{"_id":"69f24c9b21b61f6114021761","slug":"instructions-for-identification-of-rare-documents-of-the-district-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-68787-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: जिले के दुर्लभ दस्तावेज की पहचान के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: जिले के दुर्लभ दस्तावेज की पहचान के निर्देश
विज्ञापन
विज्ञापन
एडीसी अंजलि श्रोतिया ने सर्वेक्षण को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सहेजने के लिए केंद्र सरकार ने ज्ञान भारतम मिशन के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान चलाया है। इसको लेकर बुधवार को एडीसी अंजलि श्रोतिया की अध्यक्षता में जिला सचिवालय में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान एडीसी ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग जिले के मठों, मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और निजी पुस्तकालयों के प्रबंधकों से संपर्क कर दुर्लभ दस्तावेज की पहचान करें। उन्होंने कहा कि संरक्षण के दौरान आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, ताकि मूल दस्तावेजों को बिना नुकसान पहुंचाए उच्च गुणवत्ता वाला रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। इस मिशन के माध्यम से देश भर के मंदिरों, संस्थाओं और परिवारों के पास मौजूद दुर्लभ पांडुलिपियों और ताड़पत्रों को ज्ञान भारतम एप के जरिये सूचीबद्ध और डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा।
एडीसी ने बताया कि बजट 2025-26 में की गई घोषणा के अनुसार संस्कृति मंत्रालय इस पहल पर कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपि रखने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं का मालिकाना हक पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। आम नागरिक भी अपने पास मौजूद दुर्लभ दस्तावेजों की जानकारी एडीसी कार्यालय या एप के माध्यम से साझा कर सकते हैं। चिन्हित पांडुलिपियों को राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाएगा। बैठक में नगराधीश अंकित कुमार और जिला परिषद की सीईओ शिखा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सहेजने के लिए केंद्र सरकार ने ज्ञान भारतम मिशन के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान चलाया है। इसको लेकर बुधवार को एडीसी अंजलि श्रोतिया की अध्यक्षता में जिला सचिवालय में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान एडीसी ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग जिले के मठों, मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और निजी पुस्तकालयों के प्रबंधकों से संपर्क कर दुर्लभ दस्तावेज की पहचान करें। उन्होंने कहा कि संरक्षण के दौरान आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, ताकि मूल दस्तावेजों को बिना नुकसान पहुंचाए उच्च गुणवत्ता वाला रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। इस मिशन के माध्यम से देश भर के मंदिरों, संस्थाओं और परिवारों के पास मौजूद दुर्लभ पांडुलिपियों और ताड़पत्रों को ज्ञान भारतम एप के जरिये सूचीबद्ध और डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा।
एडीसी ने बताया कि बजट 2025-26 में की गई घोषणा के अनुसार संस्कृति मंत्रालय इस पहल पर कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपि रखने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं का मालिकाना हक पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। आम नागरिक भी अपने पास मौजूद दुर्लभ दस्तावेजों की जानकारी एडीसी कार्यालय या एप के माध्यम से साझा कर सकते हैं। चिन्हित पांडुलिपियों को राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाएगा। बैठक में नगराधीश अंकित कुमार और जिला परिषद की सीईओ शिखा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
