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Faridabad News: विश्व होम्योपैथी दिवस

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 01:49 AM IST
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Increased interest in homeopathy, increase in number of patients
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होम्योपैथी के प्रति बढ़ा रुझान, मरीजों की संख्या में इजाफा
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पिछले तीन महीनों में जिला नागरिक अस्पताल में 3740 मरीजों ने होम्योपैथी से इलाज कराया

नीरज धर पाण्डेय

फरीदाबाद। जिले में वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के रूप में होम्योपैथी के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल सहित विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में जिला नागरिक अस्पताल में 3740 मरीजों ने होम्योपैथी से इलाज कराया है, जिससे इसकी बढ़ती स्वीकार्यता साफ नजर आ रही है।



अनंगपुर शहरी स्वास्थ्य केंद्र की होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. स्वाति ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 35 से 40 मरीज परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें त्वचा रोगियों की संख्या सबसे अधिक है, जबकि एलर्जी, श्वसन समस्याएं, पाचन विकार, मांसपेशियों का दर्द और वर्टिगो के मरीज भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। उनका कहना है कि होम्योपैथी में मरीज की संपूर्ण स्थिति को ध्यान में रखकर इलाज किया जाता है, जिससे बीमारी की जड़ पर असर होता है और लंबे समय तक राहत मिलती है।
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जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों-अनंगपुर, खेड़ी कला, तिगांव, कुराली सीएचसी और बल्लभगढ़ स्थित एम्स में भी हर महीने औसतन 1200 मरीज होम्योपैथी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कम दुष्प्रभाव और स्थायी राहत की उम्मीद के कारण लोग इस पद्धति की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।

एआई से मिली सलाह पर इलाज शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है



फरीदाबाद। डिजिटल युग में लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए पहले एआई आधारित प्लेटफॉर्म और हेल्थ एप का सहारा लेने लगे हैं। वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. अभिषेक कसाना ने कहा कि एआई केवल सामान्य जानकारी दे सकता है, लेकिन यह इलाज का विकल्प नहीं है। उन्होंने बताया कि होम्योपैथी में मरीज का समग्र उपचार किया जाता है, जहां एक ही बीमारी के अलग-अलग मरीजों की दवाइयां अलग हो सकती हैं। इंटरनेट के आधार पर स्वयं बीमारी तय करना या एआई से मिली सलाह पर इलाज शुरू करना कई बार जोखिम भरा हो सकता है।



डॉ. कसाना के मुताबिक, जेन-जी तेजी से डिजिटल हेल्थ की ओर बढ़ रही है और त्वरित समाधान चाहती है, लेकिन अस्थमा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के उपचार में समय लगता है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी शरीर की आंतरिक प्रणाली को संतुलित करती है और आम तौर पर सुरक्षित मानी जाती है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्लासिकल होम्योपैथी में दवा का चयन जटिल प्रक्रिया है और एआई मरीज की प्रकृति के अनुसार सटीक उपचार देने में सक्षम नहीं है।
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