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Faridabad News: मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल बंद होने से किसानों की बढ़ी चिंता
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पोर्टल दोबारा खोलकर विशेष पंजीकरण अभियान चलाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। खरीफ सीजन के बीच मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल बंद होने से जिले के किसानों की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने 31 जुलाई के बाद पोर्टल पर नए पंजीकरण बंद कर दिए हैं। ऐसे में जिले के किसान अभी भी धान की रोपाई में जुटे हुए हैं। इसके कारण कई किसान अपनी फसल का पंजीकरण नहीं करा सके हैं। वहीं, पहले से दर्ज आवेदनों में भी बड़ी संख्या में सत्यापन लंबित हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल को कृषि से जुड़ी अधिकांश योजनाओं से जोड़ दिया है। एमएसपी पर फसल बेचने के अलावा फसल खराब होने पर मुआवजा, विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ और अन्य सुविधाओं के लिए भी किसान का इस पोर्टल पर पंजीकरण आवश्यक है। ऐसे में जिन किसानों ने पंजीकरण नहीं कराया है, उनकी चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि पोर्टल दोबारा नहीं खोला गया तो उन्हें सरकारी खरीद और योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी आ सकती है। किसानों ने मांग की है कि सरकार को पोर्टल दोबारा खोलकर विशेष पंजीकरण अभियान चलाना चाहिए। इससे कोई भी पात्र किसान एमएसपी पर फसल बेचने और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने से बच सकेंगे।
जिले में इतने हुए पंजीकरण
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 29,615 किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। इनमें से 14,628 किसानों का सत्यापन हुआ, जबकि 14,616 किसानों का पंजीकरण लंबित है यानी लगभग आधे पंजीकृत किसानों की प्रक्रिया अब भी पूरी नहीं हो सकी है।
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कई बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे किसान पंजीकरण नहीं करा सके। सरकार को पोर्टल तुरंत दोबारा खोलना चाहिए।
- बबलू हुड्डा, किसान
धान की रोपाई जारी है। कई किसान समय की कमी, तकनीकी दिक्कतों के अभाव में पंजीकरण नहीं करा सके हैं।
- महेंद्र चौहान, नेता, संयुक्त किसान मोर्चा
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। खरीफ सीजन के बीच मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल बंद होने से जिले के किसानों की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने 31 जुलाई के बाद पोर्टल पर नए पंजीकरण बंद कर दिए हैं। ऐसे में जिले के किसान अभी भी धान की रोपाई में जुटे हुए हैं। इसके कारण कई किसान अपनी फसल का पंजीकरण नहीं करा सके हैं। वहीं, पहले से दर्ज आवेदनों में भी बड़ी संख्या में सत्यापन लंबित हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल को कृषि से जुड़ी अधिकांश योजनाओं से जोड़ दिया है। एमएसपी पर फसल बेचने के अलावा फसल खराब होने पर मुआवजा, विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ और अन्य सुविधाओं के लिए भी किसान का इस पोर्टल पर पंजीकरण आवश्यक है। ऐसे में जिन किसानों ने पंजीकरण नहीं कराया है, उनकी चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि पोर्टल दोबारा नहीं खोला गया तो उन्हें सरकारी खरीद और योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी आ सकती है। किसानों ने मांग की है कि सरकार को पोर्टल दोबारा खोलकर विशेष पंजीकरण अभियान चलाना चाहिए। इससे कोई भी पात्र किसान एमएसपी पर फसल बेचने और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने से बच सकेंगे।
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जिले में इतने हुए पंजीकरण
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 29,615 किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। इनमें से 14,628 किसानों का सत्यापन हुआ, जबकि 14,616 किसानों का पंजीकरण लंबित है यानी लगभग आधे पंजीकृत किसानों की प्रक्रिया अब भी पूरी नहीं हो सकी है।
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कई बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे किसान पंजीकरण नहीं करा सके। सरकार को पोर्टल तुरंत दोबारा खोलना चाहिए।
- बबलू हुड्डा, किसान
धान की रोपाई जारी है। कई किसान समय की कमी, तकनीकी दिक्कतों के अभाव में पंजीकरण नहीं करा सके हैं।
- महेंद्र चौहान, नेता, संयुक्त किसान मोर्चा