखते हुए सभी ट्रांसफार्मरों और बिजली लाइनों की सुरक्षा जांच करानी चाहिए। जहां तारें ढीली या जमीन पर गिरी हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। साथ ही ट्रांसफार्मरों के चारों तरफ सुरक्षा घेरा बनाया जाए, ताकि लोगों और पशुओं को करंट की चपेट में आने से बचाया जा सके।
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लोगों से बातचीत
शहर में कई इलाकों में खुले ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। जिनमें कोई बैरिकेडिंग तक नहीं है। इससे लोगों की जान को खतरा रहता है।-- सौरभ, सेक्टर- 15
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बरसात में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। प्रतिवर्ष कई लोगों और पशुओं की जान जाती है। संबंधित विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए।-- मंजीत, अजरौंदा
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मानसून से पहले ही प्रशासन को सभी ट्रांसफार्मरों और खंभों की जांच करनी चाहिए, जिससे लोगों को कोई समस्या न हो।-- सुमित, सेक्टर- 21
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हमें ट्रांसफार्मर के पास जाने में भी डर लगता है। बच्चों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। प्रशासन को इस ओर कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।-- पदम सिंह, एनआईटी पांच
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भारती दुबे
फरीदाबाद। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खुले में रखे बिजली ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभों से लटकती तारें नागरिकों और पशुओं के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं। मानसून में बारिश के बाद स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। कई जगह ट्रांसफार्मरों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जबकि खंभों से ढीली और जर्जर तारें नीचे तक लटकी हुई हैं। ऐसे में करंट लगने से हर साल लोगों और पशुओं की जान जाने की घटनाएं सामने आती हैं।
शहर में एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में कुल 21,336 बिजली ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनमें एनआईटी क्षेत्र में 1,748, ओल्ड फरीदाबाद में 3,813, बल्लभगढ़ में 8,895 और ग्रेटर फरीदाबाद में 6,880 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 50 प्रतिशत ट्रांसफार्मरों के आसपास बिजली की तारें अव्यवस्थित या लटकी हुई हैं। कई स्थानों पर खंभों से ढीले तार और लटकते फ्यूज भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
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एनआईटी-5 और सेक्टर-15ए में खुले ट्रांसफार्मर, बैरिकेडिंग तक नहीं
शहर में एनआईटी-5 और सेक्टर-15ए में खुले में ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। इनके चारों तरफ किसी तरह की बैरिकेडिंग या सुरक्षा घेरा नहीं है। ऐसे में आसपास से गुजरने वाले लोगों और बच्चों के साथ हादसा होने का खतरा बना हुआ है। बारिश के दौरान ट्रांसफार्मर के आसपास पानी भरने पर करंट फैलने का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार खुले ट्रांसफार्मरों की समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और बिजली निगम के अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है। लोगों ने ट्रांसफार्मरों के चारों तरफ सुरक्षा घेरा और बैरिकेडिंग कराने की मांग की है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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शनिवार को करंट लगने से दो युवकों की मौत
बारिश के दौरान करंट लगने की दो घटनाओं में शनिवार को दो युवकों की जान चली गई। पल्ला क्षेत्र में शुक्रवार रात मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ने के बाद बिजली के खंभे का सहारा लेने पर 25 वर्षीय डिलीवरी ब्वॉय रामखिलावन करंट की चपेट में आ गया। वहीं, ओल्ड फरीदाबाद की एक वेल्डिंग वर्कशॉप में काम करने के दौरान 22 वर्षीय अयान को करंट लग गया। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सेक्टर-84 में ट्रांसफार्मर के नीचे गिरी हाईटेंशन तार से भैंस की मौत
सेक्टर-84 में भी शनिवार को बिजली की हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार ट्रांसफार्मर के नीचे हाईटेंशन तार गिरी हुई थी। भारत कॉलोनी निवासी भैंस मालिक राजेश भाटी ने बताया कि उनकी भैंस खुलकर सेक्टर-84 की तरफ चली गई थी। शनिवार सुबह से वह भैंस को तलाश रहे थे। शाम करीब पांच बजे भैंस मृत मिली। उनका आरोप है कि तार रविवार शाम तक खुले में पड़ी रही। बिजली निगम की ओर से केवल भैंस को वहां से हटाकर तार पर टेप लगाई गई।
हादसों के बाद भी व्यापक सर्वे नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हादसे सामने आने के बावजूद बिजली निगम की ओर से शहर में खुले ट्रांसफार्मरों और खंभों से लटकती तारों का व्यापक सर्वे नहीं कराया गया है। न ही सभी ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर कमियों को दूर किया गया है। बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में खुले तार और ट्रांसफार्मर और भी खतरनाक हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि बिजली निगम को हादसे का इंतजार करने के बजाय मानसून को देखते हुए सभी ट्रांसफार्मरों और बिजली लाइनों की सुरक्षा जांच करानी चाहिए। जहां तारें ढीली या जमीन पर गिरी हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। साथ ही ट्रांसफार्मरों के चारों तरफ सुरक्षा घेरा बनाया जाए, ताकि लोगों और पशुओं को करंट की चपेट में आने से बचाया जा सके।
लोगों से बातचीत
शहर में कई इलाकों में खुले ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। जिनमें कोई बैरिकेडिंग तक नहीं है। इससे लोगों की जान को खतरा रहता है।
बरसात में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। प्रतिवर्ष कई लोगों और पशुओं की जान जाती है। संबंधित विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
मानसून से पहले ही प्रशासन को सभी ट्रांसफार्मरों और खंभों की जांच करनी चाहिए, जिससे लोगों को कोई समस्या न हो।
हमें ट्रांसफार्मर के पास जाने में भी डर लगता है। बच्चों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। प्रशासन को इस ओर कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।