पटरियों ने उजाड़ा मां का संसार: 12 साल पहले पति, दो साल पहले बेटा और अब बेटी तानिया की मौत; उजड़ा पूरा संसार
नीलम पुल के पास बुधवार सुबह गतिमान एक्सप्रेस की चपेट में आने से 11वीं की छात्रा तानिया (17) की मौत हो गई। पिछले साल दिसंबर में इसी जगह उसके 17 वर्षीय भाई सुमित की भी जान गई थी।
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नीलम पुल के पास बुधवार सुबह रेलवे लाइन पार करने के लिए शॉर्टकट रास्ता लेना एक छात्रा का अंतिम सफर बन गया। तेज रफ्तार गतिमान एक्सप्रेस की चपेट में आने से 11वीं कक्षा की छात्रा तानिया (17) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना सुबह करीब 8:30 बजे जीआरपी पहुंची। ट्रेन के इंजन के अगले हिस्से में छात्रा का शव फंसा था, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि घटनास्थल पर परिजनों ने शव की शिनाख्त की। इसके बाद जीआरपी ने शव का पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया गया है।
शुरुआती जांच के अनुसार तान्या स्कूल पहुंचने की जल्दबाजी में नीलम पुल के पास से रेलवे लाइन पार कर रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। रेलवे ने लोगों को पटरियों से गुजरने से रोकने के लिए वहां पक्की दीवार भी बनाई हुई है, लेकिन तान्या जान जोखिम में डालकर लाइन पार करने लगी और हादसा हो गया। पटरियों पर उसकी किताबें और स्कूल बैग बिखरा पड़ा था। पुलिस ने जब बैग की तलाशी ली, तो उसमें से किताबें और एक पर्ची पर लिखा मोबाइल नंबर मिला। उसी नंबर पर संपर्क कर जीआरपी ने तान्या के परिजनों को हादसे की सूचना दी, जिसके बाद परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे।
जब तान्या की मां सुदेश (45) बदहवास हालत में मौके पर पहुंचीं, तो वहां का दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। घरों में झाड़ू-पोछा करके पाई-पाई जोड़ने वाली मां अपनी इकलौती बची संतान के बैग और कपड़ों को देखकर बेसुध होकर गिर पड़ी। हे भगवान! तूने मुझसे मेरा सबकुछ छीन लिया... अब मैं किसके लिए जिऊंगी, कहकर वह बिलख-बिलखकर रोने लगीं। रोते-रोते जब वह बार-बार बेहोश होने लगी, तो वहां मौजूद लोगों ने उनके मुंह पर पानी के छींटे मारकर किसी तरह उन्हें संभाला।
ट्रेन के इंजन में फंसा रहा शव
जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे नीलम पुल के पास रेलवे लाइन पर हादसे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची। हादसा इतना भीषण था कि तान्या गतिमान एक्सप्रेस के अगले हिस्से (इंजन) में बुरी तरह फंस गई थी। जीआरपी कर्मियों और रेलवे कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद छात्रा के शव को इंजन से बाहर निकाला।
2023 में बेटे की भी इसी जगह हुई थी मौत
करीब 12 साल पहले तान्या के पिता का अत्यधिक शराब के सेवन और लंबी बीमारी के चलते देहांत हो गया था। पिता की मौत के बाद मां ने हार नहीं मानीं और दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा कर अपने दो बच्चों सुमित और तान्या को पाला।
लेकिन दिसंबर 2023 में 17 साल का बेटा सुमित स्कूल से लौटने के बाद दोस्तों के साथ खेलने जाने के दौरान इसी जगह रेलवे लाइन पार करते हुए ट्रेन की चपेट में आ गया था। उस दर्द से मां उबर भी नहीं पाई थीं कि अब उसी जगह उसकी आखिरी उम्मीद तानिया की भी जान चली गई।