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Faridabad News: 47 साल में औद्योगिक नगरी से आधुनिक आधुनिक शहरी केंद्र बना जिला
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आज मनाया जाएगा स्थापना दिवस, उद्योगों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में शहर का तेजी से विस्तार
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिला 15 अगस्त को अपना 47वां स्थापना दिवस मनाएगा। साल 1979 में प्रदेश का 12वां जिला बनने के बाद फरीदाबाद ने औद्योगिक नगरी से आधुनिक शहरी केंद्र तक का लंबा सफर तय किया है। उद्योगों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में शहर का तेजी से विस्तार हुआ है। हालांकि विकास की इस रफ्तार के बीच प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, जल संकट, जलभराव और कचरा प्रबंधन जैसी चुनौतियां भी शहर के सामने खड़ी हो गई हैं।
मेट्रो ने बढ़ाई दिल्ली-एनसीआर से कनेक्टिविटी
जिले के विकास में मेट्रो कनेक्टिविटी बड़ा बदलाव लेकर आई। सितंबर 2016 में बदरपुर बॉर्डर से वाईएमसीए चौक तक मेट्रो सेवा शुरू हुई, जिसे बाद में बल्लभगढ़ तक बढ़ाया गया। वर्तमान में शहर में 11 मेट्रो स्टेशन हैं। इसके अलावा दिल्ली-मथुरा हाईवे, बदरपुर फ्लाईओवर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।
शिक्षा और खेल में भी बढ़ा दायरा
कभी उच्च शिक्षा के लिए एक-दो कॉलेजों पर निर्भर रहने वाले जिले में अब 42 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थान हैं। जिले में 379 सरकारी और 550 से अधिक निजी स्कूल हैं। 1969 में शुरू हुआ वाईएमसीए इंजीनियरिंग संस्थान अब विश्वविद्यालय का रूप ले चुका है। खेल सुविधाओं में भी विस्तार हुआ है। एनआईटी स्थित राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का जीर्णोद्धार चल रहा है। सेक्टर-12 में राज्य स्तरीय खेल परिसर, सिंथेटिक ट्रैक, एस्ट्रो टर्फ और इंडोर स्टेडियम की सुविधा है। सेक्टर-31 में भी इंडोर खेल परिसर बनाया गया है, जबकि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए पैरालंपिक भवन का निर्माण हो रहा है।
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विकास के साथ बढ़ीं चुनौतियां
शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों ने प्रदूषण और जाम की समस्या बढ़ाई है। सर्दियों में वायु गुणवत्ता खराब होना, गिरता भूजल स्तर, कई इलाकों में पेयजल संकट और ठोस कचरे का उचित निस्तारण बड़ी चुनौतियां हैं। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, नए इंफ्रास्ट्रक्चर और जेवर एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद के बीच शहरवासियों की नजर अब ऐसे विकास पर है। जिसमें उद्योग और रोजगार के साथ स्वच्छ हवा, पर्याप्त पानी, बेहतर सड़कें और रहने योग्य वातावरण भी सुनिश्चित हो।
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वर्जन
जिले ने औद्योगिक नगरी से स्मार्ट सिटी तक उल्लेखनीय विकास किया है। उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जिले ने नई उपलब्धियां हासिल की हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि विकास का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे। - आयुष सिन्हा, उपायुक्त, फरीदाबाद
जिले ने विकास के साथ कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में भी लगातार प्रगति की है। आधुनिक तकनीक, बेहतर पुलिसिंग और मजबूत यातायात व्यवस्था से शहर में सुरक्षा का माहौल और बेहतर हुआ है। - हिमाद्री कौशिक, डीसीपी हेडक्वार्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिला 15 अगस्त को अपना 47वां स्थापना दिवस मनाएगा। साल 1979 में प्रदेश का 12वां जिला बनने के बाद फरीदाबाद ने औद्योगिक नगरी से आधुनिक शहरी केंद्र तक का लंबा सफर तय किया है। उद्योगों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में शहर का तेजी से विस्तार हुआ है। हालांकि विकास की इस रफ्तार के बीच प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, जल संकट, जलभराव और कचरा प्रबंधन जैसी चुनौतियां भी शहर के सामने खड़ी हो गई हैं।
मेट्रो ने बढ़ाई दिल्ली-एनसीआर से कनेक्टिविटी
जिले के विकास में मेट्रो कनेक्टिविटी बड़ा बदलाव लेकर आई। सितंबर 2016 में बदरपुर बॉर्डर से वाईएमसीए चौक तक मेट्रो सेवा शुरू हुई, जिसे बाद में बल्लभगढ़ तक बढ़ाया गया। वर्तमान में शहर में 11 मेट्रो स्टेशन हैं। इसके अलावा दिल्ली-मथुरा हाईवे, बदरपुर फ्लाईओवर और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।
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शिक्षा और खेल में भी बढ़ा दायरा
कभी उच्च शिक्षा के लिए एक-दो कॉलेजों पर निर्भर रहने वाले जिले में अब 42 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थान हैं। जिले में 379 सरकारी और 550 से अधिक निजी स्कूल हैं। 1969 में शुरू हुआ वाईएमसीए इंजीनियरिंग संस्थान अब विश्वविद्यालय का रूप ले चुका है। खेल सुविधाओं में भी विस्तार हुआ है। एनआईटी स्थित राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का जीर्णोद्धार चल रहा है। सेक्टर-12 में राज्य स्तरीय खेल परिसर, सिंथेटिक ट्रैक, एस्ट्रो टर्फ और इंडोर स्टेडियम की सुविधा है। सेक्टर-31 में भी इंडोर खेल परिसर बनाया गया है, जबकि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए पैरालंपिक भवन का निर्माण हो रहा है।
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विकास के साथ बढ़ीं चुनौतियां
शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों ने प्रदूषण और जाम की समस्या बढ़ाई है। सर्दियों में वायु गुणवत्ता खराब होना, गिरता भूजल स्तर, कई इलाकों में पेयजल संकट और ठोस कचरे का उचित निस्तारण बड़ी चुनौतियां हैं। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, नए इंफ्रास्ट्रक्चर और जेवर एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद के बीच शहरवासियों की नजर अब ऐसे विकास पर है। जिसमें उद्योग और रोजगार के साथ स्वच्छ हवा, पर्याप्त पानी, बेहतर सड़कें और रहने योग्य वातावरण भी सुनिश्चित हो।
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वर्जन
जिले ने औद्योगिक नगरी से स्मार्ट सिटी तक उल्लेखनीय विकास किया है। उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जिले ने नई उपलब्धियां हासिल की हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि विकास का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे। - आयुष सिन्हा, उपायुक्त, फरीदाबाद
जिले ने विकास के साथ कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में भी लगातार प्रगति की है। आधुनिक तकनीक, बेहतर पुलिसिंग और मजबूत यातायात व्यवस्था से शहर में सुरक्षा का माहौल और बेहतर हुआ है। - हिमाद्री कौशिक, डीसीपी हेडक्वार्ट