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Faridabad News: शिक्षा को रोचक बनाने के गुर सीखकर लौटे मास्टर ट्रेनर
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अब प्राथमिक शिक्षकों को करेंगे प्रशिक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। निपुण मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रारंभिक कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुग्राम में सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के करीब 30 अकादमिक ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (एबीआरसी) और ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (बीआरसी) ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान बाल वाटिका से लेकर कक्षा तीन तक के विद्यार्थियों को गतिविधि आधारित और रोचक शिक्षण पद्धति से पढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। एबीआरसी रूपाली ने बताया कि प्रशिक्षण में निपुण मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण, रोल प्ले, भाषा विकास, गणितीय तर्क, बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के आधुनिक तरीकों और कक्षा में सहभागिता बढ़ाने संबंधी तकनीकों से अवगत कराया गया।
उन्होंने बताया कि इस बार निपुण मिशन के दायरे में कक्षा चार को भी शामिल किया गया है। हालांकि यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से बाल वाटिका से कक्षा तीन तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया था। प्रशिक्षण में निपुण पैरेंट एप के उपयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से शिक्षण और बच्चों को सरल एवं रोचक तरीके से पढ़ाने के नए उपाय भी बताए गए। प्रशिक्षण प्राप्त एबीआरसी और बीआरसी अब मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाते हुए जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों को प्रशिक्षित करेंगे। इससे निपुण मिशन के तहत आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। निपुण मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रारंभिक कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुग्राम में सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के करीब 30 अकादमिक ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (एबीआरसी) और ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (बीआरसी) ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान बाल वाटिका से लेकर कक्षा तीन तक के विद्यार्थियों को गतिविधि आधारित और रोचक शिक्षण पद्धति से पढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। एबीआरसी रूपाली ने बताया कि प्रशिक्षण में निपुण मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण, रोल प्ले, भाषा विकास, गणितीय तर्क, बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के आधुनिक तरीकों और कक्षा में सहभागिता बढ़ाने संबंधी तकनीकों से अवगत कराया गया।
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उन्होंने बताया कि इस बार निपुण मिशन के दायरे में कक्षा चार को भी शामिल किया गया है। हालांकि यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से बाल वाटिका से कक्षा तीन तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया था। प्रशिक्षण में निपुण पैरेंट एप के उपयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से शिक्षण और बच्चों को सरल एवं रोचक तरीके से पढ़ाने के नए उपाय भी बताए गए। प्रशिक्षण प्राप्त एबीआरसी और बीआरसी अब मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाते हुए जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों को प्रशिक्षित करेंगे। इससे निपुण मिशन के तहत आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद है।
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