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Faridabad News: वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियां रोक रहीं एचपीवी टीकाकरण की रफ्तार
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21,500 किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य, अब तक 10 प्रतिशत ही हो पाया पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में फरीदाबाद की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। जिले में करीब 21,500 किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन अब तक केवल करीब 10 प्रतिशत बालिकाओं का ही टीकाकरण हो पाया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जागरूकता की कमी और वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियां अभियान की धीमी प्रगति का प्रमुख कारण हैं।
जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के तहत अब तक 1,500 से अधिक डोज दी जा चुकी हैं। हालांकि हाल के दिनों में टीकाकरण की रफ्तार में कुछ सुधार दर्ज किया गया है और एक दिन में 111 डोज तक दी गई हैं, लेकिन जिले का कुल कवरेज अभी भी राज्य के अग्रणी जिलों की तुलना में काफी कम है।
हरियाणा में एचपीवी टीकाकरण कवरेज में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यूविन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 2.26 लाख लक्षित किशोरियों में से 27,227 का टीकाकरण किया जा चुका है। राज्य का कुल कवरेज 23 अप्रैल को लगभग छह प्रतिशत से बढ़कर चार मई तक 12 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
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करनाल और यमुनानगर सबसे आगे
राज्य में करनाल और यमुनानगर एचपीवी टीकाकरण अभियान में सबसे आगे हैं। करनाल में 56 प्रतिशत और कुरुक्षेत्र में 51 प्रतिशत कवरेज दर्ज किया गया है, जबकि यमुनानगर में 45 प्रतिशत बालिकाओं को वैक्सीन लग चुकी है। इसके विपरीत फरीदाबाद का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है।
स्कूलों और आशा कार्यकर्ताओं पर बढ़ी जिम्मेदारी
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को गति देने के लिए स्कूलों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद लेना शुरू किया है। स्कूलों में पात्र छात्राओं की पहचान की जा रही है, जबकि स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। झुग्गी बस्तियों, निर्माण स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है वैक्सीन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामले एचपीवी संक्रमण से जुड़े होते हैं। भारत में हर वर्ष लगभग 79 हजार नए मामले सामने आते हैं और करीब 35 हजार महिलाओं की मौत इस बीमारी से होती है। ऐसे में समय पर एचपीवी वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है।
एचपीवी वैक्सीन को लेकर जागरूकता की कमी और अभिभावकों में फैली कुछ भ्रांतियां टीकाकरण की धीमी रफ्तार का सबसे बड़ा कारण हैं। स्वास्थ्य विभाग स्कूलों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में प्रभावी है।-डॉ. रचना मिश्रा, जिला टीकाकरण अधिकारी
हरियाणा के अन्य जिलों की स्थिति
करनाल: 56%
कुरुक्षेत्र: 51%
कैथल: 46%
यमुनानगर: 45%
भिवानी: 20%
रेवाड़ी: 20%
पलवल: 21%
पानीपत: 19%
महेंद्रगढ़: 19%
चरखी दादरी: 18%
अंबाला: 17%
गुरुग्राम: 17%
सोनीपत: 17%
पंचकूला: 16%
फतेहाबाद: 10%
नूंह (मेवात): 9% - 10%
रोहतक: 9%
हिसार: 7%
सिरसा: 6%
झज्जर: 5%
जींद: 4%
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में फरीदाबाद की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। जिले में करीब 21,500 किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन अब तक केवल करीब 10 प्रतिशत बालिकाओं का ही टीकाकरण हो पाया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि जागरूकता की कमी और वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियां अभियान की धीमी प्रगति का प्रमुख कारण हैं।
जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के तहत अब तक 1,500 से अधिक डोज दी जा चुकी हैं। हालांकि हाल के दिनों में टीकाकरण की रफ्तार में कुछ सुधार दर्ज किया गया है और एक दिन में 111 डोज तक दी गई हैं, लेकिन जिले का कुल कवरेज अभी भी राज्य के अग्रणी जिलों की तुलना में काफी कम है।
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हरियाणा में एचपीवी टीकाकरण कवरेज में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यूविन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 2.26 लाख लक्षित किशोरियों में से 27,227 का टीकाकरण किया जा चुका है। राज्य का कुल कवरेज 23 अप्रैल को लगभग छह प्रतिशत से बढ़कर चार मई तक 12 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
करनाल और यमुनानगर सबसे आगे
राज्य में करनाल और यमुनानगर एचपीवी टीकाकरण अभियान में सबसे आगे हैं। करनाल में 56 प्रतिशत और कुरुक्षेत्र में 51 प्रतिशत कवरेज दर्ज किया गया है, जबकि यमुनानगर में 45 प्रतिशत बालिकाओं को वैक्सीन लग चुकी है। इसके विपरीत फरीदाबाद का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है।
स्कूलों और आशा कार्यकर्ताओं पर बढ़ी जिम्मेदारी
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को गति देने के लिए स्कूलों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद लेना शुरू किया है। स्कूलों में पात्र छात्राओं की पहचान की जा रही है, जबकि स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। झुग्गी बस्तियों, निर्माण स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है वैक्सीन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामले एचपीवी संक्रमण से जुड़े होते हैं। भारत में हर वर्ष लगभग 79 हजार नए मामले सामने आते हैं और करीब 35 हजार महिलाओं की मौत इस बीमारी से होती है। ऐसे में समय पर एचपीवी वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है।
एचपीवी वैक्सीन को लेकर जागरूकता की कमी और अभिभावकों में फैली कुछ भ्रांतियां टीकाकरण की धीमी रफ्तार का सबसे बड़ा कारण हैं। स्वास्थ्य विभाग स्कूलों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में प्रभावी है।-डॉ. रचना मिश्रा, जिला टीकाकरण अधिकारी
हरियाणा के अन्य जिलों की स्थिति
करनाल: 56%
कुरुक्षेत्र: 51%
कैथल: 46%
यमुनानगर: 45%
भिवानी: 20%
रेवाड़ी: 20%
पलवल: 21%
पानीपत: 19%
महेंद्रगढ़: 19%
चरखी दादरी: 18%
अंबाला: 17%
गुरुग्राम: 17%
सोनीपत: 17%
पंचकूला: 16%
फतेहाबाद: 10%
नूंह (मेवात): 9% - 10%
रोहतक: 9%
हिसार: 7%
सिरसा: 6%
झज्जर: 5%
जींद: 4%