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Faridabad News: दीवारों से हटेंगे अवैध पोस्टर-बैनर, सालभर चलेगा नगर निगम का अभियान
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शहरभर में बिना अनुमति लगे पोस्टर, बैनर और होर्डिंग हटाने के साथ नियमित निगरानी भी होगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की दीवारों, फ्लाईओवरों, चौराहों, डिवाइडरों, बिजली के खंभों और सरकारी भवनों पर बिना अनुमति लगाए जाने वाले पोस्टर, बैनर और होर्डिंग अब लगातार हटाए जाएंगे। नगर निगम फरीदाबाद ने इसके लिए एक वर्ष की परियोजना शुरू की है।
इसके तहत पूरे नगर निगम क्षेत्र में नियमित रूप से अवैध विज्ञापनों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा। नगर निगम का मानना है कि इससे शहर की सुंदरता बेहतर होगी सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान से बचाया जा सकेगा और वैध विज्ञापन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में पिछले कई वर्षों से सरकारी दीवारों, स्कूलों, पार्कों, पुलों, अंडरपास, बाजारों और प्रमुख सड़कों के किनारे निजी संस्थानों, प्रॉपर्टी कारोबार, कोचिंग सेंटर, धार्मिक आयोजनों, राजनीतिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों के पोस्टर-बैनर बिना अनुमति लगाए जाते रहे हैं। नगर निगम समय-समय पर इन्हें हटाने के अभियान चलाता रहा है लेकिन नियमित निगरानी नहीं होने के कारण कुछ ही दिनों में फिर से सार्वजनिक स्थान पोस्टरों से भर जाते हैं। शहर के सेक्टरों के अलावा एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद के कई इलाकों में यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इससे शहर की छवि प्रभावित होने के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्तियों की सफाई और रखरखाव पर भी अतिरिक्त खर्च आता है।
सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा भी उद्देश्य
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल शहर को साफ-सुथरा दिखाना नहीं है। सरकारी भवनों, फ्लाईओवरों, पुलों और दीवारों पर लगातार पोस्टर चिपकाने से उनकी सतह खराब होती है। कई स्थानों पर बड़े होर्डिंग और फ्लेक्स यातायात संकेतों को भी ढक देते हैं जिससे सड़क सुरक्षा प्रभावित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध विज्ञापन केवल सौंदर्य का नहीं बल्कि शहरी प्रबंधन का भी विषय है। पोस्टर हटाने, दीवारों की सफाई और मरम्मत पर हर वर्ष नगर निकायों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। यदि नियमित निगरानी हो तो इन खर्चों में कमी लाई जा सकती है।
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नियमों के तहत होगी कार्रवाई
हरियाणा में सार्वजनिक संपत्तियों को पोस्टर, बैनर या अन्य माध्यमों से खराब करना हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1989 तथा नगर निकायों के विज्ञापन नियमों के दायरे में आता है। बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। नगर निगम के अधिकृत स्थानों पर निर्धारित शुल्क जमा कर ही विज्ञापन लगाए जा सकते हैं। नगर निगम की ओर से इस परियोजना में पर्यावरण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन भी अनिवार्य किया गया है।
निगम के राजस्व पर भी पड़ता है असर
नगर निगम को शहर में अधिकृत विज्ञापन स्थलों से राजस्व प्राप्त होता है। लेकिन बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर और बैनर न केवल नियमों का उल्लंघन करते हैं बल्कि निगम की आय को भी प्रभावित करते हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि अवैध विज्ञापनों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होता है तो अधिकृत विज्ञापन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और राजस्व संग्रह में भी सुधार हो सकेगा।
नियमित निगरानी से ही मिलेगी सफलता
शहर में पहले भी कई बार अवैध पोस्टर हटाए गए लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो गई। ऐसे में इस बार सबसे बड़ी चुनौती नियमित निगरानी, त्वरित कार्रवाई और नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी दंड सुनिश्चित करना होगी। अगर अभियान लगातार चलता है तो शहर की प्रमुख सड़कें, बाजार, सरकारी भवन और सार्वजनिक स्थल पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित दिखाई देंगे।
वर्जन
नगर निगम की संपत्ति पर बिना अनुमति बैनर लगाना कानून का उल्लंघन है। इसके लिए निगम लगातार अभियान चला रहा है, इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। -गौरव अंतिल, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की दीवारों, फ्लाईओवरों, चौराहों, डिवाइडरों, बिजली के खंभों और सरकारी भवनों पर बिना अनुमति लगाए जाने वाले पोस्टर, बैनर और होर्डिंग अब लगातार हटाए जाएंगे। नगर निगम फरीदाबाद ने इसके लिए एक वर्ष की परियोजना शुरू की है।
इसके तहत पूरे नगर निगम क्षेत्र में नियमित रूप से अवैध विज्ञापनों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा। नगर निगम का मानना है कि इससे शहर की सुंदरता बेहतर होगी सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान से बचाया जा सकेगा और वैध विज्ञापन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में पिछले कई वर्षों से सरकारी दीवारों, स्कूलों, पार्कों, पुलों, अंडरपास, बाजारों और प्रमुख सड़कों के किनारे निजी संस्थानों, प्रॉपर्टी कारोबार, कोचिंग सेंटर, धार्मिक आयोजनों, राजनीतिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों के पोस्टर-बैनर बिना अनुमति लगाए जाते रहे हैं। नगर निगम समय-समय पर इन्हें हटाने के अभियान चलाता रहा है लेकिन नियमित निगरानी नहीं होने के कारण कुछ ही दिनों में फिर से सार्वजनिक स्थान पोस्टरों से भर जाते हैं। शहर के सेक्टरों के अलावा एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद के कई इलाकों में यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इससे शहर की छवि प्रभावित होने के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्तियों की सफाई और रखरखाव पर भी अतिरिक्त खर्च आता है।
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सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा भी उद्देश्य
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल शहर को साफ-सुथरा दिखाना नहीं है। सरकारी भवनों, फ्लाईओवरों, पुलों और दीवारों पर लगातार पोस्टर चिपकाने से उनकी सतह खराब होती है। कई स्थानों पर बड़े होर्डिंग और फ्लेक्स यातायात संकेतों को भी ढक देते हैं जिससे सड़क सुरक्षा प्रभावित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध विज्ञापन केवल सौंदर्य का नहीं बल्कि शहरी प्रबंधन का भी विषय है। पोस्टर हटाने, दीवारों की सफाई और मरम्मत पर हर वर्ष नगर निकायों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। यदि नियमित निगरानी हो तो इन खर्चों में कमी लाई जा सकती है।
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नियमों के तहत होगी कार्रवाई
हरियाणा में सार्वजनिक संपत्तियों को पोस्टर, बैनर या अन्य माध्यमों से खराब करना हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1989 तथा नगर निकायों के विज्ञापन नियमों के दायरे में आता है। बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। नगर निगम के अधिकृत स्थानों पर निर्धारित शुल्क जमा कर ही विज्ञापन लगाए जा सकते हैं। नगर निगम की ओर से इस परियोजना में पर्यावरण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन भी अनिवार्य किया गया है।
निगम के राजस्व पर भी पड़ता है असर
नगर निगम को शहर में अधिकृत विज्ञापन स्थलों से राजस्व प्राप्त होता है। लेकिन बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर और बैनर न केवल नियमों का उल्लंघन करते हैं बल्कि निगम की आय को भी प्रभावित करते हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि अवैध विज्ञापनों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होता है तो अधिकृत विज्ञापन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और राजस्व संग्रह में भी सुधार हो सकेगा।
नियमित निगरानी से ही मिलेगी सफलता
शहर में पहले भी कई बार अवैध पोस्टर हटाए गए लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो गई। ऐसे में इस बार सबसे बड़ी चुनौती नियमित निगरानी, त्वरित कार्रवाई और नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी दंड सुनिश्चित करना होगी। अगर अभियान लगातार चलता है तो शहर की प्रमुख सड़कें, बाजार, सरकारी भवन और सार्वजनिक स्थल पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित दिखाई देंगे।
वर्जन
नगर निगम की संपत्ति पर बिना अनुमति बैनर लगाना कानून का उल्लंघन है। इसके लिए निगम लगातार अभियान चला रहा है, इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। -गौरव अंतिल, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम