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Faridabad News: ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी संकट गहराया, लंबी कतारों और कालाबाजारी से आमजन बेहाल

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:02 AM IST
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LPG crisis deepens in rural areas, long queues and public distress from black market
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सिलिंडर की किल्लत का असर रसोई से बाजार तक, खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़े
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संवाद न्यूज एजेंसी


तिगांव। ग्रामीण इलाकों में इन दिनों एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जहां लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई उपभोक्ताओं को एक सिलिंडर पाने के लिए पूरा दिन खर्च करना पड़ रहा है, जिससे उनका कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां एक ओर एजेंसियों पर सिलिंडर की कमी बताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर कालाबाजारी भी तेजी से बढ़ रही है। खुलेआम गैस सिलिंडर अधिक कीमतों पर बेचे जा रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लिए रसोई चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
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एलपीजी संकट का असर अब बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गैस से तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। क्षेत्र में समोसे, पकौड़े और अन्य खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ गए हैं। जहां पहले आम आदमी कम कीमत में पेट भर सकता था, वहीं अब उसे दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले जहां 20 से 22 दिनों में नया सिलिंडर मिल जाता था, वहीं अब 30 से 35 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में लोग मजबूर होकर या तो लकड़ी और अन्य साधनों का सहारा ले रहे हैं या महंगे दामों पर गैस खरीदने को विवश हैं।

प्रशासन की ओर से अभी तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।


मैं नाई की दुकान चलाता हूं , गैस लेने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है। पूरा दिन लाइन में ही निकल जाता है, जिससे हमारी दुकानदारी प्रभावित हो रही है और आमदनी पर असर पड़ रहा है। - राकेश

मैं दिहाड़ी मजदूरी करता हूं । पहले 50-60 रुपये में खाना मिल जाता था, लेकिन अब वही प्लेट 100 रुपये से ऊपर हो गई है। गैस महंगी होने का सीधा असर हमारे खाने पर पड़ रहा है। -अजय

क्षेत्र में गैस सिलिंडर की कालाबाजारी हो रही है। जो सिलिंडर सरकारी रेट पर मिलना चाहिए, वह ब्लैक में 2000 से 2500 रुपये तक बेचा जा रहा है। -सोनू


अब गैस का इस्तेमाल भी सोच-समझकर करना पड़ रहा है। पहले 21 दिन में सिलिंडर मिल जाता था, लेकिन अब 35 दिन तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है। -पुनीत, स्थानीय निवासी
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