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Faridabad News: जिला जेल में हुनरमंद बन रहे कैदी

Thu, 13 Aug 2026 01:02 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:02 AM IST
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Prisoners in the district jail are acquiring skills.
कंप्यूटर ऑपरेटर, कारपेंटर और वेल्डर कोर्स की परीक्षा में शामिल हुए 32 कैदी, 31 हुए सफल
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संवाद न्यूज एजेंसी

बल्लभगढ़। जिला जेल में बंद कैदियों के सुधार और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सरकार और जेल प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कैदियों को जेल में रहते हुए पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, ताकि सजा पूरी होने के बाद वे हुनर के माध्यम से रोजगार हासिल कर सकें या अपना काम शुरू कर समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ लौट सकें।

जिला जेल के सुपरिटेंडेंट नरेश कुमार गोयल ने बताया कि सरकार की ओर से जेलों में बंद कैदियों की रुचि और क्षमता के अनुसार उन्हें विभिन्न कौशल आधारित कोर्स से जोड़ा जा रहा है। इसी कड़ी में फरीदाबाद जिला जेल में कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, कारपेंटर और वेल्डर जैसे व्यावसायिक कोर्स कराए जा रहे हैं। इन कोर्स के लिए काफी संख्या में कैदियों ने रुचि दिखाते हुए पंजीकरण कराया था।
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उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद इन कोर्स की परीक्षा एक अगस्त को आयोजित की गई। परीक्षा में कुल 32 कैदी शामिल हुए, जिनमें से 31 कैदी सफल रहे, जबकि एक कैदी परीक्षा पास नहीं कर सका।
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कारपेंटर कोर्स में परीक्षा देने वाले 10 कैदी पास हुए। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट कोर्स में शामिल सभी 10 कैदियों ने परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। इसके अलावा वेल्डर कोर्स की परीक्षा देने वाले सभी 11 कैदी भी पास हुए।

सुपरिटेंडेंट ने बताया कि एक कैदी के परीक्षा में सफल नहीं होने के बावजूद उसे निराश नहीं होने दिया गया। उसे दोबारा मेहनत करने और अगली परीक्षा की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कैदियों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि एक परीक्षा में असफलता जीवन में आगे बढ़ने की राह को समाप्त नहीं करती।


कैदियों में सकारात्मक बदलाव लाना उद्देश्य
नरेश कुमार गोयल ने कहा कि जेल प्रशासन का मुख्य उद्देश्य केवल सजा पूरी करवाना नहीं, बल्कि कैदियों में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना भी है। प्रयास है कि जब कैदी सजा पूरी करने के बाद जेल से बाहर निकलें तो उनके पास कोई न कोई ऐसा हुनर हो, जिसके सहारे वे रोजगार हासिल कर सकें अथवा अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
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